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म्यांमार के तीन सगे भाई जेल से रिहा, भेजा गया स्वदेश
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शामली : कैराना में अपने अधिवक्ता के साथ म्यानमार के तीनों नागरिक।
- फोटो : SHAMLI
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म्यांमार के तीन भाई जेल से रिहा, भेजा गया स्वदेश
शामली। बिना वीजा भारत में रहने के मामले में म्यांमार निवासी तीन सगे भाई सजा की अवधि पूर्ण होने के बाद जेल से रिहा कर दिए गए। रिहाई के बाद तीनों म्यांमार के लिए रवाना हो गए।
थानाभवन क्षेत्र के कस्बा जलालाबाद में वर्ष 2019 में म्यांमार के निवासी नौमान अली उर्फ सोईकोको, मो. रिजवान खान उर्फ साइनकोको व फुरकान हुसैन उर्फ विन काको की गिरफ्तारी हुई थी। तीनों भाइयों पर बिना वीजा भारत में रहने का आरोप था। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया था। इस केस की सुनवाई कैराना स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में हुई थी। न्यायालय ने 10 मई 2022 को तीनों सगे भाइयों को दोषी करार दिया था। उन्हें छह-छह माह का साधारण कारावास व दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। दोषियों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने के आदेश दिए गए थे।
दोषियों के अधिवक्ता जानशेर चौधरी ने बताया कि कारावास में बिताई गई अवधि को समायोजित किए जाने के बाद सजा की अवधि पूर्ण हो गई। इसके बाद म्यांमार के तीनों भाइयों को जेल से रिहा कर दिया गया। सहायक अभियोजन अधिकारी तबस्सुम ने बताया कि म्यांमार के तीनों भाईयों के उनके देश भेज दिया गया है।
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शामली। बिना वीजा भारत में रहने के मामले में म्यांमार निवासी तीन सगे भाई सजा की अवधि पूर्ण होने के बाद जेल से रिहा कर दिए गए। रिहाई के बाद तीनों म्यांमार के लिए रवाना हो गए।
थानाभवन क्षेत्र के कस्बा जलालाबाद में वर्ष 2019 में म्यांमार के निवासी नौमान अली उर्फ सोईकोको, मो. रिजवान खान उर्फ साइनकोको व फुरकान हुसैन उर्फ विन काको की गिरफ्तारी हुई थी। तीनों भाइयों पर बिना वीजा भारत में रहने का आरोप था। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया था। इस केस की सुनवाई कैराना स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में हुई थी। न्यायालय ने 10 मई 2022 को तीनों सगे भाइयों को दोषी करार दिया था। उन्हें छह-छह माह का साधारण कारावास व दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। दोषियों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने के आदेश दिए गए थे।
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दोषियों के अधिवक्ता जानशेर चौधरी ने बताया कि कारावास में बिताई गई अवधि को समायोजित किए जाने के बाद सजा की अवधि पूर्ण हो गई। इसके बाद म्यांमार के तीनों भाइयों को जेल से रिहा कर दिया गया। सहायक अभियोजन अधिकारी तबस्सुम ने बताया कि म्यांमार के तीनों भाईयों के उनके देश भेज दिया गया है।
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