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पीली, हरी और सफेद पर्ची से तय होगी पुलिस की जिम्मेदारी
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:51 PM IST
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कैराना कोतवाली में शिकायत सुनते जन शिकायत अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली में अपनी जिम्मेदारी से अब पुलिसकर्मी हो या फिर अधिकारी भाग नहीं पाएंगे। थाना, सीओ और एसपी स्तर से मिलने वाली पीली, हरी और सफेद पर्ची से अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी। तीनों स्तर पर पांच-पांच दिन में समस्या का समाधान करने का समय दिया गया है।
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एसपी देवरंजन वर्मा ने बताया कि जनहित में जिले में एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है। जिले के हर थाने में एक रिसेप्शन बनाया जाएगा। जिस पर सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक दो पुलिस, जिनमें एक महिला तथा दूसरा पुरुष पुलिसकर्मी तैनात रहेगा। इनको जनशिकायत अधिकारी का नाम दिया गया है। एएसपी इस व्यवस्था के नोडल रहेंगे। यदि कोई भी फरियादी थाने में आता है तो पहले पुलिसकर्मी फरियादी को पानी पिलाएंगे और उसके बाद गुड़ खिलाएंगे तथा चाय पिलाएंगे। उसके बाद उसकी समस्या सुनी जाएगी। फरियादी को महसूस हो कि उसकी कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए उसको रिसीविंग के रूप में एक पीले रंग की पर्ची दी जाएगी। इस पर्ची पर जांच अधिकारी का नाम और उसका नंबर लिखा जाएगा।
एसपी ने बताया कि यदि पांच दिनों में संबधित अधिकारी समस्या का समाधान नहीं करता तो पीड़ित संबंधित सीओ के पास जाएंगे और पीली पर्ची दिखाएंगे। जिसके बाद वहां से हरी पर्ची दी जाएगी। सीओ स्तर पर भी कार्रवाई के लिए पांच दिन का समय रहेगा। यदि वहां भी समस्या का समाधान नहीं होता है तो फरियादी दोनों पर्चियां लेकर एसपी से मिल सकता है। जिसके बाद इस मामले में एसपी स्वयं कार्रवाई करेंगे और एसपी स्तर पर सफेद पर्ची दी जाएगी।
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रिसिविंग के लिए थाना प्रभारी की भी नहीं लेनी होगी अनुमति
जन शिकायत अधिकारी को थाना प्रभारी से स्वीकृति भी लेने की आवश्यकता नहीं होगी। वह सीधे एसपी के संपर्क में रहेंगे। इसके अलावा जन शिकायत अधिकारी के पास अलग से सीयूजी मोबाइल फोन रहेगा। पूरा डाटा मोबाइल व एक रजिस्टर में दर्ज रहेगा। जिसकी मॉनिटरिंग स्वयं एसपी शामली करेंगे।
पर्ची मतलब, कार्रवाई की जानकारी और जिम्मेदारी तय
एसपी ने बताया कि अलग-अलग रंग की इन पर्चियों का मतलब पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करना है। ताकि कोई भी अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सके। फरियादी जब दोनों पर्ची लेकर एसपी के पास जाएगा तो एसपी को पता होगा कि जब उसकी सीओ और थानास्तर पर नहीं सुनी गई तब वह यहां आया है। जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
जिले के हर थाने में यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इस व्यवस्था से थाने में आने वाले पीड़ित को शामली या कैराना अधिकारियों के यहां चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सीधे उनकी सुनवाई होगी। चाहे थाने में थाना प्रभारी हो या ना हो। - देवरंजन वर्मा एसपी
थानाभवन और झिंझाना में शुरू हुई व्यवस्था
एसपी शुक्रवार को थानाभवन थाने में पहुंचे और जन शिकायत अधिकारी के रिसेप्शन का शुभारंभ किया। थानाभवन में यह व्यवस्था लागू कर दी। इसके बाद एसपी और एएसपी श्लोक कुमार झिंझाना थाने में पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने वहां भी रिसेप्शन का शुभारंभ किया। इस दौरान झिंझाना थाने में पहुंची दो महिलाओं को पुलिस कर्मियों ने गुड़ खिलाकर पानी पिलाने के बाद उनकी समस्या को रजिस्टर किया है। पहली महिला ने चोरी का आरोप लगाया। दूसरी फरियादी झिंझाना निवासी विधवा ने बताया की 2007 में एक व्यक्ति को दिए उधार मांगने पर उल्टी धमकी देने का आरोप लगाया। जिसके बाद दोनों को पीले रंग की पर्ची देकर पांच दिनों में समाधान कराने का आश्वासन दिया है।
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