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Shamli News: मैं जिस ओर भी देखूं बस राम दिखाई देते हैं
Tue, 25 Feb 2025 12:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 25 Feb 2025 12:25 AM IST
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शामली नगरपालिका में पुस्तक का लोकार्पण करते अतिथि। स्रोतां संस्था।
- फोटो : udhampur
शामली। उत्तर प्रदेश साहित्य सभा शाखा शामली के संयुक्त तत्वावधान में कवि सम्मेलन आयोजन नगर पालिका सभागार में किया गया। सम्मेलन में पहुंचे कवियों ने अपने काव्य पाठ से लोगों में जोश भर दिया।
रामकथानक महाकाव्य पर बोलते हुए कवि प्रदीप मायूस ने पढ़ा कि दुनिया को तो अपने- अपने काम दिखाई देते हैं, लेकिन मैं जिस ओर भी देखूं, राम दिखाई देते हैं। वरिष्ठ कवि जसवीर सिंह हलदर ने राम पर एक से बढ़कर एक छंद मुक्तक सुनाकर कार्यक्रम को ऊंचाइयां प्रदान की। युवा कवि अरुण कुमार ने सुनाया कोई सिकंदर वहम ना पाले, दुनिया जीत लेने का, क्या मिट्टी हो जाती हैं, सरकार बदलती रहती है। वसीम झिंझानवी ने कहा मेरी धड़कन है तू, मेरा अरमान है। तू मेरी जान है ,तू मेरी जान है। गीतकार पवन कुमार पवन ने सुनाया मुझसे जब सामना हो गया। खुद से वो आश्ना हो गया। उसने ही मारा पत्थर मुझे, जिसका मैं आइना हो गया।
सुधीर जगधर ने कहा कि एक रात की खातिर जो उधार कह के ले गया। वो सूरज मेरी परछाई फिर कभी न दे गया। रुड़की के विनीत भारद्वाज ने श्रेष्ठ मुक्तक सुनाए। नोएडा की डॉ श्वेता त्यागी ने उत्कृष्ट गजलों से समा बांध दिया। अनिल पोपट कामचोर ने हास्य की रचनाओं से सभी को लोटपोट किया। अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार ने रामकथानक महाकाव्य का लोकार्पण किया। मुख्य अतिथि अरविंद संगल ने रामकथानक महाकाव्य पर शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिकाध्यक्ष अरविंद संगल और अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार ने किया।
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रामकथानक महाकाव्य पर बोलते हुए कवि प्रदीप मायूस ने पढ़ा कि दुनिया को तो अपने- अपने काम दिखाई देते हैं, लेकिन मैं जिस ओर भी देखूं, राम दिखाई देते हैं। वरिष्ठ कवि जसवीर सिंह हलदर ने राम पर एक से बढ़कर एक छंद मुक्तक सुनाकर कार्यक्रम को ऊंचाइयां प्रदान की। युवा कवि अरुण कुमार ने सुनाया कोई सिकंदर वहम ना पाले, दुनिया जीत लेने का, क्या मिट्टी हो जाती हैं, सरकार बदलती रहती है। वसीम झिंझानवी ने कहा मेरी धड़कन है तू, मेरा अरमान है। तू मेरी जान है ,तू मेरी जान है। गीतकार पवन कुमार पवन ने सुनाया मुझसे जब सामना हो गया। खुद से वो आश्ना हो गया। उसने ही मारा पत्थर मुझे, जिसका मैं आइना हो गया।
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सुधीर जगधर ने कहा कि एक रात की खातिर जो उधार कह के ले गया। वो सूरज मेरी परछाई फिर कभी न दे गया। रुड़की के विनीत भारद्वाज ने श्रेष्ठ मुक्तक सुनाए। नोएडा की डॉ श्वेता त्यागी ने उत्कृष्ट गजलों से समा बांध दिया। अनिल पोपट कामचोर ने हास्य की रचनाओं से सभी को लोटपोट किया। अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार ने रामकथानक महाकाव्य का लोकार्पण किया। मुख्य अतिथि अरविंद संगल ने रामकथानक महाकाव्य पर शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिकाध्यक्ष अरविंद संगल और अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार ने किया।
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