फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Wool half-century sugar mill lay on

ऊन शुगर मिल पर धरने की हाफ सेंचुरी

Mon, 14 Nov 2016 11:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Mon, 14 Nov 2016 11:40 PM IST
विज्ञापन
Wool half-century sugar mill lay on
strike - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
ऊन। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर ऊन चीनी मिल पर किसानों को धरना देते 50 दिन हो गए। सोमवार को धरने पर पहुंचे गठवाला खाप के बाबा राजवीर सिंह ने किसानों की मांगों का समर्थन किया। चेतावनी दी कि जब तक मांग पूरी नहीं होती धरना जारी रहेगा।
विज्ञापन


ऊन चीनी मिल पर क्षेत्र के किसानों का करीब 53 करोड़ रुपये बकाया है। भुगतान की मांग को लेकर 50 दिन से ऊन चीनी मिल पर किसान धरना दे रहे हैं, लेकिन बकाया भुगतान की समस्या हल होती नजर नहीं आ रही है। जिसको लेकर क्षेत्र के किसान चीनी मिल गेट पर जमे हुए हैं। सोमवार को धरने पर किसानों के बीच पहुंचे गठवाला खाप के थांबेदार राजवीर सिंह लांक ने कहा कि मिल प्रशासन अपनी मनमानी कर किसानों का शोषण कर रहा है।
विज्ञापन


क्षेत्र के किसान अपने बच्चों की स्कूल की फीस भी जमा नहीं कर पा रहे हैं। जिस कारण किसान को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि जब तक क्षेत्र के किसानों का पूर्ण भुगतान नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। सोमवार को धरने पर राजवीर सिंह, पप्पू प्रधान गागोर, संजीव प्रधान, जगमेर पिंडोरा, बिट्टू, कुलदीप मान ऊन, बेदपाल चिकारा, अजय पिंडोरा आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


आज होगी हाईकोर्ट में सुनवाई 
ऊन चीनी मिल की जब्त चीनी की बिक्री करने के के खिलाफ लिए गए स्टे ऑर्डर के संबंध में मंगलवार (आज) हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। गौरतलब है कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न करने पर जिला प्रशासन ने ऊन शुगर मिल की चीनी बिक्री शुरू करा दी थी। 

इसके बाद बैंक अधिकारियों ने हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर ले लिया था और दावा किया था कि ऊन शुगर मिल के पास जो चीनी है, उस पर हमारा हक है। वहीं, जिला प्रशासन ने किसानों की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका डाली थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होनी है। किसानों के साथ ही जिला प्रशासन की निगाहें भी हाईकोर्ट के आदेश पर टिकी हुई हैं। 


हाईकोर्ट का फैसला जिला प्रशासन के पक्ष में आता है, तो जब्त चीनी बिक्री करके काफी हद तक किसानों का बकाया भुगतान कराकर विवाद समाप्त हो जाएगा और चीनी मिल में पेराई सत्र भी शुरू हो सकता है। यदि निर्णय बैंक के पक्ष में आता है, तो स्थिति जस की तस बनी रहने के आसार हैं। क्योंकि किसान भी बकाया भुगतान की मांग को लेकर अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed