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हड़ताल से कामकाज ठप, आमजन परेशान

Fri, 02 Sep 2016 11:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Fri, 02 Sep 2016 11:28 PM IST
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The strike paralyzed the functioning, disturbing the public
strike - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। केंद्रीय मजदूर संगठनों एवं राज्य कर्मचारियों की हड़ताल से बैंक, दूरसंचार और परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रही। हड़ताल के दौरान छह घंटे से ज्यादा समय तक रोडवेज बसों के संचालन ठप रहा। जिस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल से जिले के बैंकों, बीमा कंपनियों मेें कामकाज ठप रहा। सुबह बैंकों एवं बीमा कंपनियों के कार्यालयों में हड़ताल का बोर्ड लगा होने के कारण उपभोक्ता बैरंग लौट गए। बैंकों, बीमा कंपनियों की हड़ताल से 50 करोड़ से ज्यादा  कारोबार क्लीयरिंग में फंसा होने से कारोबार बुरी तरह प्रभावित  रहा। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के सचिव इंद्रपाल राठी ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक में सहयोगी बैंकों का विलय करने के विरोध, केंद्र सरकार की मनमानी और केंद्रीय कर्मचारियों की बिना सहमति के कार्यप्रणाली में बदलाव कर रही है।
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मृतक कर्मचारियों के आश्रितों के नियम में द्विपक्षीय समझौते का पालन नहीं कर  रही है। केंद्रीय श्रम संगठनों, औद्योगिक फेडरेशनों, कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर सर शादीलाल ग्रुप की अपर दोआब चीनी मिल की संबद्ध भारतीय मिल मजदूर संघ के श्रमिक हड़ताल पर रहे। भारतीय मिल मजदूर संघ के मंत्री राजेद्र पंवार ने बताया कि चीनी मिल मजदूरों ने हड़ताल उत्तर प्रदेश के चीनी मिलों में कार्यरत कर्मचारियों का वर्ष 2013 में देय वेतन पुनरीक्षण शीघ्र तथा श्रम कानूनों एवं पिछले बेज बोड की अनुसंशाओं के आधार पर किए जाने, रोड सेफ्टी बिल वापस लिए जाने, केंद्र सरकार रेल रक्षा, बीमा क्षेत्र में विदेशी पूंजी निवेश पर रोक लगाने आदि मांग की है। 
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साथ ही कर्मचारियों की 16 सूत्रीय मांगो में न्यूनतम वेतन कानून में संशोधन करते हुए लागू किए जाने, सभी के लिए न्यूनतम वेतन 18000 रुपये प्रतिमाह, केंद्रीय  और राज्य सरकार की कर्मचारियों की पुरानी पेंशन नीति बहाल किए जाने, ठेका प्रथा बंद करने           आदि मांग की है।

डिपो में ही खड़ी रहीं बसें, यात्री तलाशते रहे
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। रोड सेफ्टी अधिनियम की वापसी की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों का छह घंटे तक चक्का जाम रहा। जिससे यात्री परेशान रहे। उधर, रेलवे कर्मचारियों ने केंद्रीय श्रमिक संगठनों  के आह्वान पर              अपनी मांगों को लेकर शामली रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया। आयकर विभाग कार्यालय में भी हड़ताल रही।

शुक्रवार को रोड सेफ्टी अधिनियम के विरोध में उत्तर प्रदेश रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर मेरठ, मुजफ्फरनगर, पानीपत, सहारनपुर, दिल्ली-लोनी, बड़ौत, बिजनौर समेत विभिन्न शहरों से उत्तर प्रदेश, हरियाणा  राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के न आने से यात्री परेशान रहे। शामली रोडवेज बस अड्डे से सुबह साढ़े चार बजे से बसों का संचालन नहीं हुआ।

रोडवेज चालकों की हड़ताल होने पर सवारियों को प्राइवेट वाहनों से अपने गंतव्य को जाना पड़ा। शामली रोडवेज बस अड्डे के अधीक्षक राजेंद्र चौहान ने बताया कि रोडवेज चालकों ने दोपहर बारह बजे तक चक्का जाम एवं हड़ताल पर रहने का नोटिस दिया था, यात्रियो की परेशानियों को देखते हुए दस बजे के लगभग चालकों को समझाबुझाकर रोडवेज बसों का संचालन शुरू करा दिया गया। 


इस दौरान मौके पर मुख्य रूप से शामिल होने वालों में रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष विनोद कुमार, मंत्री नरेश कुमार, संगठन मंत्री राजेंद्र चौहान आदि शामिल रहे।  उधर रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। शामली रेलवे स्टेशन अधीक्षक सजीव शर्मा ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन हुआ, लेकिन ट्रेनों का आवागमन सामान्य चलता रहा है। आयकर विभाग शामली कार्यालय में हड़ताल रहने से कामकाज प्रभावित हुआ।
 
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