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शहर में भी बेरोकटोक दौड़ते हैं रॉग साइड वाहन

Sat, 11 Jan 2020 11:18 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jan 2020 11:18 PM IST
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Wrong side vehicles also run unrestrained in the city
शामली में रोंग साईड से गुजरते से वाहन - फोटो : SHAMLI
शहर में भी बेरोकटोक दौड़ते हैं राँग साइड वाहन
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शामली। कन्नौज में राँग साइड ट्रक से हुए सड़क हादसे में 20 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। राँग साइड वाहन चलाना तो एक आम बात हो चुकी है। फाटक बंद हो या सड़क टूटी हों तो चालक वाहन को रॉंग साइड से निकालने में जरा भी देरी नहीं करते। बीते साल मेरठ-करनाल हाईवे की टूटी सड़क पर इसी वजह से रॉंग साइड चलने वाले वाहनों से कई हादसे हो चुके हैं। तीन लोगों की जान जा चुकी हैं। शनिवार को भी शहर की सड़कों पर रॉंग साइड वाहन दौड़ते नजर आए ।
शहर में मेरठ-करनाल हाईवे पर बुढ़ाना फाटक के पास दोपहर में जैसे ही ट्रेन गुजरी तो वहां कतार में खड़ी रोडवेज के चालकों में बसों को लाइन से रॉंग साइड से निकालने की होड़ मच गई। इस वजह से जाम भी लग गया। चालकों की यही लापरवाही हादसा भी करा सकती थी।
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शनिवार को दिल्ली सहारनपुर रोड की तरफ से धीमानपुरा फाटक के पास रेलपार बाईपास पर भी वाहनों की लाइन लगी थी। कई ट्रक यहां लाइन में लगे थे, लेकिन हरियाणा डिपो के बस चालक ने जल्दी के चक्कर में रॉंग साइड से बच निकाली।
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हो चुके हैं हादसे पर कोई सबक नहीं लेता
मेरठ -करनाल हाईवे की हालत लंबे समय तक काफी सख्त थी। सड़क में कई जगह गड्ढे थे। तीन महीने में ही टपराना और सेवापुर के बीच में एक ट्रक से कुचलकर वृद्ध की मौत हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप था कि ट्रक चालक रॉंग साइड था। इसके अलावा बिड़ौली क्षेत्र में भी कुछ माह पूर्व रॉंग साइड ट्रक ने सड़क पर खड़े एक युवक को रौंद दिया था। गुस्साए ग्रामीणों ने जाम लगा दिया था। करीब दो साल पहले कुरुक्षेत्र निवासी दो युवक लालूखेड़ी गांव में एक विवाह समारोह में लौटते वक्त तेजी से राँग साइड दौड़ रही कार ट्रक में घुस गई थी, इसमें दोनों युवकों की मौत हो गई थी, लेकिन तमाम हादसों के बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे।
हर महीने होते हैं 40-50 चालान
यातायात विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में रॉंग साइड चलने पर करीब 40 से 50 चालान हर महीने होते हैं। इनमें दुपहिया वाहनों की संख्या अधिक होती है। यातायात निरीक्षक के अनुसार अधिकांश हादसे जल्दबाजी की वजह से होते हैं।
जुर्माना राशि बहुत कम, नहीं डरते लोग
रॉंग साइड वाहन चलाने पर जुर्माने की रकम केवल 500 रुपये है। इस वजह से लोगों पर भी कोई खास असर नहीं होता। पकड़े जाने पर लोग चालान की रकम जमा कराते हैं और चलते बनते हैं। इसलिए नए एक्ट में इस पर भी जुर्माने की राशि बढ़नी चाहिए, ताकि लोगों को कुछ तो डर लगे।
सड़क हादसों में बीते साल
यातायात विभाग के अनुसार वर्ष 2019 जनवरी से नवंबर माह तक जनपद में कुल 157 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 74 लोगों की जान गई, जबकि 136 लोग घायल हो गए थे। दिसंबर महीने के आंकड़े अभी थानावार तैयार हो रहे हैं। हालांकि यातायात विभाग द्वारा राँग साइड चलने वाले वाहनों के अलग से आंकड़े तैयार नहीं होते।

कोट
राँग साइड चलने वालों पर सख्ती हो रही है। महीने से 40 से 50 लोगों के चालान होते हैं। इसमें सबसे ज्यादा बाइक और स्कूटर वाले होते हैं। बड़े वाहनों की संख्या कम है। जल्दबाजी की वजह से लोग राँग साइड का विकल्प अपनाते हैं, जो जानलेेवा हो सकता है और इसके लिए लोगों को भी जागरूक होना चाहिए।
भंवर सिंह ,यातायात निरीक्षक
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