फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   These issues awaiting eye-e gracefully

इन मुद्दों पर नजर-ए- इनायत का इंतजार

Tue, 27 Sep 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Tue, 27 Sep 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
These issues awaiting eye-e gracefully
issue - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली।  गुंडागर्दी और बढ़ते अपराध को लेकर कैराना पलायन प्रकरण देशभर में सुर्खियां बना है, मगर जिले के कुछ ऐसे ज्वलंत मुद्दे भी हैं जो कई दशकों से चल रहे हैं और कैराना तथा पूरे जिले की जनता उनसे प्रभावित होती है। यदि इन मुद्दों पर भी नेता और अधिकारी गंभीरता दिखाएं तो हजारों लोगों को फायदा मिलेगा। 
विज्ञापन


दरअसल, यमुना नदी किनारे की जमीन को लेकर यूपी-हरियाणा के किसानों के बीच कई दशक से विवाद चल रहा है। हर साल ही फसल कटाई को लेकर हरियाणा और यूपी के किसानों के बीच टकराव होता है और फायरिंग तक होती हैं। कैराना क्षेत्र के ही हजारों किसान इस मुद्दे का निस्तारण न होने पर परेशानी का सामना करते आ रहे हैं। नेताओं से लेकर अधिकारियों तक सबको इस बारे में पता होने के बाद भी आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हाे सका।
विज्ञापन


वहीं, मेरठ-करनाल मार्ग पर यात्री बसों का संचालन भी विवाद में अटका हुआ है। पलायन प्रकरण का मुद्दा उठाने वाले भाजपा ने भी इन दोनों ज्वलंत मुद्दों पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। जबकि भाजपा की केंद्र में और हरियाणा प्रदेश में भी           सरकार है। इनके निस्तारण से हजारों लोगों को लाभ पहुंचाया जा सकता है, मगर नेताओं को इससे सरोकार नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मुद्दा नंबर एक : कृषि भूमि का विवाद 
यमुना नदी खादर की जमीन को लेकर यूपी और हरियाणा के किसानों के बीच पांच दशक से विवाद चल रहा है। 1974 में दीक्षित आयोग का गठन हुआ। सीमा का निर्धारण करने के लिए पिलर भी लगवाए गए। बावजूद इसके सीमा विवाद का निस्तारण नहीं हो सका। हरियाणा के किसान मनमानी करते हुए फसल काटकर ले जाते हैं, जिसको लेकर टकराव होता है। पूर्व में कई बार फायरिंग तक हो चुकी हैं।  यमुना की धारा परिवर्तित होने और बाढ़ की स्थिति में यमुना नदी का फाट स्थान बदल लेता है, जिसके चलते यूपी के किसानों की जमीन हरियाणा की तरफ हो जाती है। उस पर हरियाणा के किसान अपना हक जताते हैं। 

मुद्दा नंबर दो : करनाल रूट पर नहीं चलती यात्री बसें 
अजीब विडंबना है कि शामली से यदि पानीपत (हरियाणा) जाना हो, तो आसानी से बस मिल जाएगी और शामली से बस में बैठकर यात्रियों को सीधे पानीपत ही जाकर उतरना होगा। मगर करनाल रूट पर ऐसा नहीं है। शामली से सिर्फ यूपी सीमा में यमुना पुल बिडोली चेकपोस्ट तक ही यात्री बसें चलती हैं। ठीक उसी तरह हरियाणा राज्य परिवहन निगम की बसें भी बिडोली चेकपोस्ट तक आती हैं। यात्रियों को बिडोली चेकपोस्ट पर बस बदलनी पड़ती है, जिसके बाद वह अपने गंतव्य को पहुंच पाते हैं। यह विवाद भी कई दशक से चल रहा है, मगर इसका कोई हल नहीं निकल सका है। 

कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह का कहना है कि यूपी का प्रशासन पंगु हो चुका है, जिस कारण यूपी हरियाणा के किसानों का विवाद बना हुआ है। यदि प्रशासन आत्मबल दिखाए और किसानों को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाए, तो हल निकल सकता है। पूर्व में प्रयास कर कैराना खादर क्षेत्र में पीएसी तैनात करा दी थी, जिसके बाद हरियाणा के किसान यहां आकर फसल काटने की हिम्मत नहीं कर पाए थे। उधर, मेरठ-करनाल हाईवे पर यात्री बसों के संचालन के संबंध में वह 30 सितंबर को लखनऊ में जाकर परिवहन निगम के अधिकारियों से वार्ता करेंगे। प्रयास रहेगा कि करनाल मार्ग पर यात्री बसों के संचालन की व्यवस्था शीघ्र बहाल कराई जाए।

अधिकारी नहीं चाहते समाधान
शामली। मामौर निवासी इमरान का कहना है कि हरियाणा के किसान फसल तैयार होने के समय जबरदस्ती काटकर ले जाते हैं। हरियाणा प्रदेश के अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कराना चाहते है। 


सीमा विवाद के चलते कई बार खूनी संर्घष हो चुके हैं। मगर आज तक अधिकारियों ने कोई ऐसाा कार्रवाई नहीं की कि जिससे सीमा विवाद हमेशा के लिए खत्म हो जाए। वहीं मोमीन का कहना है कि दोनों प्रदेशों के अधिकारी और नेता सीमा विवाद के प्रति उदासीन हैं। अधिकारियों की लापरवाही के चलते कई सालो से सीमा पर किसानो का खून बहता रहता है। राजू का कहना है कि हरियाणा के किसानों ने हमारी जमीनें दबा रखी हैं। 50 से अधिक सालों से चला आ रहा सीमा विवाद आज भी जस का तस बना हुआ है। मवी निवासी इरशाद का कहना दोनों प्रदेशों के अधिकारी सीमा विवाद के प्रति लापरवाह बने हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed