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...तो चीन से नहीं मंगानी पड़ेगी आइसक्रीम स्टिक
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शामली में लैपटॉप पर काम करते उद्यमी अनुज गर्ग और उनकी पत्नी
- फोटो : SHAMLI
शामली। कोरोना संक्रमण के बाद बदले माहौल में स्थानीय उद्यमी चीन से आयात होने वाले उत्पादों का विकल्प तलाश रहे हैं। शामली के एक उद्यमी ने आइसक्रीम में प्रयोग होने वाली स्टिक बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पहले बर्च लकड़ी की यह स्टिक चीन से मंगाई जा रही थी, लेकिन अब यूक्रेन से बर्च लकड़ी मंगाकर वह अपनी फैक्टरी में स्टिक तैयार कराएंगे। स्टिक में प्रयोग होने वाली बर्च लकड़ी का ऑर्डर यूक्रेन की एक कंपनी को दे दिया है। पेश है खास रिपोर्ट -
- पहले दो करोड़ की मंगाई थी, अब नहीं मंगाएंगे
इंडस्ट्रियल एरिया में अमर स्प्रिंट इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुज गर्ग के अनुसार आइसक्रीम में जो स्टिक लगती है वो अधिकांश चीन से मंगाई जाती है। ये स्टिक बर्च नामक लकड़ी से बनती हैं। बीते साल उन्होंने भी करीब दो करोड़ की स्टिक मंगाई थीं। लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी पर जोर दिया। नए उद्योग लगाने और लोगों को रोजगार देने की अपील की। इसके बाद उनका मन बदला और चीन से एक्सपोर्ट होने वाली स्टिक का विकल्प तलाशा।
- पत्नी ने की मदद और मिल गया विकल्प
अनुज गर्ग के अनुसार उनकी पत्नी ने टूरिज्म में मास्टर डिग्री की है। वे एक्सपोर्ट, इंपोर्ट का काम देखती हैं। उन्होंने बताया कि जब उनकी फैक्टरी में दूसरी कंपनियों के लिए पापुलर, आदि लकड़ी की स्टिक बनती हैं तो फिर से बर्च की लकड़ी से स्टिक भी तैयार कर सकते हैं। नेट पर सर्च किया तो पता चला कि बर्च नाम की लकड़ी कई यूरोपीय देशों में भी होती है। यूक्रेन की एक कंपनी से संपर्क किया तो, माल और रेट ठीक लगा। उन्होंने दो कंटेनर माल 5500 यूरो यानि करीब पांच लाख रुपये का खरीद लिया। जल्दी ही सप्लाई गुजरात आएगी। वहां से ट्रक से माल शामली पहुंच जाएगा।
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- 200 लोगों को मिलेगा रोजगार
बर्च स्टिक बनाने के बाद अनुज गर्ग आइसक्रीम फैक्टरी संचालकों से संपर्क करेंगे। कुछ से बात भी कर ली है। उनका कहना है कि स्टिक तैयार कराने में करीब 200 लोगों को रोजगार देंगे। इनमें 100 लोग फैक्टरी में माल तैयार करेंगे जबकि 100 महिलाएं घर पर बैठकर पैकिंग कर सकती हैं। स्टिक के एक हजार के पैकेट बनते हैं। एक परिवार में करीब 100 पैकेट बन सकते हैं।
- ये खासियत होती है बर्च की लकड़ी में
बर्च नामक लकड़ी से तैयार होने वाली स्टिक काफी मजबूत होती है और ये मुड़ती नहीं है, जबकि अन्य लड़की से बनी स्टिक मुड़ जाती हैं। कई आइसक्रीम प्लांट इस तरह के होते हैं कि उनमें मुड़ने वाली स्टिक नहीं चल पाती। इसलिए बर्च लकड़ी की स्टिक इस्तेमाल की जाती है।
कोट
चीन ने भारतीय बाजारों में अपने उत्पाद से कब्जा किया हुआ है। हमें चीनी उत्पादों का विकल्प तलाश भारतीय बाजार से चीन का दखल खत्म करना होगा। चीन जैसे उत्पाद अपने यहां खुद तैयार कर लोगों को रोजगार देना होगा। - अशोक मित्तल, अध्यक्ष शामली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
कोरोना संक्रमण के बाद से ही चीन की भूमिका संदिग्ध है। हमें भी अब अपने मार्केट को चाइनीज आइटम्स से मुक्त करना होगा। इसके लिए अनुज गर्ग के प्रयास सराहनीय है। उन्हें उम्मीद है कि और उद्यमी भी इसके लिए आगे आएंगे ओर चाइनीज आइटमों का विकल्प तलाशेंगे। - अंकित गोयल, शामली इंडस्ट्री मैन्यूफेक्चयरिंग एसोसिएशन
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- पहले दो करोड़ की मंगाई थी, अब नहीं मंगाएंगे
इंडस्ट्रियल एरिया में अमर स्प्रिंट इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुज गर्ग के अनुसार आइसक्रीम में जो स्टिक लगती है वो अधिकांश चीन से मंगाई जाती है। ये स्टिक बर्च नामक लकड़ी से बनती हैं। बीते साल उन्होंने भी करीब दो करोड़ की स्टिक मंगाई थीं। लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी पर जोर दिया। नए उद्योग लगाने और लोगों को रोजगार देने की अपील की। इसके बाद उनका मन बदला और चीन से एक्सपोर्ट होने वाली स्टिक का विकल्प तलाशा।
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- पत्नी ने की मदद और मिल गया विकल्प
अनुज गर्ग के अनुसार उनकी पत्नी ने टूरिज्म में मास्टर डिग्री की है। वे एक्सपोर्ट, इंपोर्ट का काम देखती हैं। उन्होंने बताया कि जब उनकी फैक्टरी में दूसरी कंपनियों के लिए पापुलर, आदि लकड़ी की स्टिक बनती हैं तो फिर से बर्च की लकड़ी से स्टिक भी तैयार कर सकते हैं। नेट पर सर्च किया तो पता चला कि बर्च नाम की लकड़ी कई यूरोपीय देशों में भी होती है। यूक्रेन की एक कंपनी से संपर्क किया तो, माल और रेट ठीक लगा। उन्होंने दो कंटेनर माल 5500 यूरो यानि करीब पांच लाख रुपये का खरीद लिया। जल्दी ही सप्लाई गुजरात आएगी। वहां से ट्रक से माल शामली पहुंच जाएगा।
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- 200 लोगों को मिलेगा रोजगार
बर्च स्टिक बनाने के बाद अनुज गर्ग आइसक्रीम फैक्टरी संचालकों से संपर्क करेंगे। कुछ से बात भी कर ली है। उनका कहना है कि स्टिक तैयार कराने में करीब 200 लोगों को रोजगार देंगे। इनमें 100 लोग फैक्टरी में माल तैयार करेंगे जबकि 100 महिलाएं घर पर बैठकर पैकिंग कर सकती हैं। स्टिक के एक हजार के पैकेट बनते हैं। एक परिवार में करीब 100 पैकेट बन सकते हैं।
- ये खासियत होती है बर्च की लकड़ी में
बर्च नामक लकड़ी से तैयार होने वाली स्टिक काफी मजबूत होती है और ये मुड़ती नहीं है, जबकि अन्य लड़की से बनी स्टिक मुड़ जाती हैं। कई आइसक्रीम प्लांट इस तरह के होते हैं कि उनमें मुड़ने वाली स्टिक नहीं चल पाती। इसलिए बर्च लकड़ी की स्टिक इस्तेमाल की जाती है।
कोट
चीन ने भारतीय बाजारों में अपने उत्पाद से कब्जा किया हुआ है। हमें चीनी उत्पादों का विकल्प तलाश भारतीय बाजार से चीन का दखल खत्म करना होगा। चीन जैसे उत्पाद अपने यहां खुद तैयार कर लोगों को रोजगार देना होगा। - अशोक मित्तल, अध्यक्ष शामली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
कोरोना संक्रमण के बाद से ही चीन की भूमिका संदिग्ध है। हमें भी अब अपने मार्केट को चाइनीज आइटम्स से मुक्त करना होगा। इसके लिए अनुज गर्ग के प्रयास सराहनीय है। उन्हें उम्मीद है कि और उद्यमी भी इसके लिए आगे आएंगे ओर चाइनीज आइटमों का विकल्प तलाशेंगे। - अंकित गोयल, शामली इंडस्ट्री मैन्यूफेक्चयरिंग एसोसिएशन

अंकित गोयल अध्यक्ष साइमा - फोटो : SHAMLI

अशोक मित्तल, अध्यक्ष शामली मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन- फोटो : SHAMLI

शामली में बर्च नाम की लकडी जो यूक्रेन से आएगी शामली में भी बनेगी चीन जैसे आइस्क्रीम स्टिक स्टोरी ?- फोटो : SHAMLI