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Shamli News: रेडियोलोजिस्ट की नियुक्ति के छह माह बाद भी शुरू नहीं हुए अल्ट्रासाउंड
Fri, 10 Mar 2023 11:50 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 10 Mar 2023 11:50 PM IST
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- जिला अस्पताल को शासन से नहीं मिली अल्ट्रासाउंड मशीन
- मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा शुल्क देकर करानी पड़ रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिला संयुक्त चिकित्सालय में रेडियोलोजिस्ट की नियुक्ति के छह माह बाद भी मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई। जिला अस्पताल को अभी तक अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं मिली है। इसके साथ ही जिले में किसी भी सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं है, जिस कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा शुल्क देकर जांच करानी पड़ रही है।
गांव मुंडेट खुर्द के सामने पूर्वी यमुना नहर पटरी पर स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय करीब डेढ़ साल पहले 16 अगस्त 2021 को शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक मरीजों को जिला अस्पताल जैसी सुविधाएं नहीं मिल पाईं हैं। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य अधिकारी पहले रेडियोलोजिस्ट की नियुक्ति न होना इसकी वजह बता रहे थे। अधिकारियों का कहना था कि अल्ट्रासाउंड मशीन का पंजीकरण रेडियोलोजिस्ट के नाम पर होना है। छह माह पहले 10 अगस्त 2022 को जिला अस्पताल में रेडियोलोजिस्ट के पद पर डॉ. किशोर कुमार आहुजा की नियुक्ति हो चुकी है। इसके बाद भी मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर से मशीन आने के बाद ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा चालू हो सकेगी। जिला अस्पताल के अलावा जिले में किसी भी सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिस कारण मरीजों को निजी अस्पताल में महंगा शुल्क देकर जांच कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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निजी अस्पताल में होती है गर्भवती महिलाओं की जांच
शामली। शासन के निर्देश पर हर महीने की नौ तारीख को सभी सीएचसी पर एचआरपी डे मनाया जाता है। इस दिन गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। जांच के दौरान उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनका उपचार व देखभाल की जाती है। जिन गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की जरूरत होती है, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल से अनुबंध किया गया है। इसलिए महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए निजी अस्पताल जाना पड़ता है।
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रेडियोलोजिस्ट को सीएचसी पर किया संबद्ध
रेडियोलोजिस्ट किशोर कुमार आहुजा की नियुक्ति जिला अस्पताल में है, लेकिन वहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन न होने के कारण उन्हें सीएचसी शामली में एक्सरे विभाग से संबद्ध किया गया है। सीएचसी में वह एक्सरे की जांच और मेडिकोलीगल का कार्य कर रहे हैं।
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कोट- जिला अस्पताल में रेडियोलोजिस्ट की नियुक्ति कई माह पहले हो चुकी है। इसके लिए अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराने के लिए शासन को पत्राचार किया गया है। अल्ट्रसाउंड मशीन मिलने पर मरीजों की जांच शुरू हो जाएगी।- डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ
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- मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा शुल्क देकर करानी पड़ रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिला संयुक्त चिकित्सालय में रेडियोलोजिस्ट की नियुक्ति के छह माह बाद भी मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई। जिला अस्पताल को अभी तक अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं मिली है। इसके साथ ही जिले में किसी भी सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं है, जिस कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा शुल्क देकर जांच करानी पड़ रही है।
गांव मुंडेट खुर्द के सामने पूर्वी यमुना नहर पटरी पर स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय करीब डेढ़ साल पहले 16 अगस्त 2021 को शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक मरीजों को जिला अस्पताल जैसी सुविधाएं नहीं मिल पाईं हैं। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य अधिकारी पहले रेडियोलोजिस्ट की नियुक्ति न होना इसकी वजह बता रहे थे। अधिकारियों का कहना था कि अल्ट्रासाउंड मशीन का पंजीकरण रेडियोलोजिस्ट के नाम पर होना है। छह माह पहले 10 अगस्त 2022 को जिला अस्पताल में रेडियोलोजिस्ट के पद पर डॉ. किशोर कुमार आहुजा की नियुक्ति हो चुकी है। इसके बाद भी मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है।
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स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर से मशीन आने के बाद ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा चालू हो सकेगी। जिला अस्पताल के अलावा जिले में किसी भी सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिस कारण मरीजों को निजी अस्पताल में महंगा शुल्क देकर जांच कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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निजी अस्पताल में होती है गर्भवती महिलाओं की जांच
शामली। शासन के निर्देश पर हर महीने की नौ तारीख को सभी सीएचसी पर एचआरपी डे मनाया जाता है। इस दिन गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। जांच के दौरान उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनका उपचार व देखभाल की जाती है। जिन गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की जरूरत होती है, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल से अनुबंध किया गया है। इसलिए महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए निजी अस्पताल जाना पड़ता है।
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रेडियोलोजिस्ट को सीएचसी पर किया संबद्ध
रेडियोलोजिस्ट किशोर कुमार आहुजा की नियुक्ति जिला अस्पताल में है, लेकिन वहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन न होने के कारण उन्हें सीएचसी शामली में एक्सरे विभाग से संबद्ध किया गया है। सीएचसी में वह एक्सरे की जांच और मेडिकोलीगल का कार्य कर रहे हैं।
कोट- जिला अस्पताल में रेडियोलोजिस्ट की नियुक्ति कई माह पहले हो चुकी है। इसके लिए अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराने के लिए शासन को पत्राचार किया गया है। अल्ट्रसाउंड मशीन मिलने पर मरीजों की जांच शुरू हो जाएगी।- डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ