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जहां कमी है, वहां सुधार करें
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sat, 19 Nov 2016 11:46 PM IST
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- फोटो : file
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शामली। सहारनपुर मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की शनिवार को समीक्षा की। निर्देश दिया कि जिन मतदान केंद्र क्षेत्र में जनसंख्या के मुताबिक महिला मतदाताओं के नाम सूची में कम हैं, उन्हें चिह्नित कर विशेष रूप से पुनरीक्षण कराया जाए।
कलक्ट्रेट में प्रेसवार्ता के दौरान मंडलायुक्त ने बताया कि 15 सितंबर से 15 नवंबर तक मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चला। जिले में करीब नौ लाख मतदाता निवास करते हैं। अभियान के दौरान नए वोटर बनने को 46 हजार 832 लोगों ने फार्म 6 जमा कराए। इनमें करीब 150 आवेदन फार्म उम्र का निर्धारण या अन्य कारणों से निरस्त कर दिए गए।
वहीं, मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए 24 हजार फार्म-7 जमा हुए, जबकि नाम संशोधित कराने के लिए 2899 फार्म-8 जमा कराए गए। जब अभियान की शुरूआत हुई थी, तो जिले में एक हजार पुरुषों के सापेक्ष 804 महिलाएं वोटर थी, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 818 पहुंच गई है, जिससे स्पष्ट है कि वोटर बनने के लिए महिलाओं में काफी जागरूकता आई है।
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अब जिले के ऐसे मतदान केंद्र चिह्नित किए जाएंगे, जहां पर जनसंख्या के लिहाज से मतदाताओं की संख्या कम है। जनसंख्या के हिसाब से 100 के सापेक्ष 62 मतदाता होने जरूरी हैं। ऐसे मतदान केंद्रों से जुड़े मतदाताओं को सूची में शामिल कराने के लिए एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और बीडीओ को टारगेट निर्धारित किया जाएगा। मौके पर डीएम सुजीत कुमार, सीडीओ यशु रुस्तगी, एडीएम भरतजी पांडेय, एसडीएम एमपी सिंह आदि मौजूद रहे।
आनलाइन सिर्फ एक ही फार्म जमा हुआ
एक तरफ हर व्यक्ति के पास मोबाइल फोन है। तकनीक के क्षेत्र में तेजी आई है, तो हर गांव में जनसेवा केंद्र खुल चुके हैं। इसके बावजूद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए ऑनलाइन सेवा का इस्तेमाल लगभग शून्य रहा। जिले भर में सिर्फ एक व्यक्ति ने ही वोट बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, जिसे प्रशासन ने जांच में सही पाए जाने पर मतदाता सूची में शामिल कर लिया। वहीं, मतदाता पुनरीक्षण में कोई विदेशी वोटर भी शामिल नहीं हो सका।
आठ हजार डुप्लीकेट नाम मिले
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सूची से नाम कटने के करीब 24 हजार फार्म जमा हुए। इनमें मृतक मतदाताओं के अलावा शादी होने के बाद दूसरे स्थानों पर चली गई महिलाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि करीब आठ हजार डुप्लीकेट नाम भी सूची में शामिल पाए गए, जो दो दो स्थानों की मतदाता सूची में शामिल थे। ऐसे नामों को सूची से हटा दिया गया है।
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कलक्ट्रेट में प्रेसवार्ता के दौरान मंडलायुक्त ने बताया कि 15 सितंबर से 15 नवंबर तक मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चला। जिले में करीब नौ लाख मतदाता निवास करते हैं। अभियान के दौरान नए वोटर बनने को 46 हजार 832 लोगों ने फार्म 6 जमा कराए। इनमें करीब 150 आवेदन फार्म उम्र का निर्धारण या अन्य कारणों से निरस्त कर दिए गए।
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वहीं, मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए 24 हजार फार्म-7 जमा हुए, जबकि नाम संशोधित कराने के लिए 2899 फार्म-8 जमा कराए गए। जब अभियान की शुरूआत हुई थी, तो जिले में एक हजार पुरुषों के सापेक्ष 804 महिलाएं वोटर थी, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 818 पहुंच गई है, जिससे स्पष्ट है कि वोटर बनने के लिए महिलाओं में काफी जागरूकता आई है।
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अब जिले के ऐसे मतदान केंद्र चिह्नित किए जाएंगे, जहां पर जनसंख्या के लिहाज से मतदाताओं की संख्या कम है। जनसंख्या के हिसाब से 100 के सापेक्ष 62 मतदाता होने जरूरी हैं। ऐसे मतदान केंद्रों से जुड़े मतदाताओं को सूची में शामिल कराने के लिए एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और बीडीओ को टारगेट निर्धारित किया जाएगा। मौके पर डीएम सुजीत कुमार, सीडीओ यशु रुस्तगी, एडीएम भरतजी पांडेय, एसडीएम एमपी सिंह आदि मौजूद रहे।
आनलाइन सिर्फ एक ही फार्म जमा हुआ
एक तरफ हर व्यक्ति के पास मोबाइल फोन है। तकनीक के क्षेत्र में तेजी आई है, तो हर गांव में जनसेवा केंद्र खुल चुके हैं। इसके बावजूद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए ऑनलाइन सेवा का इस्तेमाल लगभग शून्य रहा। जिले भर में सिर्फ एक व्यक्ति ने ही वोट बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, जिसे प्रशासन ने जांच में सही पाए जाने पर मतदाता सूची में शामिल कर लिया। वहीं, मतदाता पुनरीक्षण में कोई विदेशी वोटर भी शामिल नहीं हो सका।
आठ हजार डुप्लीकेट नाम मिले
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सूची से नाम कटने के करीब 24 हजार फार्म जमा हुए। इनमें मृतक मतदाताओं के अलावा शादी होने के बाद दूसरे स्थानों पर चली गई महिलाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि करीब आठ हजार डुप्लीकेट नाम भी सूची में शामिल पाए गए, जो दो दो स्थानों की मतदाता सूची में शामिल थे। ऐसे नामों को सूची से हटा दिया गया है।