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एक्सईएन को जमा करना होगा किसान का बिल
अमर उजाला / ब्यूरो/ शामली
Updated Fri, 02 Dec 2016 01:25 AM IST
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शामली। जिला उपभोक्ता फोरम ने विद्युत निगम के एक्सईएन को गलत बिल भेजने का दोषी पाया है।
बामनौली गांव निवासी धर्मपाल ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता को आरोपी बनाकर वाद दायर किया था। जिसमें बताया था कि उसने घरेलू उपयोग के लिए एक विद्युत कनेक्शन दो किलोवाट का लिया था।
बिजली विभाग के अफसर ने 31 अगस्त 2013 से लेकर 31 अक्तूबर 2013 तक का विद्युत बिल भेजा था। उसने 1407 रुपये का भुगतान 15 जनवरी 2014 को कर दिया था। बिजली विभाग ने बिजली कनेक्शन का पुराना मीटर हटाकर नया मीटर लगा दिया। जिसका 21 जनवरी 2015 तक का बिल 92,164 रुपये भेजा गया। बिल ठीक कराने के लिए बिजली विभाग से बार-बार अनुरोध किया गया। 23 अप्रैल 2015 को दूसरा बिल 99,811 रुपये भेज दिया।
शिकायत करने पर भी मामले पर कार्रवाई नहीं की गई। 27 जुलाई 2015 को पीड़ित का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव ने पूरे मामले का अध्ययन किया।
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इसके बाद विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता खंड प्रथम पर मानसिक क्षति में पांच हजार, वाद व्यय तीन हजार रुपये, पीड़ित का 18 माह का बिजली बिल निधार्रित यूनिट के आधार पर 900 रुपये प्रतिमाह की दर से 15 दिन में जमा कराने का निर्देश दिया है। फोरम ने आदेश में पीड़ित का दो किलो वाट का बिजली कनेक्शन चालू करने और भविष्य में कोई भी वसूली पीड़ित से नहीं वसूलने के निर्देश दिए।
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बामनौली गांव निवासी धर्मपाल ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता को आरोपी बनाकर वाद दायर किया था। जिसमें बताया था कि उसने घरेलू उपयोग के लिए एक विद्युत कनेक्शन दो किलोवाट का लिया था।
बिजली विभाग के अफसर ने 31 अगस्त 2013 से लेकर 31 अक्तूबर 2013 तक का विद्युत बिल भेजा था। उसने 1407 रुपये का भुगतान 15 जनवरी 2014 को कर दिया था। बिजली विभाग ने बिजली कनेक्शन का पुराना मीटर हटाकर नया मीटर लगा दिया। जिसका 21 जनवरी 2015 तक का बिल 92,164 रुपये भेजा गया। बिल ठीक कराने के लिए बिजली विभाग से बार-बार अनुरोध किया गया। 23 अप्रैल 2015 को दूसरा बिल 99,811 रुपये भेज दिया।
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शिकायत करने पर भी मामले पर कार्रवाई नहीं की गई। 27 जुलाई 2015 को पीड़ित का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव ने पूरे मामले का अध्ययन किया।
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इसके बाद विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता खंड प्रथम पर मानसिक क्षति में पांच हजार, वाद व्यय तीन हजार रुपये, पीड़ित का 18 माह का बिजली बिल निधार्रित यूनिट के आधार पर 900 रुपये प्रतिमाह की दर से 15 दिन में जमा कराने का निर्देश दिया है। फोरम ने आदेश में पीड़ित का दो किलो वाट का बिजली कनेक्शन चालू करने और भविष्य में कोई भी वसूली पीड़ित से नहीं वसूलने के निर्देश दिए।