{"_id":"6928a12ce3a821246208acff","slug":"it-was-the-sons-who-murdered-the-former-village-head-and-his-wife-shravasti-news-c-104-1-slko1011-116047-2025-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shravasti News: बेटों ने ही की थी पूर्व प्रधान व उनकी पत्नी की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shravasti News: बेटों ने ही की थी पूर्व प्रधान व उनकी पत्नी की हत्या
Fri, 28 Nov 2025 12:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 28 Nov 2025 12:36 AM IST
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में हत्या के आरोपी। - स्रोत: पुलिस
श्रावस्ती/इकौना। ग्राम पंचायत खांवा पोखर निवासी पूर्व प्रधान मोहम्मद रोशन खां व उनकी पत्नी वसीला की हत्या उनके ही बेटों ने की थी। बृहस्पतिवार को पुलिस ने घटना का खुलासा कर हत्या में शामिल तीनों बेटों व हत्या की साजिश रचने वाले अधिवक्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दंपती की हत्या कारण उनकी अकूत संपत्ति बनी।
हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी राहुल भाटी ने बताया कि मोहम्मद रोशन खां के नाम करोड़ों की संपत्ति और इकौना कस्बे में तीन दुकानें हैं। ग्राम पंचायत मझऊवा सुमाल के मजरा पतेढ़ा निवासी अधिवक्ता प्रभाकर त्रिपाठी उर्फ रिंकू त्रिपाठी ने वसीला को अपने पक्ष में करके रोशन खां की दुकानों को दान के तौर पर अपने नाम करवा लिया।
इसके साथ ही उसी दिन दुकानों का फर्जी बैनामा अपने नाम करवा लिया। उसने बैनामे में 10 लाख रुपये का चेक देना दिखाया, लेकिन वसीला ने अपने खाते में रुपये नहीं लिए, क्योंकि दुकान का रेट बहुत कम लिखा गया था। वसीला ने अपना बैंक खाता भी होल्ड करवा लिया, ताकि अधिवक्ता रिंकू त्रिपाठी किसी माध्यम से उसके खाते में रुपये न भेज सके।
विज्ञापन
वसीला ने दीवानी न्यायालय श्रावस्ती में बैनामा कैंसिलेशन का वाद दायर कर दिया, जो न्यायालय में विचाराधीन है। यही नहीं, वसीला ने दुकान का गलत बैनामा करवाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करवाने के लिए तहरीर भी दी।
अधिवक्ता रिंकू त्रिपाठी ने इसी बीच फर्जी तरीके से कम दाम में बैनामा की हुई दुकानों में से एक दुकान 70- 80 लाख रुपये में बेच दी। खुद को मुकदमे में फंसता देख अधिवक्ता रिंकू त्रिपाठी रोशन खां की पहली पत्नी के बेटों नसीब व हसीब और वसीला के पहले पति के बड़े बेटे मुजीब को प्रलोभन देकर अपने साथ मिला लिया और रोशन खां व वसीला की हत्या की साजिश रच डाली।
सोते समय बांस के डंडे से दबा दिया गला
एसपी ने बताया कि कड़ाई से पूछताछ के दौरान नसीब, मुसीब व हसीब ने बताया कि वो लोग अधिवक्ता प्रभाकर त्रिपाठी उर्फ रिंकू त्रिपाठी के बहकावे में आकर पिता को बिना बताए संपत्ति को कम दाम में बेचने, फर्जी बैनामा होने व जांच के दौरान मुकदमे में फंसने से डरे हुए थे। इसी के चलते तीनाें ने सोते समय बांस के डंडे से अपने पिता मोहम्मद रोशन खां व मां वसीला की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बांस का डंडा भी बरामद कर लिया है।
विज्ञापन
हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी राहुल भाटी ने बताया कि मोहम्मद रोशन खां के नाम करोड़ों की संपत्ति और इकौना कस्बे में तीन दुकानें हैं। ग्राम पंचायत मझऊवा सुमाल के मजरा पतेढ़ा निवासी अधिवक्ता प्रभाकर त्रिपाठी उर्फ रिंकू त्रिपाठी ने वसीला को अपने पक्ष में करके रोशन खां की दुकानों को दान के तौर पर अपने नाम करवा लिया।
विज्ञापन
इसके साथ ही उसी दिन दुकानों का फर्जी बैनामा अपने नाम करवा लिया। उसने बैनामे में 10 लाख रुपये का चेक देना दिखाया, लेकिन वसीला ने अपने खाते में रुपये नहीं लिए, क्योंकि दुकान का रेट बहुत कम लिखा गया था। वसीला ने अपना बैंक खाता भी होल्ड करवा लिया, ताकि अधिवक्ता रिंकू त्रिपाठी किसी माध्यम से उसके खाते में रुपये न भेज सके।
विज्ञापन
वसीला ने दीवानी न्यायालय श्रावस्ती में बैनामा कैंसिलेशन का वाद दायर कर दिया, जो न्यायालय में विचाराधीन है। यही नहीं, वसीला ने दुकान का गलत बैनामा करवाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करवाने के लिए तहरीर भी दी।
अधिवक्ता रिंकू त्रिपाठी ने इसी बीच फर्जी तरीके से कम दाम में बैनामा की हुई दुकानों में से एक दुकान 70- 80 लाख रुपये में बेच दी। खुद को मुकदमे में फंसता देख अधिवक्ता रिंकू त्रिपाठी रोशन खां की पहली पत्नी के बेटों नसीब व हसीब और वसीला के पहले पति के बड़े बेटे मुजीब को प्रलोभन देकर अपने साथ मिला लिया और रोशन खां व वसीला की हत्या की साजिश रच डाली।
सोते समय बांस के डंडे से दबा दिया गला
एसपी ने बताया कि कड़ाई से पूछताछ के दौरान नसीब, मुसीब व हसीब ने बताया कि वो लोग अधिवक्ता प्रभाकर त्रिपाठी उर्फ रिंकू त्रिपाठी के बहकावे में आकर पिता को बिना बताए संपत्ति को कम दाम में बेचने, फर्जी बैनामा होने व जांच के दौरान मुकदमे में फंसने से डरे हुए थे। इसी के चलते तीनाें ने सोते समय बांस के डंडे से अपने पिता मोहम्मद रोशन खां व मां वसीला की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बांस का डंडा भी बरामद कर लिया है।