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11 करोड़ से खरीदी जाएगी एयरपोर्ट के लिए जमीन
Updated Sun, 12 Aug 2018 12:06 AM IST
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श्रावस्ती। श्रावस्ती हवाईपट्टी जल्द ही एयरपोर्ट का रूप लेगी। इसके लिए सरकार ने करीब 11 करोड़ रुपये का बजट शनिवार को जारी कर दिया। इससे कटरा व खरगूपुर में एयरपोर्ट के लिए 11.15 हेक्टेअर भूमि खरीदी जाएगी।
बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में लगभग 22 देशों के बौद्ध पर्यटक आते हैं। इनको दिल्ली या कलकत्ता से श्रावस्ती तक सड़क के माध्यम से सफर करना पड़ता है।
यहां से सारनाथ, लुंबनी सहित अन्य बौद्ध पर्यटन क्षेत्रों से लोग बसों के माध्यम से यात्रा करते हैं। लेकिन अब उन्हें रीजनल कनेक्टीविटी स्कीम के तहत हवाई सेवाएं मिलेंगी।
इसके लिए श्रावस्ती हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मानक का एयरपोर्ट बनाने के लिए सरकार ने प्रथम चरण में दस करोड़ 93 लाख 88 हजार 360 रुपये जारी किए है।
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इस पैसे से एयरपोर्ट विस्तार के लिए कटरा व खरगूपुर में 11.15 हेक्टेअर भूमि खरीदी जाएगी। सरकार के इस फैसले से स्थानीय स्तर पर रह रहे कई देशों के बौद्ध भिक्षुओं में खुशी की लहर है।
उनका कहना है कि समय के अभाव में जो बौद्ध अनुयायी व पर्यटक श्रावस्ती तक नहीं आ पाते, उन्हें भी आने का मौका मिलेगा। साथ ही दिल्ली, सारनाथ व लखनऊ से कनेक्टीविटी का लाभ सभी को मिलेगा।
हवाई सेवाएं शुरू होने से पर्यटकों को मिलेगी राहत
श्रीलंका मंदिर के श्रद्धालोक महाथेरो, म्यामार के यू वो वोथा, वर्मा मंदिर के प्रदीप बौद्ध के साथ कोरिया के आर्यानंदा का कहना है कि श्रावस्ती बौद्ध एवं जैन धर्म की तीर्थस्थली है।
यहां प्रति वर्ष लाखों विदेशी पर्यटक आते है। हवाई सुविधा न होने से पर्यटकों को बनारस, लखनऊ से श्रावस्ती तक सड़क मार्ग से यात्रा करनी पड़ती है।
सड़कों की खराब हालत से पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हवाई सेवाएं श्रावस्ती से प्रारंभ हो जाएंगी तो लोगों को लाभ मिलेगा।
श्रावस्ती एयरपट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील करने की पहल तेजी से चल रही है। आरसीएम स्कीम के तहत हो रहे इस कार्य के लिए बजट जारी हुआ है। जल्द ही मौके पर कार्य भी तेज हो जाएगा।
-दीपक मीणा, डीएम
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बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में लगभग 22 देशों के बौद्ध पर्यटक आते हैं। इनको दिल्ली या कलकत्ता से श्रावस्ती तक सड़क के माध्यम से सफर करना पड़ता है।
यहां से सारनाथ, लुंबनी सहित अन्य बौद्ध पर्यटन क्षेत्रों से लोग बसों के माध्यम से यात्रा करते हैं। लेकिन अब उन्हें रीजनल कनेक्टीविटी स्कीम के तहत हवाई सेवाएं मिलेंगी।
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इसके लिए श्रावस्ती हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मानक का एयरपोर्ट बनाने के लिए सरकार ने प्रथम चरण में दस करोड़ 93 लाख 88 हजार 360 रुपये जारी किए है।
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इस पैसे से एयरपोर्ट विस्तार के लिए कटरा व खरगूपुर में 11.15 हेक्टेअर भूमि खरीदी जाएगी। सरकार के इस फैसले से स्थानीय स्तर पर रह रहे कई देशों के बौद्ध भिक्षुओं में खुशी की लहर है।
उनका कहना है कि समय के अभाव में जो बौद्ध अनुयायी व पर्यटक श्रावस्ती तक नहीं आ पाते, उन्हें भी आने का मौका मिलेगा। साथ ही दिल्ली, सारनाथ व लखनऊ से कनेक्टीविटी का लाभ सभी को मिलेगा।
हवाई सेवाएं शुरू होने से पर्यटकों को मिलेगी राहत
श्रीलंका मंदिर के श्रद्धालोक महाथेरो, म्यामार के यू वो वोथा, वर्मा मंदिर के प्रदीप बौद्ध के साथ कोरिया के आर्यानंदा का कहना है कि श्रावस्ती बौद्ध एवं जैन धर्म की तीर्थस्थली है।
यहां प्रति वर्ष लाखों विदेशी पर्यटक आते है। हवाई सुविधा न होने से पर्यटकों को बनारस, लखनऊ से श्रावस्ती तक सड़क मार्ग से यात्रा करनी पड़ती है।
सड़कों की खराब हालत से पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हवाई सेवाएं श्रावस्ती से प्रारंभ हो जाएंगी तो लोगों को लाभ मिलेगा।
श्रावस्ती एयरपट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील करने की पहल तेजी से चल रही है। आरसीएम स्कीम के तहत हो रहे इस कार्य के लिए बजट जारी हुआ है। जल्द ही मौके पर कार्य भी तेज हो जाएगा।
-दीपक मीणा, डीएम