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Shravasti News: शिविर में फाइलेरिया के लिए गए 95 सैंपल
Mon, 03 Nov 2025 01:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Mon, 03 Nov 2025 01:17 AM IST
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गिलौला के कुर्बेनी गांव में फाइलेरिया का सैंपल लेते कर्मी। - स्रोत: विभाग
श्रावस्ती। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गिलौला क्षेत्र के चिह्नित गांवों में प्रीटॉस सर्वे का आयोजन किया जा रहा है। गांव के लोगों का रक्त सैंपल लिया जा रहा है, जिससे लोगों को फाइलेरिया रोग से बचाया जा सके।
राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गिलौला क्षेत्र के तीन गांवों को चिह्नित किया गया है। इसमें ग्राम कुर्बेनी, गोपालपुर व केशवापुर पजावा शामिल हैं। इन गांवों में 10 नवंबर तक अभियान चलाकर शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
इसके तहत रविवार को कुर्बेनी गांव में शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 95 लोगों का रक्त सैंपल लिया गया। जिला मलेरिया अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि प्रत्येक गांव से 30 स्लाइड बनाई जाएंगी। इसके बाद जांच की जाएगी। जांच में यदि एक प्रतिशत से अधिक संक्रमण निकलेगा तो एमडीए अभियान चलाकर सामूहिक रूप से लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जाएगी।
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उन्होंने बताया कि एक प्रतिशत से कम संक्रमण होने पर फिर से टॉस सर्वे कराया जाएगा। प्रीटॉस सर्वे के दौरान 20 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों का सैंपल लिया जाएगा। रात के समय फाइलेरिया कीटाणु (माइक्रोफाइलेरिया) रक्त में सक्रिय होते हैं। इसलिए रात 10 बजे के बाद रक्त का नमूना लिया जाता है।
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राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गिलौला क्षेत्र के तीन गांवों को चिह्नित किया गया है। इसमें ग्राम कुर्बेनी, गोपालपुर व केशवापुर पजावा शामिल हैं। इन गांवों में 10 नवंबर तक अभियान चलाकर शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
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इसके तहत रविवार को कुर्बेनी गांव में शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 95 लोगों का रक्त सैंपल लिया गया। जिला मलेरिया अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि प्रत्येक गांव से 30 स्लाइड बनाई जाएंगी। इसके बाद जांच की जाएगी। जांच में यदि एक प्रतिशत से अधिक संक्रमण निकलेगा तो एमडीए अभियान चलाकर सामूहिक रूप से लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जाएगी।
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उन्होंने बताया कि एक प्रतिशत से कम संक्रमण होने पर फिर से टॉस सर्वे कराया जाएगा। प्रीटॉस सर्वे के दौरान 20 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों का सैंपल लिया जाएगा। रात के समय फाइलेरिया कीटाणु (माइक्रोफाइलेरिया) रक्त में सक्रिय होते हैं। इसलिए रात 10 बजे के बाद रक्त का नमूना लिया जाता है।