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जिले के 208 मनरेगा कार्मिकों का बढ़ा मानदेय
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श्रावस्ती। जिले में कार्यरत 208 मनरेगा कार्मिकों को दो अक्तूबर से बढ़ा मानदेय मिलेगा। इस पर प्रतिवर्ष 80 लाख 11 हजार 920 रुपये अतिरिक्त भार आएगा। शासन की ओर से किए गए मानदेय बढ़ोत्तरी के बाद मनरेगा कार्मिकों में खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि मनरेगा कार्मिक अभी भी बढ़े मानदेय को कम बता रहे हैं।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत जिले में 208 मनरेगा कार्मिक कार्यरत हैं। इनमें 178 रोजगार सेवक, 14 तकनीकि सहायक, पांच कंप्यूटर ऑपरेटर, दो लेखा सहायक, पांच अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, तीन ब्लॉक सोशल आडिट कोआर्डिनेटर व एक डिस्ट्रिक्ट सोशल ऑडिट कोआर्डिनेटर शामिल हैं। जिनके मानदेय में 2500 से 3300 रुपये तक की बढ़ोत्तरी की गई है। जिसका सीधा लाभ 208 मनरेगा कार्मिकों को मिलेगा।
शासन की ओर से की गई इस मानदेय बढ़ोत्तरी की घोषणा के बाद मनरेगा कार्मिकों में खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि मनरेगा कार्मिक शासन की ओर से गई इस मानदेय बढ़ोत्तरी को कार्य के अनुसार कम बता रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को चाहिए कि उनके मानदेय में कम से कम दो से ढाई गुना की बढ़ोत्तरी होनी चाहिए। उन्हें जो बढ़ा मानदेय मिलेगा उतने पैसे में परिवार व घर खर्च चला पाना मुश्किल होगा। शासन की ओर से किए गए इस मानदेय बढ़ोत्तरी के बाद सरकार पर प्रति माह 6,67,660 रुपये व प्रतिवर्ष 80 लाख 11 हजार 920 रुपये अतिरिक्त भार आएगा।
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इनकी इतनी हुई बढ़ोत्तरी
पद अब तक बढ़ोत्तरी के बाद
रोजगार सेवक 6780 10000
तकनीकि सहायक 12656 15656
कंप्यूटर आपरेटर 12656 15156
लेखा सहायक 12656 15156
अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी 31640 34140
ब्लाक सोशल आडिट क्वार्डिनेटर 11600 14100
डिस्ट्रिक्ट सोशल आडिट क्वार्डिनेटर 17400 19900
दो रोजगार सेवकों को फिर मिलेगा सेवा का अवसर
नगर पालिका परिषद भिनगा के सीमा विस्तार के कारण ग्राम पंचायत टंड़वा बनकटवा व पूरेखैरी नगर पालिका में शामिल कर लिया गया था। जिसके बाद इन दोनों ग्राम पंचायतों का वजूद समाप्त हो गया था। इसके चलते ग्राम पंचायत टंड़वा बनकटवा में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक सतीश कुमार सिंह व पूरेखैरी में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक सुधीर कुमार गुप्ता ग्राम पंचायत न होने के कारण सेवा मुक्त हो गए थे। जिन्हें अब इसी पद पर आसपास की ग्राम पंचायतों में समायोजित किया जाएगा। इसके साथ ही जिले की ऐसी ग्राम रोजगार सेवक जो अपने मायके में रह कर ग्राम सेवक के पद पर कार्य कर रही थी। लेकिन विवाह हो जाने के कारण उन्हें सेवा मुक्त कर दिया गया था। उन्हें भी उनकी ससुराल के आसपास गांवों में समायोजित किया जाएगा। इसके लिए अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने आयुक्त ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश को पत्र भेजा है। जिसमें कहा है कि 16 सितंबर 2020 से पूर्व सेवा दे रहे रोजगार सेवक जो सीमा विस्तार के बाद अथवा कहीं अन्यत्र विवाह हो जाने के कारण सेवा मुक्त कर दिए गए थे। उन्हें नजदीकी ग्राम पंचायत में समायोजित किया जाए।
अब नहीं रहेगा रोजी-रोटी का संकट
ग्राम पंचायत टंड़वा बनकटवा में कार्यरत रहे ग्राम रोजगार सेवक सतीश कुमार सिंह का कहना है कि नगर सीमा विस्तार के बाद से वह पूरी तरह बेरोजगार हो गए थे। इसके चलते उनके सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया था। सरकार के इस फैसले के बाद उम्मीद की एक नई किरण जगी है। पूरेखैरी में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक सुधीर कुमार गुप्ता का कहना है कि वह पद मुक्त होने के बाद से नौकरी की तलाश में भटक रहे थे। लेकिन कहीं कोई नौकरी नहीं मिली। अब वह पूरी तरह से मायूस हो चुके थे। लेकिन सरकार के इस फैसले से उनमें एक नया अहसास जगा है। अब वह भी अन्य की भांति सामान्य जीवन जी सकेंगे।
अपर मुख्य सचिव व आयुक्त ग्राम्य विकास की ओर से जारी शासनादेश जिले को प्राप्त हो चुका है। जिसका अक्षरश: अनुपालन कराया जाएगा। सीमा विस्तार के बाद सेवा मुक्त हुए ग्राम रोजगार सेवकों का समायोजन करने के साथ ही मनरेगा कार्मिकों को दो अक्तूबर से बढ़े मानदेय का लाभ दिया जाएगा। -ईशान प्रताप सिंह, सीडीओ
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत जिले में 208 मनरेगा कार्मिक कार्यरत हैं। इनमें 178 रोजगार सेवक, 14 तकनीकि सहायक, पांच कंप्यूटर ऑपरेटर, दो लेखा सहायक, पांच अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, तीन ब्लॉक सोशल आडिट कोआर्डिनेटर व एक डिस्ट्रिक्ट सोशल ऑडिट कोआर्डिनेटर शामिल हैं। जिनके मानदेय में 2500 से 3300 रुपये तक की बढ़ोत्तरी की गई है। जिसका सीधा लाभ 208 मनरेगा कार्मिकों को मिलेगा।
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शासन की ओर से की गई इस मानदेय बढ़ोत्तरी की घोषणा के बाद मनरेगा कार्मिकों में खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि मनरेगा कार्मिक शासन की ओर से गई इस मानदेय बढ़ोत्तरी को कार्य के अनुसार कम बता रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को चाहिए कि उनके मानदेय में कम से कम दो से ढाई गुना की बढ़ोत्तरी होनी चाहिए। उन्हें जो बढ़ा मानदेय मिलेगा उतने पैसे में परिवार व घर खर्च चला पाना मुश्किल होगा। शासन की ओर से किए गए इस मानदेय बढ़ोत्तरी के बाद सरकार पर प्रति माह 6,67,660 रुपये व प्रतिवर्ष 80 लाख 11 हजार 920 रुपये अतिरिक्त भार आएगा।
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इनकी इतनी हुई बढ़ोत्तरी
पद अब तक बढ़ोत्तरी के बाद
रोजगार सेवक 6780 10000
तकनीकि सहायक 12656 15656
कंप्यूटर आपरेटर 12656 15156
लेखा सहायक 12656 15156
अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी 31640 34140
ब्लाक सोशल आडिट क्वार्डिनेटर 11600 14100
डिस्ट्रिक्ट सोशल आडिट क्वार्डिनेटर 17400 19900
दो रोजगार सेवकों को फिर मिलेगा सेवा का अवसर
नगर पालिका परिषद भिनगा के सीमा विस्तार के कारण ग्राम पंचायत टंड़वा बनकटवा व पूरेखैरी नगर पालिका में शामिल कर लिया गया था। जिसके बाद इन दोनों ग्राम पंचायतों का वजूद समाप्त हो गया था। इसके चलते ग्राम पंचायत टंड़वा बनकटवा में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक सतीश कुमार सिंह व पूरेखैरी में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक सुधीर कुमार गुप्ता ग्राम पंचायत न होने के कारण सेवा मुक्त हो गए थे। जिन्हें अब इसी पद पर आसपास की ग्राम पंचायतों में समायोजित किया जाएगा। इसके साथ ही जिले की ऐसी ग्राम रोजगार सेवक जो अपने मायके में रह कर ग्राम सेवक के पद पर कार्य कर रही थी। लेकिन विवाह हो जाने के कारण उन्हें सेवा मुक्त कर दिया गया था। उन्हें भी उनकी ससुराल के आसपास गांवों में समायोजित किया जाएगा। इसके लिए अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने आयुक्त ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश को पत्र भेजा है। जिसमें कहा है कि 16 सितंबर 2020 से पूर्व सेवा दे रहे रोजगार सेवक जो सीमा विस्तार के बाद अथवा कहीं अन्यत्र विवाह हो जाने के कारण सेवा मुक्त कर दिए गए थे। उन्हें नजदीकी ग्राम पंचायत में समायोजित किया जाए।
अब नहीं रहेगा रोजी-रोटी का संकट
ग्राम पंचायत टंड़वा बनकटवा में कार्यरत रहे ग्राम रोजगार सेवक सतीश कुमार सिंह का कहना है कि नगर सीमा विस्तार के बाद से वह पूरी तरह बेरोजगार हो गए थे। इसके चलते उनके सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया था। सरकार के इस फैसले के बाद उम्मीद की एक नई किरण जगी है। पूरेखैरी में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक सुधीर कुमार गुप्ता का कहना है कि वह पद मुक्त होने के बाद से नौकरी की तलाश में भटक रहे थे। लेकिन कहीं कोई नौकरी नहीं मिली। अब वह पूरी तरह से मायूस हो चुके थे। लेकिन सरकार के इस फैसले से उनमें एक नया अहसास जगा है। अब वह भी अन्य की भांति सामान्य जीवन जी सकेंगे।
अपर मुख्य सचिव व आयुक्त ग्राम्य विकास की ओर से जारी शासनादेश जिले को प्राप्त हो चुका है। जिसका अक्षरश: अनुपालन कराया जाएगा। सीमा विस्तार के बाद सेवा मुक्त हुए ग्राम रोजगार सेवकों का समायोजन करने के साथ ही मनरेगा कार्मिकों को दो अक्तूबर से बढ़े मानदेय का लाभ दिया जाएगा। -ईशान प्रताप सिंह, सीडीओ