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Shamli News: निजी अस्पताल में ऑपरेशन के आठ दिन बाद युवक की मौत, हंगामा
Fri, 19 Jun 2026 12:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 19 Jun 2026 12:29 AM IST
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शामली में निजी अस्पताल में हंगामे के दौरान टूटे शीशे। संवाद
शामली। शहर के दिल्ली रोड स्थित निजी अस्पताल में पित्त की थैली में पथरी के आपरेशन के आठ दिन बाद बाद युवक की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। स्टाफ के धक्कामुक्की के दौरान केबिन के शीशे भी टूट गए। पुलिस ने पहुंचकर परिजनों को समझाकर शांत किया। बाद में समझौता होने पर परिजन बिना कार्रवाई के शव को घर ले गए। इस मामले में किसी पक्ष की तरफ से पुलिस को तहरीर नहीं दी गई।
कैराना थानाक्षेत्र के गांव गोगवान निवासी रोहित कश्यप (26) को परिजनों ने नौ जून को शहर के दिल्ली रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां पर चिकित्सक ने पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के तीन दिन बाद रोहित को अस्पताल से छुट्टी कर घर भेज दिया गया। रोहित के पिता राकेश ने बताया कि उसी दिन शाम को घर पर हालत बिगड़ने पर उसे लेकर फिर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उसे भर्ती कर लिया लेकिन हालत में सुधार नहीं आया।
चिकित्सक ने करनाल ले जाने की सलाह दी। राकेश का कहना है कि बुधवार रात को वे रोहित को लेकर करनाल के एक अस्पताल पहुंचे लेकिन रेफर के कागज व अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट न होने के कारण वहां पर उनके बेटे का उपचार नहीं मिल पाया। इससे उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद वे फिर शामली निजी अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार सुबह परिवार की महिलाएं, पुरुष व ग्रामीण निजी अस्पताल पहुंचे और हंगामा करते हुए चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि अस्पताल प्रबंधन ने रेफर के कागज देेने में देरी की जिस कारण युवक को समय पर उचित उपचार नहीं मिल पाया। अस्पताल के स्टाफ से धक्कामुक्की के दौरान केबिन के शीशे टूट गए।
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सीओ सिटी जितेंद्र सिंह कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। बाद में दोनों पक्षों में समझौता होने पर परिजन बिना किसी कार्रवाई के शव को घर ले गए। सीओ सिटी जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं न मिलने पर कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। उधर, निजी चिकित्सक का कहना है कि ऑपरेशन के बाद मरीज को सही हालत में घर भेजा गया था। इलाज में लापरवाही का आरोप निराधार है।
तीन भाइयों में मझला था रोहित
गांव गोगवान निवासी रोहित तीन भाइयों में मझला था। वह नलकूपों के विद्युत मोटर की मरम्मत का काम करता था। उससे बड़ा भाई मोहित व सबसे छोटा दीपक है। रोहित के तीन साल का पुत्र व छह माह की पुत्री है। पिता राकेश मजदूरी करते हैं।
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कैराना थानाक्षेत्र के गांव गोगवान निवासी रोहित कश्यप (26) को परिजनों ने नौ जून को शहर के दिल्ली रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां पर चिकित्सक ने पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के तीन दिन बाद रोहित को अस्पताल से छुट्टी कर घर भेज दिया गया। रोहित के पिता राकेश ने बताया कि उसी दिन शाम को घर पर हालत बिगड़ने पर उसे लेकर फिर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उसे भर्ती कर लिया लेकिन हालत में सुधार नहीं आया।
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चिकित्सक ने करनाल ले जाने की सलाह दी। राकेश का कहना है कि बुधवार रात को वे रोहित को लेकर करनाल के एक अस्पताल पहुंचे लेकिन रेफर के कागज व अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट न होने के कारण वहां पर उनके बेटे का उपचार नहीं मिल पाया। इससे उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद वे फिर शामली निजी अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार सुबह परिवार की महिलाएं, पुरुष व ग्रामीण निजी अस्पताल पहुंचे और हंगामा करते हुए चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि अस्पताल प्रबंधन ने रेफर के कागज देेने में देरी की जिस कारण युवक को समय पर उचित उपचार नहीं मिल पाया। अस्पताल के स्टाफ से धक्कामुक्की के दौरान केबिन के शीशे टूट गए।
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सीओ सिटी जितेंद्र सिंह कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। बाद में दोनों पक्षों में समझौता होने पर परिजन बिना किसी कार्रवाई के शव को घर ले गए। सीओ सिटी जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं न मिलने पर कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। उधर, निजी चिकित्सक का कहना है कि ऑपरेशन के बाद मरीज को सही हालत में घर भेजा गया था। इलाज में लापरवाही का आरोप निराधार है।
तीन भाइयों में मझला था रोहित
गांव गोगवान निवासी रोहित तीन भाइयों में मझला था। वह नलकूपों के विद्युत मोटर की मरम्मत का काम करता था। उससे बड़ा भाई मोहित व सबसे छोटा दीपक है। रोहित के तीन साल का पुत्र व छह माह की पुत्री है। पिता राकेश मजदूरी करते हैं।

शामली में निजी अस्पताल में हंगामे के दौरान टूटे शीशे। संवाद

शामली में निजी अस्पताल में हंगामे के दौरान टूटे शीशे। संवाद