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इस साल सर्दी की बारिश ने पिछले तीन साल का रिकार्ड टूटा - जल स्तर तो बढ़ा, गेहूं- आलू, सरसों और गन्ने की फसल हुई प्रभावित
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सर्दी की बारिश ने पिछले तीन साल का रिकार्ड टूटा
शामली। इस साल सर्दी में हुई बारिश ने पिछले तीन साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। नवंबर माह से लेकर जनवरी के मध्य तक 121 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। पिछले सालों की अपेक्षा इस साल सर्दी में ढाई गुना ज्यादा बारिश हुई है। ज्यादा बारिश से जल स्तर में बढ़ोत्तरी हुई है, वहीं गेहूं, गन्ना, आलू और सरसों की फसल को प्रभावित कर चुका है।
इस साल सर्दी में पिछले तीन सालों में रिकार्ड तोड़ बारिश हुई। पूर्वी यमुना नहर खंड कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक इस साल सर्दी में नवंबर, दिसंबर और जनवरी में कुल 121 एमएम बारिश रिकार्ड हुई है, जबकि वर्ष 2018 में बारिश का यह आंकडा 44 एमएम, वर्ष 2017 में 26 एमएम था। इस साल नवंबर 2019 में 47 एमएम हुई है, जबकि वर्ष 2018 और वर्ष 2017 में नवंबर माह में कोई बारिश नहीं हुई। इसी प्रकार दिसंबर 2019 में 35 एमएम वर्ष 2018 मात्र 13, जनवरी 2020 में 49 एमएम वर्ष 2018 में 31 एमएम, वर्ष 2017 में 13 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है।
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक ज्यादा बारिश से गेहूं-सरसों, आलू की फसलों को प्रभावित कर रही है। कृषि विज्ञान केंद्र शामली के कृषि वैज्ञानिक डाक्टर विकास मलिक के मुताबिक ज्यादा बारिश होने से जिले में गेहूं की बुआई न होने से रकबा घट गया है। गन्ने की फसल में नई बीमारी आ गई है। सरसों का फूल कम बना है जिससे कम उत्पादन की संभावना है। आलू की फसल सड़ने से उत्पादन प्रभावित हुआ है। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के अध्यक्ष डाक्टर अशोक कुमार अहलुवालिया का कहना कि पिछले तीन सालों में सर्दी में कम बारिश हो रही थी। जिससेे जलस्तर गिर रहा था। इस साल सर्दी में हुई अच्छी खासी बारिश सामान्य बारिश मानी गई है। पिछले तीन सालों के बाद हुई रिकार्ड तोड़ बारिश से जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी।
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- जिले पिछले तीन सालों का बारिश का आंकड़ा------------
- माह- वर्ष 2019- 20-- वर्ष 2018- वर्ष 2017
1- नवंबर- 47 एमएमएम- शून्य- शून्य।
2- दिसंबर- 35 एमएम- 13एमएम- 13एमएम।
3- जनवरी- 49एमएम- 31एमएम- 13एमएम।
- योग - 121एमएम- 44एमएम- 26एमएम---
(बारिश का यह आंकड़ा 16 जनवरी तक पूर्वी यमुना नहर खंड कार्यालय से प्राप्त)
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शामली। इस साल सर्दी में हुई बारिश ने पिछले तीन साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। नवंबर माह से लेकर जनवरी के मध्य तक 121 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। पिछले सालों की अपेक्षा इस साल सर्दी में ढाई गुना ज्यादा बारिश हुई है। ज्यादा बारिश से जल स्तर में बढ़ोत्तरी हुई है, वहीं गेहूं, गन्ना, आलू और सरसों की फसल को प्रभावित कर चुका है।
इस साल सर्दी में पिछले तीन सालों में रिकार्ड तोड़ बारिश हुई। पूर्वी यमुना नहर खंड कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक इस साल सर्दी में नवंबर, दिसंबर और जनवरी में कुल 121 एमएम बारिश रिकार्ड हुई है, जबकि वर्ष 2018 में बारिश का यह आंकडा 44 एमएम, वर्ष 2017 में 26 एमएम था। इस साल नवंबर 2019 में 47 एमएम हुई है, जबकि वर्ष 2018 और वर्ष 2017 में नवंबर माह में कोई बारिश नहीं हुई। इसी प्रकार दिसंबर 2019 में 35 एमएम वर्ष 2018 मात्र 13, जनवरी 2020 में 49 एमएम वर्ष 2018 में 31 एमएम, वर्ष 2017 में 13 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है।
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कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक ज्यादा बारिश से गेहूं-सरसों, आलू की फसलों को प्रभावित कर रही है। कृषि विज्ञान केंद्र शामली के कृषि वैज्ञानिक डाक्टर विकास मलिक के मुताबिक ज्यादा बारिश होने से जिले में गेहूं की बुआई न होने से रकबा घट गया है। गन्ने की फसल में नई बीमारी आ गई है। सरसों का फूल कम बना है जिससे कम उत्पादन की संभावना है। आलू की फसल सड़ने से उत्पादन प्रभावित हुआ है। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के अध्यक्ष डाक्टर अशोक कुमार अहलुवालिया का कहना कि पिछले तीन सालों में सर्दी में कम बारिश हो रही थी। जिससेे जलस्तर गिर रहा था। इस साल सर्दी में हुई अच्छी खासी बारिश सामान्य बारिश मानी गई है। पिछले तीन सालों के बाद हुई रिकार्ड तोड़ बारिश से जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी।
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- जिले पिछले तीन सालों का बारिश का आंकड़ा------------
- माह- वर्ष 2019- 20-- वर्ष 2018- वर्ष 2017
1- नवंबर- 47 एमएमएम- शून्य- शून्य।
2- दिसंबर- 35 एमएम- 13एमएम- 13एमएम।
3- जनवरी- 49एमएम- 31एमएम- 13एमएम।
- योग - 121एमएम- 44एमएम- 26एमएम---
(बारिश का यह आंकड़ा 16 जनवरी तक पूर्वी यमुना नहर खंड कार्यालय से प्राप्त)