फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   पांच माह से महिला सामाख्या की कार्यकर्ताओं को नहीं मिला मानदेय

पांच माह से महिला सामाख्या की कार्यकर्ताओं को नहीं मिला मानदेय

Mon, 01 Apr 2019 11:19 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2019 11:19 PM IST
विज्ञापन
पांच माह से महिला सामाख्या की कार्यकर्ताओं को नहीं मिला मानदेय
श्रावस्ती। महिला समाख्या की जिला इकाई की कार्यकर्ताओं ने सांसद से मुलाकात की। जिला समन्वयक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सांसद को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन के जरिये कहा गया है कि सरकार द्वारा स्वीकृत बजट का पैसा न मिलने के कारण उन्हें पांच माह से मानदेय नहीं मिला।
विज्ञापन



सांसद दद्दन मिश्र को सौंपे ज्ञापन के माध्यम से जिला समन्वयक इंदू ने कहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित महिला समाख्या के लिए दस करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इसका पैसा अब तक न आने से प्रदेश के 19 जिलों, 220 ब्लॉक की 16633 ग्राम पंचायतों की इकाइयों पर तीस वर्षों से कार्य करने वाली कार्यकर्ताएं उपेक्षित महसूस कर रही हैं।
विज्ञापन



मौजूदा समय देखा जाए तो प्रत्यक्ष रूप से दो लाख व अप्रत्यक्ष रूप से बीस लाख महिलाएं कार्यक्रम से जुड़ी हुई हैं। उपभोग प्रमाण पत्र सहित सभी बिल व बाउचर विभाग को नवंबर में ही उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके बावजूद पांच माह से मानदेय का भुगतान नहीं हो रहा है। ऐसे में कार्यकर्ताओं को अपने परिवार का भरण-पोषण करने में दिक्कत हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन



सोमवार से प्रारंभ हुए नवीन शिक्षा सत्र में बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो सकती है। ऐसे में कार्यकर्ताओं ने जिला समन्वयक के नेतृत्व में सांसद से हस्तक्षेप कर अविलंब मानदेय भुगतान कराने की मांग की है। इस मौके पर कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed