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Shravasti News: तीन भाई-बहनों सहित चार बच्चे नाले में डूबे, दो की मौत
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घटना के बाद बिलखते परिजन व जांच करती पुलिस।
श्रावस्ती/सिरसिया। भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित ग्राम पंचायत तालबघोड़ा के मजरा मदारगढ़ निवासी तीन सगे भाई-बहनों सहित चार बच्चे मंगलवार दोपहर पहाड़ी नाले में डूब गए। राहगीर ने कड़ी मशक्कत कर दो बहनों को तो बचा लिया, लेकिन पानी का बहाव अधिक होने से दो बालक लापता हो गए। घंटों खोजबीन के बाद दोनों के शव घटना स्थल में चार किमी दूर मिल गए। दो बालकों की मौत से गांव में मातम पसर गया।
सिरसिया थाने क्षेत्र के मदारगढ़ निवासी सगी बहनें शहनाज (12) व गुलनाज (10) मंगलवार दोपहर अपने भाई शहरेआलम (07) व पड़ोसी मुख्तार (08) के साथ गांव के निकट स्थित धनुहा चेकडैम के पास बकरी चराने गई थीं। इस दौरान उमस से बचने के लिए सभी गंजरी पहाड़ी नाले में नहाने लगे। नेपाल के पहाड़ों पर हुई बारिश से अचानक नाले में पानी बढ़ गया और बहाव में चारों बच्चे डूबने लगे। बच्चों की चीख सुन तालबघोड़ा निवासी असगर अली मौके पर पहुंचे। उन्होंने कड़ी मेहनत कर शहनाज व गुलनाज को तो बचा लिया, लेकिन शहरेआलम और मुख्तार पानी के तेज बहाव में साथ बह गए। बच्चों के डूबने की सूचना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने बच्चों की तलाश शुरू की। तलाश के दौरान दोनों के शव मिल गए। घटना की सूचना पर नायब तहसीलदार शुभम तिवारी, सिरसिया थानाध्यक्ष सौरभ सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की।
चार किमी दूर मिले दोनों शव
नाले में पानी का बहाव कितना तेज था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों बच्चों के शव बहकर चार किमी दूर पहुंच गए। तलाश के दौरान सोनपुर और हेमपुर गांव के बीच उनके शव मिले। मादरगढ़ निवासी रोज अली, इकरार, इरफान, गुड़ाई, शम्सुद्दीन आदि ग्रामीणों ने शव देखकर इसकी सूचना परिजनों को दी तो घर में चीख पुकार मच गई।
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पोस्टमार्टम करवाने से किया इन्कार
हादसे की सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार शुभम तिवारी व थाना प्रभारी सौरभ सिंह ने परिजनों से पोस्टमार्टम करवाने की बात कही, लेकिन मुख्तार के पिता अनीस व शहरेआलम के पिता शमशेर अली ने इससे इन्कार कर दिया। दोनों ने मौत कारण स्पष्ट होने का हवाला देते हुए मना कर दिया।
ये बोले अधिकारी
घटना की सूचना पर मौके और पहुंचे थे। मृतक बच्चों के परिजनों से पोस्टमार्टम करवाने की अपील की थी, लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया। इसके बाद विधिक कार्रवाई कर उन्हें शव सौंप दिए गए। -शुभम तिवारी, नायब तहसीलदार
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सिरसिया थाने क्षेत्र के मदारगढ़ निवासी सगी बहनें शहनाज (12) व गुलनाज (10) मंगलवार दोपहर अपने भाई शहरेआलम (07) व पड़ोसी मुख्तार (08) के साथ गांव के निकट स्थित धनुहा चेकडैम के पास बकरी चराने गई थीं। इस दौरान उमस से बचने के लिए सभी गंजरी पहाड़ी नाले में नहाने लगे। नेपाल के पहाड़ों पर हुई बारिश से अचानक नाले में पानी बढ़ गया और बहाव में चारों बच्चे डूबने लगे। बच्चों की चीख सुन तालबघोड़ा निवासी असगर अली मौके पर पहुंचे। उन्होंने कड़ी मेहनत कर शहनाज व गुलनाज को तो बचा लिया, लेकिन शहरेआलम और मुख्तार पानी के तेज बहाव में साथ बह गए। बच्चों के डूबने की सूचना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने बच्चों की तलाश शुरू की। तलाश के दौरान दोनों के शव मिल गए। घटना की सूचना पर नायब तहसीलदार शुभम तिवारी, सिरसिया थानाध्यक्ष सौरभ सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की।
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चार किमी दूर मिले दोनों शव
नाले में पानी का बहाव कितना तेज था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों बच्चों के शव बहकर चार किमी दूर पहुंच गए। तलाश के दौरान सोनपुर और हेमपुर गांव के बीच उनके शव मिले। मादरगढ़ निवासी रोज अली, इकरार, इरफान, गुड़ाई, शम्सुद्दीन आदि ग्रामीणों ने शव देखकर इसकी सूचना परिजनों को दी तो घर में चीख पुकार मच गई।
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पोस्टमार्टम करवाने से किया इन्कार
हादसे की सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार शुभम तिवारी व थाना प्रभारी सौरभ सिंह ने परिजनों से पोस्टमार्टम करवाने की बात कही, लेकिन मुख्तार के पिता अनीस व शहरेआलम के पिता शमशेर अली ने इससे इन्कार कर दिया। दोनों ने मौत कारण स्पष्ट होने का हवाला देते हुए मना कर दिया।
ये बोले अधिकारी
घटना की सूचना पर मौके और पहुंचे थे। मृतक बच्चों के परिजनों से पोस्टमार्टम करवाने की अपील की थी, लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया। इसके बाद विधिक कार्रवाई कर उन्हें शव सौंप दिए गए। -शुभम तिवारी, नायब तहसीलदार

घटना के बाद बिलखते परिजन व जांच करती पुलिस।