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अग्निपथ के खिलाफ किसानों ने खोला मोर्चा
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जन सुनवाई की समीक्षा करते डीएम
- फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। जन शिकायतों का निस्तारण समय पर नहीं हो पा रहा है। इसका खुलासा शुक्रवार को समीक्षा बैठक के दौरान हुआ। सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग की लंबित पाई गईं। जबकि शिकायत निस्तारण में फिसड्डी विभागों में दूसरे स्थान पर बाल विकास विभाग है। डीएम ने सभी विभागों को चेतावनी देते हुए कहा है कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिकायतों के लिए आम लोगों को अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। इसके लिए आईजीआरएस पर शिकायत करने पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन ऑनलाइन शिकायतों का निस्तारण समय पर नहीं हो पा रहा है। इसका खुलासा समीक्षा बैठक के दौरान हुआ। डीएम नेहा प्रकाश ने समीक्षा के दौरान पाया कि सिंचाई विभाग की पांच, विद्युत निगम की तीन, जिला पंचायत की एक, राजस्व एवं आपदा विभाग भिनगा की तीन, राजस्व एवं आपदा विभाग इकौना की 31, कृषि विभाग की एक, खाद्य एवं रसद विभाग की 11, समाज कल्याण विभाग की तीन, स्वास्थ्य विभाग की दो, बाल विकास पुष्टाहार विभाग 17, पशुपालन विभाग की दो, बेसिक शिक्षा विभाग की एक, मत्स्य विभाग की एक व पंचायती राज विभाग की दो शिकायतें समय सीमा बीत जाने के बाद भी निस्तारित नहीं हो पाईं। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सभी विभागों को तीन दिन के अंदर शिकायतों का निस्तारण करने को कहा।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के दौरान जनप्रतिनिधियों से प्राप्त जनसमस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण किया जाय। सरकारी सीयूजी नंबर पर अधिकारी स्वयं उत्तर दें। यह देखने में आया है कि कुछ विभागों में लंबे समय से जनशिकायतों का निस्तारण नहीं किया गया है एवं उनके निस्तारण में रैंक न्यूनतम स्तर पर है। ऐसे अधिकारी नियमित रूप से आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, संपूर्ण समाधान दिवस व थाना समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण कर उसकी समीक्षा स्वयं करें।
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शिकायतों के लिए आम लोगों को अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। इसके लिए आईजीआरएस पर शिकायत करने पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन ऑनलाइन शिकायतों का निस्तारण समय पर नहीं हो पा रहा है। इसका खुलासा समीक्षा बैठक के दौरान हुआ। डीएम नेहा प्रकाश ने समीक्षा के दौरान पाया कि सिंचाई विभाग की पांच, विद्युत निगम की तीन, जिला पंचायत की एक, राजस्व एवं आपदा विभाग भिनगा की तीन, राजस्व एवं आपदा विभाग इकौना की 31, कृषि विभाग की एक, खाद्य एवं रसद विभाग की 11, समाज कल्याण विभाग की तीन, स्वास्थ्य विभाग की दो, बाल विकास पुष्टाहार विभाग 17, पशुपालन विभाग की दो, बेसिक शिक्षा विभाग की एक, मत्स्य विभाग की एक व पंचायती राज विभाग की दो शिकायतें समय सीमा बीत जाने के बाद भी निस्तारित नहीं हो पाईं। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सभी विभागों को तीन दिन के अंदर शिकायतों का निस्तारण करने को कहा।
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इस मौके पर उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के दौरान जनप्रतिनिधियों से प्राप्त जनसमस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण किया जाय। सरकारी सीयूजी नंबर पर अधिकारी स्वयं उत्तर दें। यह देखने में आया है कि कुछ विभागों में लंबे समय से जनशिकायतों का निस्तारण नहीं किया गया है एवं उनके निस्तारण में रैंक न्यूनतम स्तर पर है। ऐसे अधिकारी नियमित रूप से आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, संपूर्ण समाधान दिवस व थाना समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण कर उसकी समीक्षा स्वयं करें।
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