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आयुष्मान आपके द्वार अभियान शुरू, बनेंगे नि:शुल्क गोल्डन कार्ड
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श्रावस्ती। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत जिन लाभार्थियों के अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान आपके द्वार अभियान शुरू किया है। बृहस्पतिवार से शुरू हुआ यह अभियान जिले में 30 सितंबर तक चलेगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ऐसी बस्तियों में जाएंगी, जहां कार्ड विहीन लाभार्थियों की संख्या अधिक है। जनसेवा केंद्र की टीम इन सभी के गोल्डन कार्ड बनाएगी। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेज कर निर्देश जारी किए हैं।
सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए ग्रामवार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें जनसेवा केंद्रों के द्वारा चयनित लाभार्थियों के नि:शुल्क गोल्डन कार्ड बनाए जायेंगे। पूर्व में जन सेवा केंद्र द्वारा 30 रुपए शुल्क लिया जाता था। लाभार्थी अपने पात्रता की जानकारी नजदीकी जनसेवा केंद्र, ग्राम की आशा कार्यकर्ता, कोटेदार एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा अथवा 14555 पर फोन कर प्राप्त कर सकते हैं। योजना के तहत ऐसे गांवों और वार्डों पर विशेष ध्यान देना है, जहां पर आयुष्मान कार्ड विहीन लाभार्थियों की संख्या अधिक है। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. उदयनाथ ने बताया कि अभियान के तहत जिले के कुल 72,144 परिवारों को योजना से आच्छादित किया गया है। यह लोग पांच लाख रूपये तक का मुफ्त इलाज सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती होकर करा सकते हैं। जिले में अब तक 97,344 लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाया जा चुका है।
इससे 37,798 लाभार्थी परिवारों के कम से कम एक सदस्य का गोल्डन कार्ड बनाया जा चुका है। इस योजना से जिले के सात सरकारी और एक निजी स्वास्थ्य केंद्र सूचीबद्ध है। अब तक जिले के 4832 लाभार्थियों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी अभय प्रताप ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा लेखपालों, ग्राम सचिवों, कोटेदारों एवं आशा बहुओं को शत प्रतिशत लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए निकटतम जनसेवा केंद्रों पर एवं आयोजित कैंपों में लाभार्थियों को बुलवाने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे कि जिले में छूटे सभी लाभार्थी परिवारों का गोल्डन कार्ड बनवाया जा सके।
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मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स गठित की गई है। जिसके माध्यम से प्रत्येक दिन बने हुए कार्डों की समीक्षा की जाएगी। गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थी को आधार कार्ड एवं राशन कार्ड अथवा प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री का पत्र या परिवार रजिस्टर की नकल लाना अनिवार्य है।
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सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए ग्रामवार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें जनसेवा केंद्रों के द्वारा चयनित लाभार्थियों के नि:शुल्क गोल्डन कार्ड बनाए जायेंगे। पूर्व में जन सेवा केंद्र द्वारा 30 रुपए शुल्क लिया जाता था। लाभार्थी अपने पात्रता की जानकारी नजदीकी जनसेवा केंद्र, ग्राम की आशा कार्यकर्ता, कोटेदार एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा अथवा 14555 पर फोन कर प्राप्त कर सकते हैं। योजना के तहत ऐसे गांवों और वार्डों पर विशेष ध्यान देना है, जहां पर आयुष्मान कार्ड विहीन लाभार्थियों की संख्या अधिक है। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. उदयनाथ ने बताया कि अभियान के तहत जिले के कुल 72,144 परिवारों को योजना से आच्छादित किया गया है। यह लोग पांच लाख रूपये तक का मुफ्त इलाज सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती होकर करा सकते हैं। जिले में अब तक 97,344 लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाया जा चुका है।
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इससे 37,798 लाभार्थी परिवारों के कम से कम एक सदस्य का गोल्डन कार्ड बनाया जा चुका है। इस योजना से जिले के सात सरकारी और एक निजी स्वास्थ्य केंद्र सूचीबद्ध है। अब तक जिले के 4832 लाभार्थियों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी अभय प्रताप ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा लेखपालों, ग्राम सचिवों, कोटेदारों एवं आशा बहुओं को शत प्रतिशत लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए निकटतम जनसेवा केंद्रों पर एवं आयोजित कैंपों में लाभार्थियों को बुलवाने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे कि जिले में छूटे सभी लाभार्थी परिवारों का गोल्डन कार्ड बनवाया जा सके।
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मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स गठित की गई है। जिसके माध्यम से प्रत्येक दिन बने हुए कार्डों की समीक्षा की जाएगी। गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थी को आधार कार्ड एवं राशन कार्ड अथवा प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री का पत्र या परिवार रजिस्टर की नकल लाना अनिवार्य है।