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टीईटी में संधि विच्छेद ने बढ़ाई परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Mon, 16 Oct 2017 12:13 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। सुबह की पाली में परीक्षा छूटने पर कुछ शिक्षामित्र महिलाओं से प्रश्नपत्र को लेकर बात की गई। अनीता और अलका ने बताया कि गणित और हिंदी काफी कठिन थी।
बताया कि गणित में तो महिला पहले ही कमजोर हैं। गणित में 30 प्रश्न आए हुए थे, जिसमें समझ में न आने पर सभी पर तुक्का मारा है। 15 प्रश्न तो ठीक ही मिल जाएंगे।
वहीं, हिंदी में भी कहा कि संधि विच्छेद भी ऐसे आए हुए थे जो आज तक किसी भी किताब में नहीं पढ़े। शिक्षामित्र सतीश ने बताया कि संस्कृत और मनोविज्ञान में कई प्रश्न घुमाने वाले रहे। वहीं, सभी केंद्रों पर परीक्षा समाप्त होने से पहले ही कॉलेज का गेट बंद कर दिया गया। अभ्यर्थियों से उत्तर पुस्तिका लेने के बाद सभी की गिनती की गई। क्योकि पहले कुछ परीक्षाओं में ऐसा हुआ था कि अभ्यर्थी उत्तर पुस्तिका लेकर ही केंद्र से फरार हो गए थे।
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सभी परीक्षा केंद्रों पर दो पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए थे। एक पर्यवेक्षक शिक्षा विभाग से और एक पर्यवेक्षक प्रशासन की ओर से नियुक्त किया गया था। पर्यवेक्षक कमरों में घूमकर परीक्षा का बार बार जायजा लेते नजर आए। प्रश्नपत्र लाने और ले जाने के लिए भी आठ स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे।
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बताया कि गणित में तो महिला पहले ही कमजोर हैं। गणित में 30 प्रश्न आए हुए थे, जिसमें समझ में न आने पर सभी पर तुक्का मारा है। 15 प्रश्न तो ठीक ही मिल जाएंगे।
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वहीं, हिंदी में भी कहा कि संधि विच्छेद भी ऐसे आए हुए थे जो आज तक किसी भी किताब में नहीं पढ़े। शिक्षामित्र सतीश ने बताया कि संस्कृत और मनोविज्ञान में कई प्रश्न घुमाने वाले रहे। वहीं, सभी केंद्रों पर परीक्षा समाप्त होने से पहले ही कॉलेज का गेट बंद कर दिया गया। अभ्यर्थियों से उत्तर पुस्तिका लेने के बाद सभी की गिनती की गई। क्योकि पहले कुछ परीक्षाओं में ऐसा हुआ था कि अभ्यर्थी उत्तर पुस्तिका लेकर ही केंद्र से फरार हो गए थे।
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सभी परीक्षा केंद्रों पर दो पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए थे। एक पर्यवेक्षक शिक्षा विभाग से और एक पर्यवेक्षक प्रशासन की ओर से नियुक्त किया गया था। पर्यवेक्षक कमरों में घूमकर परीक्षा का बार बार जायजा लेते नजर आए। प्रश्नपत्र लाने और ले जाने के लिए भी आठ स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे।