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बिजली निगम का अरबों रुपये बकाया, नहीं हो पा रही वसूली
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श्रावस्ती। पावर कॉर्पोरेशन का जिले के करीब 58 हजार उपभोक्ताओं पर लगभग पांच अरब रुपये बकाया हैं। गिलौला क्षेत्र के ही ग्रामीण उपभोक्ता कार्पोरेशन के करीब 87 करोड़ रुपये के बकाएदार हैं।
जिले के सबसे बड़े बकाएदार में कलेक्ट्रेट कॉलोनी भी शामिल है। इस पर करीब 54 लाख रुपये बकाया है। इसे वसूल करने में पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के हाथ पैर फूल रहे हैं।
पावर कॉर्पोरेशन की ओर से अबाध विद्युत आपूर्ति देने में का बकाया बाधक बन रहा है। ऊर्जा मंत्री सहित सरकार से मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी ने सरकारी विभागों पर बकाया विद्युत बिल वसूल करने के लिए निवेदन किया है।
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यदि इस पर शासन ने अमल किया तो पावर कॉर्पोरेशन को करोड़ों रुपये का जिले में ही फायदा होगा। देखा जाए तो कलेक्ट्रेट कॉलोनी के 74 आवास पर निगम का 53 लाख 94 हजार 551 रुपये बकाया है।
सीएमओ ऑफिस पर करीब 81 लाख रुपये बिल बकाया है। कई नोटिस के बाद भी यह पैसा पावर कॉर्पोरेशन को नहीं मिल पा रहा है। यही हाल गिलौला कस्बा सहित क्षेत्र के गांवों का है।
जहां पावर कॉर्पोरेशन का 87 करोड़ रुपये सिर्फ बड़े बाकीदारों पर बकाया है। बाकीदारों पर यह रुपया एक लाख से अधिक है। इतना ही नहीं क्षेत्र के सौ बाकीदारों पर एक करोड़ 78 लाख 38 हजार 727 रुपये बकाया है।
इसके साथ ही भिनगा नगर सहित हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर करीब चालीस करोड़, इकौना सहित विकास क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर करीब 25 करोड़, जमुनहा क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर करीब तीस करोड़ तथा सिरसिया क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर करीब 13 करोड़ रुपये पावर कॉर्पोरेशन का बकाया है।
इसकी रिकवरी नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही शिक्षा, पुलिस, जल निगम, माध्यमिक शिक्षा सहित अन्य सरकारी विभागों पर भी निगम का करोड़ों रुपये बाकी है। जिसकी वसूली के लिए कई बार नोटिस भी जारी की गई, लेकिन हर बार कॉर्पोरेशन खाली हाथ रहा।
ऐसे में एमडी की ओर से शासन सहित ऊर्जा मंत्री से किए गए अनुरोध के बाद जिले में भी बाकीदारों से वसूली होने की उम्मीद जगी है। यदि ऐसा हुआ तो जिलेवसियों को अबाध विद्युत आपूर्ति मिलने की राह आसान होगी।
अबाध विद्युत आपूर्ति लेने के लिए उपभोक्ता सहयोग करें। बिजली बचाने के साथ ही समय से बकाया विद्युत बिल का भुगतान करें। सरकारी कार्यालयों पर बकाया पैसा वसूली के लिए डीएम को पत्र भेज कर निवेदन किया जाएगा। साथ ही यह भी प्रयास होगा कि आम उपभोक्ताओं से वसूली हो सके।
- रमाशंकर मौर्य, अधिशासी अभियंता पावर कॉर्पोरेशन
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जिले के सबसे बड़े बकाएदार में कलेक्ट्रेट कॉलोनी भी शामिल है। इस पर करीब 54 लाख रुपये बकाया है। इसे वसूल करने में पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के हाथ पैर फूल रहे हैं।
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पावर कॉर्पोरेशन की ओर से अबाध विद्युत आपूर्ति देने में का बकाया बाधक बन रहा है। ऊर्जा मंत्री सहित सरकार से मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी ने सरकारी विभागों पर बकाया विद्युत बिल वसूल करने के लिए निवेदन किया है।
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यदि इस पर शासन ने अमल किया तो पावर कॉर्पोरेशन को करोड़ों रुपये का जिले में ही फायदा होगा। देखा जाए तो कलेक्ट्रेट कॉलोनी के 74 आवास पर निगम का 53 लाख 94 हजार 551 रुपये बकाया है।
सीएमओ ऑफिस पर करीब 81 लाख रुपये बिल बकाया है। कई नोटिस के बाद भी यह पैसा पावर कॉर्पोरेशन को नहीं मिल पा रहा है। यही हाल गिलौला कस्बा सहित क्षेत्र के गांवों का है।
जहां पावर कॉर्पोरेशन का 87 करोड़ रुपये सिर्फ बड़े बाकीदारों पर बकाया है। बाकीदारों पर यह रुपया एक लाख से अधिक है। इतना ही नहीं क्षेत्र के सौ बाकीदारों पर एक करोड़ 78 लाख 38 हजार 727 रुपये बकाया है।
इसके साथ ही भिनगा नगर सहित हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर करीब चालीस करोड़, इकौना सहित विकास क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर करीब 25 करोड़, जमुनहा क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर करीब तीस करोड़ तथा सिरसिया क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर करीब 13 करोड़ रुपये पावर कॉर्पोरेशन का बकाया है।
इसकी रिकवरी नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही शिक्षा, पुलिस, जल निगम, माध्यमिक शिक्षा सहित अन्य सरकारी विभागों पर भी निगम का करोड़ों रुपये बाकी है। जिसकी वसूली के लिए कई बार नोटिस भी जारी की गई, लेकिन हर बार कॉर्पोरेशन खाली हाथ रहा।
ऐसे में एमडी की ओर से शासन सहित ऊर्जा मंत्री से किए गए अनुरोध के बाद जिले में भी बाकीदारों से वसूली होने की उम्मीद जगी है। यदि ऐसा हुआ तो जिलेवसियों को अबाध विद्युत आपूर्ति मिलने की राह आसान होगी।
अबाध विद्युत आपूर्ति लेने के लिए उपभोक्ता सहयोग करें। बिजली बचाने के साथ ही समय से बकाया विद्युत बिल का भुगतान करें। सरकारी कार्यालयों पर बकाया पैसा वसूली के लिए डीएम को पत्र भेज कर निवेदन किया जाएगा। साथ ही यह भी प्रयास होगा कि आम उपभोक्ताओं से वसूली हो सके।
- रमाशंकर मौर्य, अधिशासी अभियंता पावर कॉर्पोरेशन