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Shravasti News: जागरूक रहें होली में नहीं बिगड़ेगी सेहत

Wed, 25 Feb 2026 01:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Wed, 25 Feb 2026 01:00 AM IST
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Be aware that your health will not deteriorate during Holi.
श्रावस्ती। होली के त्योहार पर मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में जागरूक होकर ही सेहत का बचाया जा सकता है। मिठाई की दुकान हो या किराने की हर जगह त्योहार का असर दिखने लगा है।
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त्योहारी सीजन शुरू होते ही मिठाई की दुकानों पर रौनक बढ़ने लगी है। ऐसे में लोगों के सामने कई तरह की रंग बिरंगी व विभिन्न आकार व प्रकार की मिठाइयां सज गई हैं। वहीं, कोई गुझिया के लिए खोवा का आर्डर दे रहा है तो कोई रेडीमेड गुझिया के लिए आर्डर लिखा रहा है। ऐसे में मांग बढ़ते ही मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। मिलावटी मिठाइयों से बचने के लिए लोगों को जागरूक होना आवश्यक है।
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मिलावटी खोवा की ऐसे करें जांच
खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र यादव ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही लोग घर पर भी खोवा की जांच कर सकते हैं। इसके लिए किसी भी मेडिकल स्टोर से टिंकचर आयोडीन ले सकते हैं। इसके बाद थोड़ा सा खोआ लेकर उस पर दो से तीन बुंद आयोडीन टिंचर डाल दें। यदि खोवा का रंग नीला हो जाए तो समझ लेना चाहिए कि उसमें मैदा या स्टार्च की मिलावट है। वहीं, कुछ अन्य तरह से भी असली व नकली में फर्क किया जा सकता है। खोवा को लेकर हथेली पर रगड़ने से असली खोवा घी छोड़ता है और खुशबू आती है, जबकि नकली खोवा चिपचिपा हो जाएगा। इसी तरह से रंग की पहचान के लिए उसे किसी शीशे के ग्लास में पानी लेकर घोले, यदि रंग पूरी तरह से घुल जाता है, लेकिन अपारदर्शी रहता है तो समझना चाहिए कि उसमें डाई की मिलावट है। वहीं, ग्लास के तल में
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रासायनिक रंग है त्वचा के लिए खतरनाक
संयुक्त जिला चिकित्सालय के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपांकर तिवारी ने बताया कि होली हमेशा प्राकृतिक रंगों के साथ खेलनी चाहिए। रासायनिक रंग शरीर पर दुष्प्रभाव डालते हैं। उन्होंने बताया कि रासायनिक रंगों के लगने पर कई बार शरीर में खुजली हो सकती है, लाल चकत्ते उभर सकते हैं, चक्कर आना व उल्टी की शिकायत भी हो सकती है। वहीं, यदि रंग आंखों में चला जाता है तो आंखे लाल हो जाती है। इससे कई बार आंखो की रोशनी भी जा सकती है। इसलिए रंग खेलने से पहले शरीर में तेल या कोई नमी वाली क्रीम लगा लें। इससे रंगों का प्रभाव कम हो जाता है।


जिला अस्पताल में आरक्षित होंगे बेड
सीएमएस डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि होली त्योहार के मद्देनजर तैयारियां की जा रही हैं। जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड में आठ आधुनिक बेड व जरूरी दवाओं से लैस एक कमरे को आरक्षित किया जाएगा। साथ ही चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। सभी मुख्यालय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों को अभी से ही अलर्ट कर दिया गया है।
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