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पांच माह से महिला सामाख्या की कार्यकर्ताओं को नहीं मिला मानदेय
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श्रावस्ती। महिला समाख्या की जिला इकाई की कार्यकर्ताओं ने सांसद से मुलाकात की। जिला समन्वयक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सांसद को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन के जरिये कहा गया है कि सरकार द्वारा स्वीकृत बजट का पैसा न मिलने के कारण उन्हें पांच माह से मानदेय नहीं मिला।
सांसद दद्दन मिश्र को सौंपे ज्ञापन के माध्यम से जिला समन्वयक इंदू ने कहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित महिला समाख्या के लिए दस करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इसका पैसा अब तक न आने से प्रदेश के 19 जिलों, 220 ब्लॉक की 16633 ग्राम पंचायतों की इकाइयों पर तीस वर्षों से कार्य करने वाली कार्यकर्ताएं उपेक्षित महसूस कर रही हैं।
मौजूदा समय देखा जाए तो प्रत्यक्ष रूप से दो लाख व अप्रत्यक्ष रूप से बीस लाख महिलाएं कार्यक्रम से जुड़ी हुई हैं। उपभोग प्रमाण पत्र सहित सभी बिल व बाउचर विभाग को नवंबर में ही उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके बावजूद पांच माह से मानदेय का भुगतान नहीं हो रहा है। ऐसे में कार्यकर्ताओं को अपने परिवार का भरण-पोषण करने में दिक्कत हो रही है।
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सोमवार से प्रारंभ हुए नवीन शिक्षा सत्र में बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो सकती है। ऐसे में कार्यकर्ताओं ने जिला समन्वयक के नेतृत्व में सांसद से हस्तक्षेप कर अविलंब मानदेय भुगतान कराने की मांग की है। इस मौके पर कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
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सांसद दद्दन मिश्र को सौंपे ज्ञापन के माध्यम से जिला समन्वयक इंदू ने कहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित महिला समाख्या के लिए दस करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इसका पैसा अब तक न आने से प्रदेश के 19 जिलों, 220 ब्लॉक की 16633 ग्राम पंचायतों की इकाइयों पर तीस वर्षों से कार्य करने वाली कार्यकर्ताएं उपेक्षित महसूस कर रही हैं।
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मौजूदा समय देखा जाए तो प्रत्यक्ष रूप से दो लाख व अप्रत्यक्ष रूप से बीस लाख महिलाएं कार्यक्रम से जुड़ी हुई हैं। उपभोग प्रमाण पत्र सहित सभी बिल व बाउचर विभाग को नवंबर में ही उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके बावजूद पांच माह से मानदेय का भुगतान नहीं हो रहा है। ऐसे में कार्यकर्ताओं को अपने परिवार का भरण-पोषण करने में दिक्कत हो रही है।
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सोमवार से प्रारंभ हुए नवीन शिक्षा सत्र में बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो सकती है। ऐसे में कार्यकर्ताओं ने जिला समन्वयक के नेतृत्व में सांसद से हस्तक्षेप कर अविलंब मानदेय भुगतान कराने की मांग की है। इस मौके पर कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहीं।