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पोषण से भरी हो थाली तो दूर रहेंगी बीमारियां : जितेंद्र मिश्र
Tue, 25 Aug 2026 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 25 Aug 2026 11:45 PM IST
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अपराजिता कार्यक्रम के दौरान एपीएम सनराइज स्कूल की छात्राएं, वरिष्ठ परामर्शदाता जीतेंद्र मिश्रा,
श्रावस्ती। भिनगा के एपीएम सनराइज पब्लिक स्कूल में मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें स्वस्थ दिनचर्या के बारे में बताया गया। इस दौरान छात्राओं ने जमकर प्रश्न पूछे और अपनी जिज्ञासा को शांत किया।
कार्यक्रम के दौरान संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा के वरिष्ठ परामर्शदाता जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ भोजन करना ही महत्वपूर्ण नहीं है। बल्कि भोजन की थाली संपूर्ण पोषक तत्वों से भरी हो इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए। भोजन में कसैला, तीखा, कड़वा, मीठा व खट्टे स्वाद के व्यंजनों को भी शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों व शिक्षकों की भी जिम्मेदारी है कि वह बेटियों को माहवारी के प्रति जागरूक करें। इससे उन्हें माहवारी के समय होने वाली समस्या की जानकारी हो सकेगी। साथ ही चिकित्सक के परामर्श से दवाओं व पोषण युक्त आहार भी लें। इस दौरान विद्यालय के प्रबंधक पुनीत कुमार मिश्रा, प्रधानाचार्य प्रीतम राठौर, बबलू तिवारी सहित अन्य मौजूद रहे।
- छात्राओं ने खूब पूछे सवाल
छात्रा अंशिका ने पूछा कि कमजोरी क्यों लगती है। इस पर जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि अक्सर हीमोग्लोबिन की कमी से यह समस्या होती है। इसलिए चिकित्सक से परामर्श के बाद दवाओं का सेवन करना चाहिए। अनीता ने पूछा कि खून की कमी दूर करने के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि आयरन युक्त आहार लेने से खून की कमी दूर हो जाती है। इसी तरह से बुसरा, मुस्कान व नंदनी ने भी पोषण युक्त आहार के बारे में पूछा। इस पर उन्होंने सभी को तिरंगा थाली के बारे में बताते हुए कहा कि हर प्रकार के आहार को अपने भोजन में शामिल करने से शरीर को पोषण मिल सकेगा। श्रद्धा सिंह ने पूछा कि चक्कर क्यों आता है इस पर परामर्शदाता ने बताया कि जब मस्तिष्क तक रक्त नहीं पहुंच पाता है तो ऑक्सीजन भी घटने लगता है। इससे चक्कर आने की समस्या होती है। मरियम ने पूछा कि माहवारी सिर्फ महिलाओं को ही क्यों होती है। इस पर उन्होंने बताया कि महिलाओं में ही ओवरी होती है जहां ओवम का निर्माण होता है। ओवम जब गर्भाशय में आता है तो वहीं से वह स्पर्श के न मिलने पर माहवारी में बदल जाता है। बल्कि पुरुष में गर्भाशय न होने से उन्हें यह समस्या नहीं होती है।
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कार्यक्रम के दौरान संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा के वरिष्ठ परामर्शदाता जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ भोजन करना ही महत्वपूर्ण नहीं है। बल्कि भोजन की थाली संपूर्ण पोषक तत्वों से भरी हो इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए। भोजन में कसैला, तीखा, कड़वा, मीठा व खट्टे स्वाद के व्यंजनों को भी शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों व शिक्षकों की भी जिम्मेदारी है कि वह बेटियों को माहवारी के प्रति जागरूक करें। इससे उन्हें माहवारी के समय होने वाली समस्या की जानकारी हो सकेगी। साथ ही चिकित्सक के परामर्श से दवाओं व पोषण युक्त आहार भी लें। इस दौरान विद्यालय के प्रबंधक पुनीत कुमार मिश्रा, प्रधानाचार्य प्रीतम राठौर, बबलू तिवारी सहित अन्य मौजूद रहे।
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- छात्राओं ने खूब पूछे सवाल
छात्रा अंशिका ने पूछा कि कमजोरी क्यों लगती है। इस पर जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि अक्सर हीमोग्लोबिन की कमी से यह समस्या होती है। इसलिए चिकित्सक से परामर्श के बाद दवाओं का सेवन करना चाहिए। अनीता ने पूछा कि खून की कमी दूर करने के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि आयरन युक्त आहार लेने से खून की कमी दूर हो जाती है। इसी तरह से बुसरा, मुस्कान व नंदनी ने भी पोषण युक्त आहार के बारे में पूछा। इस पर उन्होंने सभी को तिरंगा थाली के बारे में बताते हुए कहा कि हर प्रकार के आहार को अपने भोजन में शामिल करने से शरीर को पोषण मिल सकेगा। श्रद्धा सिंह ने पूछा कि चक्कर क्यों आता है इस पर परामर्शदाता ने बताया कि जब मस्तिष्क तक रक्त नहीं पहुंच पाता है तो ऑक्सीजन भी घटने लगता है। इससे चक्कर आने की समस्या होती है। मरियम ने पूछा कि माहवारी सिर्फ महिलाओं को ही क्यों होती है। इस पर उन्होंने बताया कि महिलाओं में ही ओवरी होती है जहां ओवम का निर्माण होता है। ओवम जब गर्भाशय में आता है तो वहीं से वह स्पर्श के न मिलने पर माहवारी में बदल जाता है। बल्कि पुरुष में गर्भाशय न होने से उन्हें यह समस्या नहीं होती है।
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