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शहीद की पुण्यतिथि पर दी शौचालयों की सौगात

Sat, 16 Dec 2017 11:33 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली Updated Sat, 16 Dec 2017 11:33 PM IST
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The toilets given on the death anniversary of the martyr
जसाला में ग्रामीणों का स्वागत करते शहीद अमरपाल सिंह के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
शामली में शहीद कैप्टन मदनपाल चौहान की 46वीं पुण्यतिथि को परिवार के लोगों द्वारा अनूठे अंदाज में मनाया गया। उनके नाम से गांव जसाला में संचालित जूनियर हाईस्कूल में स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सात शौचालयों का निर्माण कराया गया।
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कांधला क्षेत्र के गांव जसाला निवासी रहतू सिंह चौहान के परिवार में 1944 को मदनपाल चौहान का जन्म हुआ। उनके पिता शिक्षा प्रेमी थे। इसी के चलते मदनपाल चौहान भी शुरुआत से ही पढ़ाई में लगनशील थे। प्रारंभिक शिक्षा कांधला क्षेत्र से करने के बाद आगरा स्थित विश्वविद्यालय से उन्होंने बीएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद 1963 में वह आर्टिलरी में लेफ्टिनेंट बन गए थे। 1968 में वायुसेना एयर ओपी में आ गए थे। फिर 1970 में वह कैप्टन बने। इसके बाद 1971 में जब भारत पाकिस्तान का युद्ध हुआ, तो शकरगढ़ मोर्चे पर अपूर्व वीरता और शौर्य प्रदर्शित करते हुए डबल ड्यूटी हवाबाजी करके पाकिस्तान के टैंक नष्ट करने का श्रेय प्राप्त किया। 16 दिसंबर 1971 को वीरगति को प्राप्त हुए थे। तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र प्रदान किया गया और वायुसेना का एक्सग्रेसिया एवार्ड 42 हजार रुपये भी मिला था।
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वहीं, गांव जसाला में शहीद मदनपाल चौहान के नाम से जूनियर हाईस्कूल की स्थापना हुई। शनिवार को स्कूल परिसर में उनके परिवार के लोगों ने इकट्ठा होकर श्रद्धांजलि सभा की तथा यज्ञ किया गया। उनके पौत्र कुशांक चौहान ने बताया कि शहीद मदनपाल चौहान की पुण्यतिथि को स्वच्छता के संदेश के साथ मनाया गया। इसी के चलते विद्यालय परिसर में छात्रों और छात्राओं के लिए तीन-तीन तथा स्कूल स्टाफ के एक शौचालय का निर्माण कराया गया। निर्माण पूरा होने पर शनिवार को ही उन्हें प्रधानाध्यापक साबिर अली के हैंडओवर कर दिया गया। शौचालयों में पानी आदि की व्यवस्था भी की गई है। इस दौरान चरण सिंह चौहान, डॉ. जनेश्वर चौहान, मधुसूदन चौहान, नेत्रपाल चौहान, राजकुमार चौहान, अक्षय चौहान, हर्ष चौहान आदि मौजूद रहे।
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युद्ध जीतने पर बेटे का नाम रखा जंगजीत 1971 में जब भारत और पाकिस्तान का युद्ध हुआ और कैप्टन मदनपाल चौहान शहीद हो गए थे, उसी दौरान उनके परिवार में बेटे का जन्म हुआ। चूंकि युद्ध में भारत की जीत हुई थी, जिसके चलते मदनपाल चौहान के बेटे का नाम परिवार के लोगों ने जंगजीत चौहान रहा। बाद में केंद्र सरकार की तरफ से इस परिवार को गैस एजेंसी दी गई। वर्तमान में जंगजीत चौहान फरीदाबाद में गैस एजेंसी संचालक हैं और अपने परिवार के साथ वहीं रहते हैं।
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