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Shravasti News: बच्चे की मौत, टीका लगने के बाद तबीयत बिगड़ने का आरोप
Thu, 20 Aug 2026 11:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Thu, 20 Aug 2026 11:40 PM IST
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लालपुर खदरा गांव में घटना के बाद जुटी भीड़।
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इकौना। इकौना क्षेत्र के ग्राम लालपुर खादरा में बृहस्पतिवार को डेढ़ माह के बच्चे की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मामले में परिजनों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से बुधवार को टीका लगाए जाने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई और 24 घंटे के भीतर ही शिशु की मौत हो गई। हालांकि, सीएमओ ने टीकाकरण को पूरी तरह सुरक्षित बताया है और अन्य कारणों से मौत होने की आशंका जताई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
ग्राम लालपुर खादरा निवासी बृजलाल ने बताया कि उनके डेढ़ माह के बेटे शिवा को बुधवार टीका लगवाया गया था। इसके बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। परिजन जब तक कुछ समझ पाते और बच्चे को इलाज के लिए ले जाते तब तक उसकी मौत हो गई। परिजनों ने टीकाकरण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्थानीय पुलिस को शिकायती पत्र दिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सीएमओ डाॅ. एके सिंह ने बताया कि टीकाकरण पूरी तरह से सुरक्षित है। इस तरह की घटनाएं कई अन्य कारणों से भी हो सकती हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
ये टीके लगाए गए
इकौना सीएचसी के हेल्थ सुपरवाइजर जेपी गौतम के मुताबिक, बच्चे को एफआईपीवी, पीसीवी और पैंटा फर्स्ट के टीके लगे थे। इसमें पैंटा फर्स्ट का टीका जन्म के 42 दिन बाद लगता है। यह काली खांसी आदि से बचाव के लिए लगाया जाता है। एफआईपीवी का टीका पोलियो और पीसीवी का टीका निमोनिया से बचाव के लिए लगाया जाता है। तीनों टीके पूरी तरह सुरक्षित हैं।
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ग्राम लालपुर खादरा निवासी बृजलाल ने बताया कि उनके डेढ़ माह के बेटे शिवा को बुधवार टीका लगवाया गया था। इसके बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। परिजन जब तक कुछ समझ पाते और बच्चे को इलाज के लिए ले जाते तब तक उसकी मौत हो गई। परिजनों ने टीकाकरण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्थानीय पुलिस को शिकायती पत्र दिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सीएमओ डाॅ. एके सिंह ने बताया कि टीकाकरण पूरी तरह से सुरक्षित है। इस तरह की घटनाएं कई अन्य कारणों से भी हो सकती हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
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ये टीके लगाए गए
इकौना सीएचसी के हेल्थ सुपरवाइजर जेपी गौतम के मुताबिक, बच्चे को एफआईपीवी, पीसीवी और पैंटा फर्स्ट के टीके लगे थे। इसमें पैंटा फर्स्ट का टीका जन्म के 42 दिन बाद लगता है। यह काली खांसी आदि से बचाव के लिए लगाया जाता है। एफआईपीवी का टीका पोलियो और पीसीवी का टीका निमोनिया से बचाव के लिए लगाया जाता है। तीनों टीके पूरी तरह सुरक्षित हैं।
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