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Shravasti News: संभावित बाढ़ को देखते हुए राहत व बचाव कार्य की पूरी करें तैयारी
Thu, 15 May 2025 03:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Thu, 15 May 2025 03:11 AM IST
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कलेक्ट्रेट सभागर में बैठक करते डीएम।
श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को संभावित बाढ़ को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक डीएम अजय कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने कहा कि आपदा से पूर्व व बाद की कार्ययोजना बनाकर जनसमुदाय को राहत पहुंचाना हमारा दायित्व है। संभावित बाढ़ को देखते हुए राहत व बचाव के सभी इंतजाम समय से पूरे करें।
उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ को देखते हुए अधिकारी अपनी कार्य योजना विगत वर्षो में आई बाढ़ के अनुभवों के आधार पर तैयार कर लें, ताकि बाढ़ आने पर पीड़ितों को राहत व सहायता दी जा सके। गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद करें। उनके सुझावों के आधार पर राहत व बचाव कार्य की तैयारियां पूरी करें। जिन बांधों व स्पर की मरम्मत चल रही है, संबंधित अधिशासी अभियंता उसे युद्धस्तर पर पूरा कराएं। अगर कहीं मरम्मत की जरूरत है तो उसे भी तत्काल करवाएं। सभी एसडीएम बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में स्थलीय निरीक्षण कर राहत शिविर की स्थापना, अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती, नाव व नाविक की सूची, ब्लॉक व ग्राम आपदा प्रबंधन समिति का गठन, जीवन रक्षक उपकरण, मोटर बोट, बाढ़ चौकियों, नाव, गोताखोर आदि की व्यवस्था की रिपोर्ट तैयार कर लें। साथ ही उसकी टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी कर लें।
विद्युत विभाग के अभियंता बाढ़ की स्थिति में विद्युत आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था करें। राहत वितरण, खाद्यान्न सामग्री का पैकेट आदि वितरण के संबंध में जो निविदा पास होती है, उन फर्मों को भी संबंधित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पहले ही बता दें। संभावित बाढ़ को देखते हुए पशुओं को चारे की कोई दिक्कत न होने पाए। इसके लिए सीवीओ भूसा व हरे चारे की व्यवस्था व पशुओं को बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण कराएं। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों के मोबाइल नंबर सहित सूची बनाएं। डीपीआरओ को विद्यालयों में शौचालयों व हैंडपंप वाले स्थलों की सफाई कराने तथा ईओ को पानी के लिए टैंकर तैयार रखने का निर्देश दिया। एसडीएम, तहसीलदार, नोडल अधिकारियों व बाढ़ चौकी प्रभारियों को नदी के जलस्तर पर नजर रखें। इस दौरान एडीएम अमरेंद्र कुमार वर्मा सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ को देखते हुए अधिकारी अपनी कार्य योजना विगत वर्षो में आई बाढ़ के अनुभवों के आधार पर तैयार कर लें, ताकि बाढ़ आने पर पीड़ितों को राहत व सहायता दी जा सके। गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद करें। उनके सुझावों के आधार पर राहत व बचाव कार्य की तैयारियां पूरी करें। जिन बांधों व स्पर की मरम्मत चल रही है, संबंधित अधिशासी अभियंता उसे युद्धस्तर पर पूरा कराएं। अगर कहीं मरम्मत की जरूरत है तो उसे भी तत्काल करवाएं। सभी एसडीएम बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में स्थलीय निरीक्षण कर राहत शिविर की स्थापना, अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती, नाव व नाविक की सूची, ब्लॉक व ग्राम आपदा प्रबंधन समिति का गठन, जीवन रक्षक उपकरण, मोटर बोट, बाढ़ चौकियों, नाव, गोताखोर आदि की व्यवस्था की रिपोर्ट तैयार कर लें। साथ ही उसकी टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी कर लें।
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विद्युत विभाग के अभियंता बाढ़ की स्थिति में विद्युत आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था करें। राहत वितरण, खाद्यान्न सामग्री का पैकेट आदि वितरण के संबंध में जो निविदा पास होती है, उन फर्मों को भी संबंधित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पहले ही बता दें। संभावित बाढ़ को देखते हुए पशुओं को चारे की कोई दिक्कत न होने पाए। इसके लिए सीवीओ भूसा व हरे चारे की व्यवस्था व पशुओं को बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण कराएं। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों के मोबाइल नंबर सहित सूची बनाएं। डीपीआरओ को विद्यालयों में शौचालयों व हैंडपंप वाले स्थलों की सफाई कराने तथा ईओ को पानी के लिए टैंकर तैयार रखने का निर्देश दिया। एसडीएम, तहसीलदार, नोडल अधिकारियों व बाढ़ चौकी प्रभारियों को नदी के जलस्तर पर नजर रखें। इस दौरान एडीएम अमरेंद्र कुमार वर्मा सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे।
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