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प्रसूता और नवजात की मौत को लेकर परिजनों का नर्सिंग होम पर हगामा
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प्रसूता और नवजात की मौत पर हंगामा
शामली। शहर के एक नर्सिंगहोम पर प्रसूता और नवजात बच्चे की मौत होने के दो दिन बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत किया। इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है।
शामली क्षेत्र के गांव खेड़ीकरमू निवासी 30 वर्षीय शाहीन को प्रसव पीड़ा होने पर पांच दिन पहले 10 अक्तूबर को सीएचसी में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर अगले दिन उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया था। इसके बाद परिजनों ने एक नर्सिंग होम में महिला को भर्ती कराया था, जहां आपरेशन से महिला को बच्ची पैदा हुई। 13 अक्तूबर को महिला और बच्ची दोनों की मौत हो गई थी। उस समय तो परिजन घर चले गए थे। मंगलवार शाम को परिजन नर्सिंग होम पहुंचे और महिला के उपचार से संबंधित कागज मांगे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि 13 अक्तूबर को जब महिला और बच्ची की हालत बिगड़ गई थी, तो उन्होंने कर्मचारियों को चिकित्सक बुलाने को कहा था, लेकिन वे खुद ही उपचार करते रहे, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। हंगामे की सूचना पर आदर्श मंडी पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत किया।
चिकित्सक ने परिजनों द्वारा इलाज में लापरवाही का आरोप गलत बताया। आदर्श मंडी थानाध्यक्ष कर्मवीर सिंह ने बताया कि नर्सिंग होम पर हंगामे की सूचना पर पुलिस गई थी। चिकित्सक और परिजनों के बीच बातचीत चलने पर पुलिस लौट गई थी। इस मामले में परिजनों की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है। सीएमओ डा. संजय भटनागर का कहना है इस मामले की कोई शिकायत नहीं मिली है।
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शामली। शहर के एक नर्सिंगहोम पर प्रसूता और नवजात बच्चे की मौत होने के दो दिन बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत किया। इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है।
शामली क्षेत्र के गांव खेड़ीकरमू निवासी 30 वर्षीय शाहीन को प्रसव पीड़ा होने पर पांच दिन पहले 10 अक्तूबर को सीएचसी में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर अगले दिन उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया था। इसके बाद परिजनों ने एक नर्सिंग होम में महिला को भर्ती कराया था, जहां आपरेशन से महिला को बच्ची पैदा हुई। 13 अक्तूबर को महिला और बच्ची दोनों की मौत हो गई थी। उस समय तो परिजन घर चले गए थे। मंगलवार शाम को परिजन नर्सिंग होम पहुंचे और महिला के उपचार से संबंधित कागज मांगे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि 13 अक्तूबर को जब महिला और बच्ची की हालत बिगड़ गई थी, तो उन्होंने कर्मचारियों को चिकित्सक बुलाने को कहा था, लेकिन वे खुद ही उपचार करते रहे, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। हंगामे की सूचना पर आदर्श मंडी पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत किया।
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चिकित्सक ने परिजनों द्वारा इलाज में लापरवाही का आरोप गलत बताया। आदर्श मंडी थानाध्यक्ष कर्मवीर सिंह ने बताया कि नर्सिंग होम पर हंगामे की सूचना पर पुलिस गई थी। चिकित्सक और परिजनों के बीच बातचीत चलने पर पुलिस लौट गई थी। इस मामले में परिजनों की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है। सीएमओ डा. संजय भटनागर का कहना है इस मामले की कोई शिकायत नहीं मिली है।
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