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भाजपा का दोनों विधानसभा सीटों पर दिखा दबदबा
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श्रावस्ती। पांचवें चरण में जिले की दोनों सीटों पर हुए मतदान में अलग-अलग माहौल देखने को मिला। सीमावर्ती क्षेत्रों में धर्म के आधार पर वोट का ध्रुवीकरण देखने को मिला। तो सीमा से सुदूर ग्रामीण इलाकों में कोविड में मदद व दोहरा राशन किट ने प्रत्याशियों की नींद खराब कर दी थी। दोनों सीटों पर यदि औसत रूप से देखा जाए तो भाजपा का अंडर करंट साफ दिखाई दिया। लेकिन श्रावस्ती में हाथी की रफ्तार ने भाजपा प्रत्याशी को कई क्षेत्रों में भारी झटका दिया। इससे नतीजों पर भी फर्क पड़ सकता है।
विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान कई मुद्दे उठाए गए। नेताओं ने विकास का राग भी अलापा। लेकिन मतदान के दिन प्रचार के दौरान भरे गए जोश ठंडे पड़ गए। जिले की दोनों सीटों पर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग समीकरण दिखाई दिया। कहीं पर धर्म के नाम पर वोटों का ध्रुवीकरण हुआ तो कहीं पर प्रत्याशियों की साख ही उनके लिए मुसीबत बन गई। भिनगा विधानसभा में यदि मतदान के दिन चली लहर को देखा जाए तो सीमावर्ती इलाकों में परंपरागत तरीके से माहौल बना था। यहां वोट का आधार धर्मगत ही रहा। अल्पसंख्यक बनाम बहुसंख्यक की वोटिंग में सपा व भाजपा सीधे तौर पर आमने-सामने खड़ी दिखाई दी। यहां कुछ एक बूथों पर बसपा के हाथी की धीमी चाल देखने को मिली। बाकी प्रत्याशी यहां सामान्य दर्जे में ही रहे। लेकिन जैसे ही इस इलाके में बघौड़ा से सिरसिया विकास खंड मुख्यालय की ओर बढ़े। वैसे-वैसे हाथी की चाल तेज हो गई।
यहां स्थिति त्रिकोणात्मक हुई। जहां भाजपा सपा व बसपा के बीच अधिकतम मतदान देखने को मिला। कांग्रेस भी कुछ स्थानों पर देखी गई। लेकिन तादाद सामान्य ही थी। यही स्थिति सिरसिया से बेचईपुरवा व लक्ष्मनपुर बाजार तक देखने को मिली। लेकिन जैसे ही भिनगा नगर पहुंचा वहां माहौल कुछ अलग ही दिखा। यहां सपा व भाजपा का सीधा मुकाबला देखने को मिला। लेकिन भाजपा के कुछ परंपरागत वोटों का रुझान सपा की ओर देखने को मिला। जबकि कुछ बूथों पर पंजा भी कुछ अधिक संख्या में देखा गया। औसतन नगर में भाजपा व सपा ही आमने सामने दिखाई दी। यह बात और है कि भाजपा की ओर नगर का रुझान कुछ ज्यादा था। लेकिन हरिहरपुररानी विकास खंड में हाथी की रफ्तार एक बार फिर कुछ धीमी हुई। यहां सीधा मुकाबला भाजपा व सपा में था। जहां ज्यादा रुझान भाजपा की ओर देखने को मिला। लेकिन जैसे ही जमुनहा विकास खंड का वह हिस्सा जो इस विधानसभा का अंग है पहुंचा, वहां का रुझान सपा व भाजपा के बीच देखने को मिला।
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इसका आधार फिर से धर्मगत हो गया। वहीं श्रावस्ती विधानसभा में भी कुछ ऐसा ही मिला जुला असर देखने को मिला। यहां जमुनहा विकास खंड का वह हिस्सा जो इस विधानसभा का अंग है। वहां सीधा मुकाबला सपा भाजपा लेकिन बसपा व कांग्रेस यहां ठीक स्थिति में देखे गए। लेकिन गिलौला विकास खंड आते ही हाथी की चाल तेज हो गई। यहां सपा के ओर वोटरों का रुझान तो दिखा, लेकिन सीधा मुकाबला बसपा व भाजपा की ओर देखने को मिला।
यहां कांग्रेस की स्थिति भी रही। इकौना में स्थिति त्रिकोणात्मक हो गई। जहां सपा भाजपा व बसपा के प्रति वोटरों का रुझान लगभग एक जैसा दिखा। लेकिन कांग्रेस की ओर भी मतदाताओं का रुझान ठीक ठाक था। इकौना नगर जो पहले भाजपा का गढ़ माना जाता था। वहां बसपा की सेंधमारी साफ तौर पर दिखाई दी। औसतन दोनों विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का अंडर करंट लोगों के सिर चढ़ कर बोल रहा था।
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विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान कई मुद्दे उठाए गए। नेताओं ने विकास का राग भी अलापा। लेकिन मतदान के दिन प्रचार के दौरान भरे गए जोश ठंडे पड़ गए। जिले की दोनों सीटों पर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग समीकरण दिखाई दिया। कहीं पर धर्म के नाम पर वोटों का ध्रुवीकरण हुआ तो कहीं पर प्रत्याशियों की साख ही उनके लिए मुसीबत बन गई। भिनगा विधानसभा में यदि मतदान के दिन चली लहर को देखा जाए तो सीमावर्ती इलाकों में परंपरागत तरीके से माहौल बना था। यहां वोट का आधार धर्मगत ही रहा। अल्पसंख्यक बनाम बहुसंख्यक की वोटिंग में सपा व भाजपा सीधे तौर पर आमने-सामने खड़ी दिखाई दी। यहां कुछ एक बूथों पर बसपा के हाथी की धीमी चाल देखने को मिली। बाकी प्रत्याशी यहां सामान्य दर्जे में ही रहे। लेकिन जैसे ही इस इलाके में बघौड़ा से सिरसिया विकास खंड मुख्यालय की ओर बढ़े। वैसे-वैसे हाथी की चाल तेज हो गई।
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यहां स्थिति त्रिकोणात्मक हुई। जहां भाजपा सपा व बसपा के बीच अधिकतम मतदान देखने को मिला। कांग्रेस भी कुछ स्थानों पर देखी गई। लेकिन तादाद सामान्य ही थी। यही स्थिति सिरसिया से बेचईपुरवा व लक्ष्मनपुर बाजार तक देखने को मिली। लेकिन जैसे ही भिनगा नगर पहुंचा वहां माहौल कुछ अलग ही दिखा। यहां सपा व भाजपा का सीधा मुकाबला देखने को मिला। लेकिन भाजपा के कुछ परंपरागत वोटों का रुझान सपा की ओर देखने को मिला। जबकि कुछ बूथों पर पंजा भी कुछ अधिक संख्या में देखा गया। औसतन नगर में भाजपा व सपा ही आमने सामने दिखाई दी। यह बात और है कि भाजपा की ओर नगर का रुझान कुछ ज्यादा था। लेकिन हरिहरपुररानी विकास खंड में हाथी की रफ्तार एक बार फिर कुछ धीमी हुई। यहां सीधा मुकाबला भाजपा व सपा में था। जहां ज्यादा रुझान भाजपा की ओर देखने को मिला। लेकिन जैसे ही जमुनहा विकास खंड का वह हिस्सा जो इस विधानसभा का अंग है पहुंचा, वहां का रुझान सपा व भाजपा के बीच देखने को मिला।
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इसका आधार फिर से धर्मगत हो गया। वहीं श्रावस्ती विधानसभा में भी कुछ ऐसा ही मिला जुला असर देखने को मिला। यहां जमुनहा विकास खंड का वह हिस्सा जो इस विधानसभा का अंग है। वहां सीधा मुकाबला सपा भाजपा लेकिन बसपा व कांग्रेस यहां ठीक स्थिति में देखे गए। लेकिन गिलौला विकास खंड आते ही हाथी की चाल तेज हो गई। यहां सपा के ओर वोटरों का रुझान तो दिखा, लेकिन सीधा मुकाबला बसपा व भाजपा की ओर देखने को मिला।
यहां कांग्रेस की स्थिति भी रही। इकौना में स्थिति त्रिकोणात्मक हो गई। जहां सपा भाजपा व बसपा के प्रति वोटरों का रुझान लगभग एक जैसा दिखा। लेकिन कांग्रेस की ओर भी मतदाताओं का रुझान ठीक ठाक था। इकौना नगर जो पहले भाजपा का गढ़ माना जाता था। वहां बसपा की सेंधमारी साफ तौर पर दिखाई दी। औसतन दोनों विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का अंडर करंट लोगों के सिर चढ़ कर बोल रहा था।