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मां से बढ़कर कौन है, दूजा है भगवान...
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मां से बढ़कर कौन है, दूजा है भगवान...
शामली। सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉक्टर श्यामानंद सरस्वती के जन्मशताब्दी वर्ष और महाकवि गोपालदास नीरज की जयंती के मौके पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में राष्ट्रीय गीतकार डाक्टर जयसिंह आर्य ने अपनी कविता यूं सुनाते हुए कहा कि ऽमां से बढ़कर कौन है, दूजा है भगवान। देता है भगवान ही, जग को जीवनदान।
सोमवार को माटी की सुगंध समूह के तत्वावधान में ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन की शुुरुआत राजस्थान के अलवर से आईं डॉक्टर सीमा विजयवर्गीय ने मधुर वाणी में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। उन्होंने सच्चा आदमी शीर्षक से एक बहुत प्यारा गीत सुनाया-ऽछोड़ बैसाखी चलेगा, एक सच्चा आदमी। मंजिलें हासिल करेगा, एक सच्चा आदमी। पानीपत से आए केसर कमल ने सुनाया कि मैं सबकी हां में हां मिलाने में लगा हूं। ग़ैरों को भी अपना बनाने में लगा हूं। अख़लाक की दौलत को लुटाकर मुसलसल, दुश्मन को भी दोस्त बनाने में लगा हूं। मुजफ्फरनगर से आए कवि प्रकाश सूना ने बेहतरीन ग़जलें और गीत सुनाकर वाहवाही लूटी। शामली के कवि प्रीतमसिंह प्रीतम ने बाल शहीद खुदीराम बोस की देशभक्ति से परिपूर्ण में कहा-ऽवेदी में क्यों खुदीराम की नश्वर तनबलि खलती है, हवनकुंड में सबसे पहले छोटी लकड़ी जलती है। सहारनपुर से दीपा जैन ने अपनी कविता को सुनाया-ऽपढ़ती और पढ़ाती बेटी। जीवन में सुख लाती बेटी । कीर्तिभूषण अग्रवाल, हरिनाथ शुक्ला, नरेश शामली, नव्या शर्मा, रजनीश रंजन, तेजवीर सिंह आदि भी कवि मौजूद रहे।
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शामली। सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉक्टर श्यामानंद सरस्वती के जन्मशताब्दी वर्ष और महाकवि गोपालदास नीरज की जयंती के मौके पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में राष्ट्रीय गीतकार डाक्टर जयसिंह आर्य ने अपनी कविता यूं सुनाते हुए कहा कि ऽमां से बढ़कर कौन है, दूजा है भगवान। देता है भगवान ही, जग को जीवनदान।
सोमवार को माटी की सुगंध समूह के तत्वावधान में ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन की शुुरुआत राजस्थान के अलवर से आईं डॉक्टर सीमा विजयवर्गीय ने मधुर वाणी में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। उन्होंने सच्चा आदमी शीर्षक से एक बहुत प्यारा गीत सुनाया-ऽछोड़ बैसाखी चलेगा, एक सच्चा आदमी। मंजिलें हासिल करेगा, एक सच्चा आदमी। पानीपत से आए केसर कमल ने सुनाया कि मैं सबकी हां में हां मिलाने में लगा हूं। ग़ैरों को भी अपना बनाने में लगा हूं। अख़लाक की दौलत को लुटाकर मुसलसल, दुश्मन को भी दोस्त बनाने में लगा हूं। मुजफ्फरनगर से आए कवि प्रकाश सूना ने बेहतरीन ग़जलें और गीत सुनाकर वाहवाही लूटी। शामली के कवि प्रीतमसिंह प्रीतम ने बाल शहीद खुदीराम बोस की देशभक्ति से परिपूर्ण में कहा-ऽवेदी में क्यों खुदीराम की नश्वर तनबलि खलती है, हवनकुंड में सबसे पहले छोटी लकड़ी जलती है। सहारनपुर से दीपा जैन ने अपनी कविता को सुनाया-ऽपढ़ती और पढ़ाती बेटी। जीवन में सुख लाती बेटी । कीर्तिभूषण अग्रवाल, हरिनाथ शुक्ला, नरेश शामली, नव्या शर्मा, रजनीश रंजन, तेजवीर सिंह आदि भी कवि मौजूद रहे।
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