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Shamli News: म्यूल खाते खुलवाने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
Wed, 28 Oct 2026 12:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 28 Oct 2026 12:41 AM IST
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साइबर क्राइम के पकड़े गए आरोपी।पुलिस
शामली। दिल्ली, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और तेलंगाना समेत विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से जुड़ी 17 शिकायतों के सामने आने के बाद शामली साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि आरोपी लोगों को हर महीने 10 हजार रुपये देने का लालच देकर बैंक खाता खुलवाते थे और फिर इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में करते थे। इस मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है।
एएसपी सुमित के अनुसार झिंझाना क्षेत्र के गांव अलीनगर निवासी मोहित कुमार कक्षा 12 की कोचिंग कर रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात झिंझाना निवासी राजा और उसके साथी से हुई। आरोप है कि दोनों ने उसे बिना कोई काम किए हर महीने 10 हजार रुपये मिलने का लालच दिया। दोनों उसे कैराना रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया के बीसी प्वाइंट पर ले गए और उसका खाता खुलवाया। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने खाते से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और अन्य दस्तावेज अपने पास रख लिए।
मोहित को आठ अक्तूबर को ग्राम प्रधान ने बताया कि उसके नाम से साइबर धोखाधड़ी हुई है। बैंक पहुंचने पर पता चला कि उसके नाम से 23 फरवरी 2026 से खाता चालू था जो अब फ्रीज हो गया है। बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर खाते में बड़ी रकम के लेनदेन का पता चला। मोहित के अनुसार उसने खुद कोई लेनदेन नहीं किया। मोहित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना शामली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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पुलिस ने 27 अक्तूबर को झिंझाना में ईदगाह के सामने टपराना रोड से तीन युवक मुदस्सिर उर्फ राजा और परवेज निवासी मोहल्ला सैदमीर, कस्बा झिंझाना तथा शाकिब निवासी गांव लहबोली, थाना मंगलौर, जनपद हरिद्वार (उत्तराखंड) को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में मुदस्सिर उर्फ राजा और परवेज ने बताया कि उन्होंने मोहित का बैंक खाता खुलवाया था। बताया कि शाकिब के साथ मिलकर खाता हरिद्वार के मंगलौर निवासी वसीम को दे दिया। इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। आरोपियों ने यह भी बताया कि वे पहले भी वसीम को अन्य बैंक खाते उपलब्ध करा चुके थे।
इन राज्यों में करते थे ठगी
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि संबंधित बैंक खाते से जुड़ी दिल्ली, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और तेलंगाना समेत विभिन्न राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की कुल 17 शिकायतें दर्ज हैं। अब खाते लेने वाले वसीम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है।
क्या होते हैं म्यूल खाते
एएसपी के अनुसार म्यूल खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी से हासिल रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजने या निकालने के लिए करते हैं। कई बार लोगों को नौकरी, कमीशन या हर महीने रुपये देने का लालच देकर उनके खाते खुलवाए जाते हैं। इसके बाद ठगी की रकम इन खातों के माध्यम से आगे भेजी जाती है, जिससे असली आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
साइबर ठगी से बचने की सलाह
एएसपी के अनुसार अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक और अन्य दस्तावेज किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। ओटीपी और यूपीआई पिन भी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
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एएसपी सुमित के अनुसार झिंझाना क्षेत्र के गांव अलीनगर निवासी मोहित कुमार कक्षा 12 की कोचिंग कर रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात झिंझाना निवासी राजा और उसके साथी से हुई। आरोप है कि दोनों ने उसे बिना कोई काम किए हर महीने 10 हजार रुपये मिलने का लालच दिया। दोनों उसे कैराना रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया के बीसी प्वाइंट पर ले गए और उसका खाता खुलवाया। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने खाते से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और अन्य दस्तावेज अपने पास रख लिए।
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मोहित को आठ अक्तूबर को ग्राम प्रधान ने बताया कि उसके नाम से साइबर धोखाधड़ी हुई है। बैंक पहुंचने पर पता चला कि उसके नाम से 23 फरवरी 2026 से खाता चालू था जो अब फ्रीज हो गया है। बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर खाते में बड़ी रकम के लेनदेन का पता चला। मोहित के अनुसार उसने खुद कोई लेनदेन नहीं किया। मोहित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना शामली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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पुलिस ने 27 अक्तूबर को झिंझाना में ईदगाह के सामने टपराना रोड से तीन युवक मुदस्सिर उर्फ राजा और परवेज निवासी मोहल्ला सैदमीर, कस्बा झिंझाना तथा शाकिब निवासी गांव लहबोली, थाना मंगलौर, जनपद हरिद्वार (उत्तराखंड) को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में मुदस्सिर उर्फ राजा और परवेज ने बताया कि उन्होंने मोहित का बैंक खाता खुलवाया था। बताया कि शाकिब के साथ मिलकर खाता हरिद्वार के मंगलौर निवासी वसीम को दे दिया। इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। आरोपियों ने यह भी बताया कि वे पहले भी वसीम को अन्य बैंक खाते उपलब्ध करा चुके थे।
इन राज्यों में करते थे ठगी
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि संबंधित बैंक खाते से जुड़ी दिल्ली, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और तेलंगाना समेत विभिन्न राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की कुल 17 शिकायतें दर्ज हैं। अब खाते लेने वाले वसीम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है।
क्या होते हैं म्यूल खाते
एएसपी के अनुसार म्यूल खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी से हासिल रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजने या निकालने के लिए करते हैं। कई बार लोगों को नौकरी, कमीशन या हर महीने रुपये देने का लालच देकर उनके खाते खुलवाए जाते हैं। इसके बाद ठगी की रकम इन खातों के माध्यम से आगे भेजी जाती है, जिससे असली आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
साइबर ठगी से बचने की सलाह
एएसपी के अनुसार अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक और अन्य दस्तावेज किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। ओटीपी और यूपीआई पिन भी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।