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मस्तिष्क पर वायरल बुखार का हमला, बरतें सावधानी
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शामली सीएचसी में इलाज करवाने के लिये मरीजो की लगी भीड
- फोटो : SHAMLI
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मस्तिष्क पर वायरल बुखार का हमला, बरतें सावधानी
शामली। जिले में वायरल बुखार का प्रकोप चल रहा है। वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की सरकारी और निजी अस्पतालों में भीड़ लगी है। चिकित्सकों का कहना है कि वायरल को हल्के में न लें और सावधानी बरतें। तेज बुखार होने पर इसका मस्तिष्क (दिमाग) में पहुंचकर जिंदगी खतरे में डाल सकता है। इसलिए बुखार की शिकायत होने पर चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं।
जिले में सरकारी और निजी अस्पतालों में वायरल से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। सीएचसी शामली में रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को मरीजों की ज्यादा भीड़ रही। लगभग 805 नए मरीजों की पर्ची बनी और इतने ही पुराने मरीज उपचार के लिए अस्पताल में पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा मरीज खाज-खुजली के थे। इसके बाद वायरल बुखार, जुकाम, खांसी के बताए गए।
सीएचसी चिकित्साधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा का कहना है कि मरीजों की संख्या ज्यादा रही। सामान्य वायरल बुखार के मरीज भी आए हैं, लेकिन चिंताजनक स्थिति नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारियों कहना है कि सरकारी अस्पतालों में रोजाना नौ से दस हजार ओपीडी हो रही है। जिनमें 1200-1300 ओपीडी में 100 से 110 मरीज वायरल बुखार के मिल रहे हैं। यानी हर 10वां व्यक्ति वायरल बुखार से पीड़ित मिल रहा है।
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बचाव
- ठंडी चीजों का सेवन न करें।
- बार-बार पानी में भीगने से बचें।
- बाजार में बनी चीजों का सेवन न करें।
- घर पर बनी हुई चीजों का सेवन करें।
- बुुुखार पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचे।
- घर में परिवार का किसी सदस्य को बुखार हो तो मास्क और सोशल डिस्टेंस रखें।
- वायरल और कोरोना के लक्षण मिलते जुलते होने के कारण कोविड की जांच कराएं।
कोट
- 95 प्रतिशत मरीज वायरल बुुुखार, नजला, जुकाम, खांसी के आ रहे हैं। तेज बुखार होने पर मस्तिष्क तक पहुंचने का खतरा रहता है। अगर बुखार मस्तिष्क में पहुंचता है तो वह खतरनाक होता है। इस तरह के दो-तीन मरीज भी रोज आ रहे हैं, जिन्हें भर्ती करना पड़ता है। मस्तिष्क तक बुखार पहुंचने पर मरीज के गुम होना, गफलत में होना और दौरे पड़ना आदि लक्षण होते हैं। अगर किसी मरीज में इस तरह के लक्षण दिखाई दे तो इसमें लापरवाही न बरतें और सावधानी बरतते हुए चिकित्सक की सलाह से जल्दी से जल्दी उपचार शुरू कराएं। - वेदभानू मलिक, चिकित्सक, बाल रोग विशेषज्ञ
- जिले में वायरल बुखार के कुछ केस सामने आए हैं। सभी सीएचसी और पीएचसी पर उपचार की सुविधा और पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। मलेरिया की स्लाइड बनाई जा रही है। जिले में बुुखार की स्थिति नियंत्रण में है और अभी कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है। - डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ।
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शामली। जिले में वायरल बुखार का प्रकोप चल रहा है। वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की सरकारी और निजी अस्पतालों में भीड़ लगी है। चिकित्सकों का कहना है कि वायरल को हल्के में न लें और सावधानी बरतें। तेज बुखार होने पर इसका मस्तिष्क (दिमाग) में पहुंचकर जिंदगी खतरे में डाल सकता है। इसलिए बुखार की शिकायत होने पर चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं।
जिले में सरकारी और निजी अस्पतालों में वायरल से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। सीएचसी शामली में रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को मरीजों की ज्यादा भीड़ रही। लगभग 805 नए मरीजों की पर्ची बनी और इतने ही पुराने मरीज उपचार के लिए अस्पताल में पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा मरीज खाज-खुजली के थे। इसके बाद वायरल बुखार, जुकाम, खांसी के बताए गए।
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सीएचसी चिकित्साधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा का कहना है कि मरीजों की संख्या ज्यादा रही। सामान्य वायरल बुखार के मरीज भी आए हैं, लेकिन चिंताजनक स्थिति नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारियों कहना है कि सरकारी अस्पतालों में रोजाना नौ से दस हजार ओपीडी हो रही है। जिनमें 1200-1300 ओपीडी में 100 से 110 मरीज वायरल बुखार के मिल रहे हैं। यानी हर 10वां व्यक्ति वायरल बुखार से पीड़ित मिल रहा है।
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बचाव
- ठंडी चीजों का सेवन न करें।
- बार-बार पानी में भीगने से बचें।
- बाजार में बनी चीजों का सेवन न करें।
- घर पर बनी हुई चीजों का सेवन करें।
- बुुुखार पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचे।
- घर में परिवार का किसी सदस्य को बुखार हो तो मास्क और सोशल डिस्टेंस रखें।
- वायरल और कोरोना के लक्षण मिलते जुलते होने के कारण कोविड की जांच कराएं।
कोट
- 95 प्रतिशत मरीज वायरल बुुुखार, नजला, जुकाम, खांसी के आ रहे हैं। तेज बुखार होने पर मस्तिष्क तक पहुंचने का खतरा रहता है। अगर बुखार मस्तिष्क में पहुंचता है तो वह खतरनाक होता है। इस तरह के दो-तीन मरीज भी रोज आ रहे हैं, जिन्हें भर्ती करना पड़ता है। मस्तिष्क तक बुखार पहुंचने पर मरीज के गुम होना, गफलत में होना और दौरे पड़ना आदि लक्षण होते हैं। अगर किसी मरीज में इस तरह के लक्षण दिखाई दे तो इसमें लापरवाही न बरतें और सावधानी बरतते हुए चिकित्सक की सलाह से जल्दी से जल्दी उपचार शुरू कराएं। - वेदभानू मलिक, चिकित्सक, बाल रोग विशेषज्ञ
- जिले में वायरल बुखार के कुछ केस सामने आए हैं। सभी सीएचसी और पीएचसी पर उपचार की सुविधा और पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। मलेरिया की स्लाइड बनाई जा रही है। जिले में बुुखार की स्थिति नियंत्रण में है और अभी कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है। - डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ।

शामली सीएचसी में इलाज करवाने के लिये मरीजो की लगी भीड- फोटो : SHAMLI