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Shamli News: 2027 की तैयारी... शामली के चार नेता भाजपा की कार्यसमिति में शामिल
Wed, 28 Oct 2026 12:55 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 28 Oct 2026 12:55 AM IST
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एमएलसी वीरेंद्र सिंह।
- फोटो : ARchive
शामली। विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच भाजपा ने प्रदेश कार्यसमिति में शामली जिले के चार नेताओं को शामिल कर जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है।
पार्टी ने एमएलसी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र सिंह गुर्जर, पूर्व जिलाध्यक्ष पवन तरार, प्रमोद कुमार अट्टा और रमेश गौड़ कश्यप को प्रदेश कार्यसमिति में जगह दी है। इसे जिले में गुर्जर, जाट, सैनी और कश्यप समाज के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से प्रदेश कार्यसमिति में इन नेताओं को शामिल किए जाने के बाद जिले में राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भाजपा के सामने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जिले की तीनों सीटों पर अपनी स्थिति मजबूत करने की चुनौती है। ऐसे में पार्टी संगठन में अलग-अलग सामाजिक वर्गों से जुड़े नेताओं को जिम्मेदारी देकर अपना आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
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शामली जिले के गठन के बाद वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कैराना सीट पर हुकुम सिंह और थानाभवन सीट पर सुरेश राणा के रूप में दो सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि शामली सीट कांग्रेस के पंकज मलिक के खाते में गई थी। वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा ने शामली और थानाभवन सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कैराना सीट सपा के खाते में चली गई। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में शामली और थानाभवन सीटों पर रालोद तथा कैराना सीट पर सपा ने जीत दर्ज की थी।
वर्ष 2027 के चुनाव में भाजपा और रालोद गठबंधन के बीच राजनीतिक समीकरण महत्वपूर्ण रहेंगे। भाजपा पहले ही जिले में संगठन की कमान कश्यप समाज के रामजीलाल कश्यप को सौंप चुकी है। जाट समाज में प्रभाव रखने वाले मोहित बेनीवाल भाजपा कोटे से एमएलसी हैं और प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं। राजपूत समाज से आने वाले सुरेश राणा को भी प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा चुकी है।
प्रदेश कार्यसमिति में शामिल किए गए वीरेंद्र सिंह गुर्जर गुर्जर समाज में प्रभाव रखते हैं। वह सात बार विधायक, दो बार एमएलसी और पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। सिलावर गांव निवासी पवन तरार भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। प्रमोद कुमार अट्टा सैनी समाज में प्रभाव रखते हैं और आरएसएस से जुड़े रहे हैं। वहीं, कैराना क्षेत्र के रमेश गौड़ कश्यप पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के उपाध्यक्ष रह चुके हैं और पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य हैं।
प्रदेश कार्यसमिति में इन नेताओं को जगह मिलने से भाजपा ने जिले में सामाजिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने का संदेश दिया है। जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप का कहना है कि पार्टी विस चुनाव की तैयारी में जुट चुकी है।
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पार्टी ने एमएलसी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र सिंह गुर्जर, पूर्व जिलाध्यक्ष पवन तरार, प्रमोद कुमार अट्टा और रमेश गौड़ कश्यप को प्रदेश कार्यसमिति में जगह दी है। इसे जिले में गुर्जर, जाट, सैनी और कश्यप समाज के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से प्रदेश कार्यसमिति में इन नेताओं को शामिल किए जाने के बाद जिले में राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भाजपा के सामने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जिले की तीनों सीटों पर अपनी स्थिति मजबूत करने की चुनौती है। ऐसे में पार्टी संगठन में अलग-अलग सामाजिक वर्गों से जुड़े नेताओं को जिम्मेदारी देकर अपना आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
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शामली जिले के गठन के बाद वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कैराना सीट पर हुकुम सिंह और थानाभवन सीट पर सुरेश राणा के रूप में दो सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि शामली सीट कांग्रेस के पंकज मलिक के खाते में गई थी। वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा ने शामली और थानाभवन सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कैराना सीट सपा के खाते में चली गई। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में शामली और थानाभवन सीटों पर रालोद तथा कैराना सीट पर सपा ने जीत दर्ज की थी।
वर्ष 2027 के चुनाव में भाजपा और रालोद गठबंधन के बीच राजनीतिक समीकरण महत्वपूर्ण रहेंगे। भाजपा पहले ही जिले में संगठन की कमान कश्यप समाज के रामजीलाल कश्यप को सौंप चुकी है। जाट समाज में प्रभाव रखने वाले मोहित बेनीवाल भाजपा कोटे से एमएलसी हैं और प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं। राजपूत समाज से आने वाले सुरेश राणा को भी प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा चुकी है।
प्रदेश कार्यसमिति में शामिल किए गए वीरेंद्र सिंह गुर्जर गुर्जर समाज में प्रभाव रखते हैं। वह सात बार विधायक, दो बार एमएलसी और पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। सिलावर गांव निवासी पवन तरार भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। प्रमोद कुमार अट्टा सैनी समाज में प्रभाव रखते हैं और आरएसएस से जुड़े रहे हैं। वहीं, कैराना क्षेत्र के रमेश गौड़ कश्यप पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के उपाध्यक्ष रह चुके हैं और पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य हैं।
प्रदेश कार्यसमिति में इन नेताओं को जगह मिलने से भाजपा ने जिले में सामाजिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने का संदेश दिया है। जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप का कहना है कि पार्टी विस चुनाव की तैयारी में जुट चुकी है।

एमएलसी वीरेंद्र सिंह।- फोटो : ARchive

एमएलसी वीरेंद्र सिंह।- फोटो : ARchive

एमएलसी वीरेंद्र सिंह।- फोटो : ARchive