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Shravasti News: रेल मंत्री से बोले पूर्व सांसद झारखंडी पर नहीं ठहरतीं ट्रेनें
Sat, 02 Aug 2025 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 02 Aug 2025 12:27 AM IST
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रेलमंत्री से मुलाकात करते पूर्व सांसद। स्रोत : स्वयं
श्रावस्ती। ट्रेनों का संचालन व ठहराव झारखंडी रेलवे स्टेशन पर कराने की मांग को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष व पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा ने रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से गत दिवस मुलाकात की।
रेलमंत्री को प्रार्थना पत्र देकर जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा है कि श्रावस्ती निवासियों के लिए गोंडा-बलरामपुर-गोरखपुर रेलमार्ग किसी संजीवनी से कम नहीं है लेकिन बलरामपुर रेलवे स्टेशन नगर के बाहर पड़ता है। श्रावस्ती व बलरामपुर के लोगों के लिए झारखंडी रेलवे स्टेशन सुलभ है।
उन्होंने मांग की कि वाराणसी-गोंडा-बहराइच इंटरसिटी एक्सप्रेस (14214) का साप्ताहिक संचालन बलरामपुर से किया जाए। गोरखपुर ऐशबाग इंटरसिटी एक्सप्रेस (15069 15070) का ठहराव बलरामपुर नगर के मध्य स्थित झारखंडी रेलवे स्टेशन पर भी किया जाए।
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बलरामपुर से चेन्नई बेंगलुरु हैदराबाद व अन्य महानगरों से ट्रेनों का संचालन हो जिससे बलरामपुर-श्रावस्ती के प्रवासी कामगारों के लिए सुविधा हो सके। कहा, यात्रियों की सुविधा के लिए गोरखपुर-पीलीभीत एक्सप्रेस (15009-15010) का संचालन नियमित रूप से किया जाए।
रेल मंत्री से मिले पूर्व सांसद
रेलमंत्री से गत दिवस मिले जिला पंचायत अध्यक्ष व पूर्व सांसद ने उनको प्रार्थना पत्र देकर कहा कि श्रावस्ती देश का शायद एकमात्र ऐसा जिला है जहां से कोई भी रेल लाइन नहीं गुजरती। जिले में कुछ तो ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने आज तक रेलगाड़ी नहीं देखी।
श्रावस्ती को रेल से जोड़ने की निरंतर मांग व अथक प्रयासों पर वर्ष 2018 में सरकार ने बहराइच-खलीलाबाद (वाया भिनगा-श्रावस्ती-बलरामपुर-उतरौला-डुमरियागंज) की रेल परियोजना को मंजूरी दी गई। तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दो मार्च 2019 को इसका शिलान्यास करके बजट भी आवंटित किया था। खलीलाबाद-बहराइच नई लाइन परियोजना के तहत पहले चरण में खलीलाबाद से बांसी तक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है।
वहीं श्रावस्ती में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अधूरी है। जबकि परियोजना पूरा करने का समय 2024 को बढ़ाकर 2026 कर दिया है। हालांकि जिस मंद गति से काम चल रहा है उसको देखकर नहीं लगता कि शायद ही यह परियोजना निर्धारित समय पर पूरी हो सकें। उन्होंने इस विशेष दर्जा प्राप्त परियोजना के काम में तेजी लाने का निर्देश देने का अनुरोध किया।
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रेलमंत्री को प्रार्थना पत्र देकर जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा है कि श्रावस्ती निवासियों के लिए गोंडा-बलरामपुर-गोरखपुर रेलमार्ग किसी संजीवनी से कम नहीं है लेकिन बलरामपुर रेलवे स्टेशन नगर के बाहर पड़ता है। श्रावस्ती व बलरामपुर के लोगों के लिए झारखंडी रेलवे स्टेशन सुलभ है।
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उन्होंने मांग की कि वाराणसी-गोंडा-बहराइच इंटरसिटी एक्सप्रेस (14214) का साप्ताहिक संचालन बलरामपुर से किया जाए। गोरखपुर ऐशबाग इंटरसिटी एक्सप्रेस (15069 15070) का ठहराव बलरामपुर नगर के मध्य स्थित झारखंडी रेलवे स्टेशन पर भी किया जाए।
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बलरामपुर से चेन्नई बेंगलुरु हैदराबाद व अन्य महानगरों से ट्रेनों का संचालन हो जिससे बलरामपुर-श्रावस्ती के प्रवासी कामगारों के लिए सुविधा हो सके। कहा, यात्रियों की सुविधा के लिए गोरखपुर-पीलीभीत एक्सप्रेस (15009-15010) का संचालन नियमित रूप से किया जाए।
रेल मंत्री से मिले पूर्व सांसद
रेलमंत्री से गत दिवस मिले जिला पंचायत अध्यक्ष व पूर्व सांसद ने उनको प्रार्थना पत्र देकर कहा कि श्रावस्ती देश का शायद एकमात्र ऐसा जिला है जहां से कोई भी रेल लाइन नहीं गुजरती। जिले में कुछ तो ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने आज तक रेलगाड़ी नहीं देखी।
श्रावस्ती को रेल से जोड़ने की निरंतर मांग व अथक प्रयासों पर वर्ष 2018 में सरकार ने बहराइच-खलीलाबाद (वाया भिनगा-श्रावस्ती-बलरामपुर-उतरौला-डुमरियागंज) की रेल परियोजना को मंजूरी दी गई। तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दो मार्च 2019 को इसका शिलान्यास करके बजट भी आवंटित किया था। खलीलाबाद-बहराइच नई लाइन परियोजना के तहत पहले चरण में खलीलाबाद से बांसी तक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है।
वहीं श्रावस्ती में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अधूरी है। जबकि परियोजना पूरा करने का समय 2024 को बढ़ाकर 2026 कर दिया है। हालांकि जिस मंद गति से काम चल रहा है उसको देखकर नहीं लगता कि शायद ही यह परियोजना निर्धारित समय पर पूरी हो सकें। उन्होंने इस विशेष दर्जा प्राप्त परियोजना के काम में तेजी लाने का निर्देश देने का अनुरोध किया।