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स्कूल प्रांगण से वाहनों पर फर्राटा भरकर निकलते हैं ग्रामीण
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गढीपुख्ता क्षेत्र के गांव राझड में स्कूल प्रांगण से होकर गुजरता ट्रैक्टर
- फोटो : SHAMLI
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स्कूल प्रांगण से वाहनों पर फर्राटा भरकर निकलते हैं ग्रामीण
शामली, गढ़ीपुख्ता। गांव राझड़ के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में चहारदीवारी और मुख्य द्वार न होने के कारण ग्रामीणों ने स्कूल प्रांगण को बनाया रास्ता बना लिया है। ग्रामीण ट्रैक्टर ट्राली, भैंसा बुग्गी, बाइक से या फिर पैदल स्कूल प्रांगण से गुजरते हैं। इस दौरान स्कूल के शिक्षक मूकदर्शक बने रहते हैं। स्कूल में बच्चों के आते-जाते समय और खेलते समय गुजरने वाले वाहनों से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
गांव में कोई स्थायी आंगनबाड़ी केंद्र न होने के कारण प्राथमिक विद्यालय नंबर-1 के परिसर स्थित न्याय पंचायत संसाधन कक्ष में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए अस्थाई कमरा मिला है। जिसमें चार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होते हैं। जिनमें 0-6 वर्ष के 396 बच्चे पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मुनेश रानी ने बताया बच्चों के केंद्र पर आने-जाने व खेलते समय स्कूल के प्रांगण से होकर गुजरने वाले यातायात साधन से कभी भी हादसा हो सकता है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय भी खस्ता हाल
गांव राझड़ में उच्च प्राथमिक विद्यालय की भी खराब हालत है। स्कूल की चहारदीवारी चारों ओर से टूटी हुई हैं। मुख्य द्वार की भी जर्जर हालत है। जिसमें आवारा पशु घुस जाते हैं। शौचालयों में टाइल्स नहीं है। स्कूल प्रांगण मुख्य रास्ते से दो-तीन फुट गहरा है। वर्षा होने और स्कूल के सामने रजबहे के अवरफ्लो होने व मेड़ टूटने पर परिसर, कमरों व ऑफिस में पानी भर जाता है।
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वर्जन
- प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य कुलदीप सिंह ने बताया स्कूल में चहारदीवारी और मुख्य द्वार न होने के कारण ग्रामीण यहां से होकर गुजरते हैं। कई बार उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मानते नहीं हैं। बताया स्कूल की चहारदीवारी और मुख्य द्वार कृषि भूमि के पैसे से बनाए जाएंगे। इसका 3.36 लाख का एस्टीमेट तैयार हो गया है।
- ग्राम प्रधान सरोज देवी ने बताया स्कूल की चहारदीवारी और मुख्य द्वार का निर्माण बजट आते ही कराया जाएगा। जूनियर हाईस्कूल के सुंदरीकरण का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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शामली, गढ़ीपुख्ता। गांव राझड़ के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में चहारदीवारी और मुख्य द्वार न होने के कारण ग्रामीणों ने स्कूल प्रांगण को बनाया रास्ता बना लिया है। ग्रामीण ट्रैक्टर ट्राली, भैंसा बुग्गी, बाइक से या फिर पैदल स्कूल प्रांगण से गुजरते हैं। इस दौरान स्कूल के शिक्षक मूकदर्शक बने रहते हैं। स्कूल में बच्चों के आते-जाते समय और खेलते समय गुजरने वाले वाहनों से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
गांव में कोई स्थायी आंगनबाड़ी केंद्र न होने के कारण प्राथमिक विद्यालय नंबर-1 के परिसर स्थित न्याय पंचायत संसाधन कक्ष में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए अस्थाई कमरा मिला है। जिसमें चार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होते हैं। जिनमें 0-6 वर्ष के 396 बच्चे पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मुनेश रानी ने बताया बच्चों के केंद्र पर आने-जाने व खेलते समय स्कूल के प्रांगण से होकर गुजरने वाले यातायात साधन से कभी भी हादसा हो सकता है।
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उच्च प्राथमिक विद्यालय भी खस्ता हाल
गांव राझड़ में उच्च प्राथमिक विद्यालय की भी खराब हालत है। स्कूल की चहारदीवारी चारों ओर से टूटी हुई हैं। मुख्य द्वार की भी जर्जर हालत है। जिसमें आवारा पशु घुस जाते हैं। शौचालयों में टाइल्स नहीं है। स्कूल प्रांगण मुख्य रास्ते से दो-तीन फुट गहरा है। वर्षा होने और स्कूल के सामने रजबहे के अवरफ्लो होने व मेड़ टूटने पर परिसर, कमरों व ऑफिस में पानी भर जाता है।
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वर्जन
- प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य कुलदीप सिंह ने बताया स्कूल में चहारदीवारी और मुख्य द्वार न होने के कारण ग्रामीण यहां से होकर गुजरते हैं। कई बार उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मानते नहीं हैं। बताया स्कूल की चहारदीवारी और मुख्य द्वार कृषि भूमि के पैसे से बनाए जाएंगे। इसका 3.36 लाख का एस्टीमेट तैयार हो गया है।
- ग्राम प्रधान सरोज देवी ने बताया स्कूल की चहारदीवारी और मुख्य द्वार का निर्माण बजट आते ही कराया जाएगा। जूनियर हाईस्कूल के सुंदरीकरण का प्रस्ताव भेजा जाएगा।