फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   The politics of Kairana is decided by the chaupal and the platform

चौपाल और चबूतरे से तय होती आई कैराना की जनता की सियासी चाल

Fri, 04 Feb 2022 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 04 Feb 2022 12:12 AM IST
विज्ञापन
The politics of Kairana is decided by the chaupal and the platform
कैराना में हसन चबूतरा - फोटो : SHAMLI
चौपाल और चबूतरे से तय होती है कैराना की सियासत
विज्ञापन

शामली। एक बार फिर विधानसभा चुनाव में जिले के कैराना के दो राजनीतिक घरानों के चौपाल और चबूतरे चर्चाओं में है। इन चौपाल और चबूतरे से कैराना की जनता की सियासी चाल तय होती आई है। इस बार फिर हुकुम और हसन परिवारों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। पूर्व सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह भाजपा से और सपा से हसन परिवार से विधायक नाहिद हसन प्रत्याशी हैं।
कैराना में हिंदू गुर्जरों की कलस्यान चौपाल और मुस्लिम गुर्जरों के हसन परिवार का चबूतरा राजनीति का केंद्र बिंदू रहा है। कलस्यान खाप के चौधरी मुख्तियार सिंह गुर्जरों के 84 गांवों के चौधरी थे। चौधरी मुख्तियार सिंह भाजपा के पूर्व सांसद हुकुम सिंह के बड़े भाई रहे हैं। मुख्तियार सिंह के निधन के बाद उनके बेटे रामपाल सिंह वर्तमान में कलस्यान खाप के चौधरी हैं। दोनों राजनीतिक घरानों की चौपाल और चबूतरों में वर्चस्व की सालों से सियासी अदावत जारी है। दोनों घराने कभी साथ हुआ करते थे, लेकिन राजनीतिक महत्वकांक्षा के चलते इनकी राहें जुदा हो र्गइं।
विज्ञापन

33 साल पुरानी है दोनों परिवारों में सियासी अदावत
वर्ष 1985 में हुकुम और अख्तर हसन परिवार कांग्रेस में थे। कैराना लोकसभा सीट से कांग्रेस से अख्तर हसन सांसद और कैराना विधानसभा सीट से हुकुम सिंह विधायक बने थे। हुकुम सिंह कांग्रेस सरकार में विधायक खाद्य रसद एवं पशुधन मंत्री बने। अगले चुनाव में कांग्रेस ने अख्तर हसन का टिकट काटकर कैराना के पूर्व विधायक और नगर पालिका परिषद के चेयरमैन रहे बशीर अहमद को दे दिया था। बशीर चुनाव हार गए थे और जनता दल के हरपाल पंवार ने जीत दर्ज की थी। हसन परिवार का टिकट कटने के बाद हुकुम और हसन परिवार की राह अलग हो गई। विधान सभा चुनाव में हसन परिवार ने हुकुम सिंह का भी विरोध किया और शामली के पूर्व चेयरमैन राजेश्वर बंसल को समर्थन दिया। हुकुम सिंह चुनाव हार गए थे और निर्दलीय चुनाव लड़ रहे राजेश्वर बंसल चुनाव जीत गए थे। 2017 में विधान सभा चुनाव में हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह भाजपा और मुनव्वरहसन के पुत्र नाहिद हसन सपा से चुनाव लड़े थे। मृगांका चुनाव हार गई थी। इस बार फिर से दोनों आमने सामने हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कैराना सीट पर चुने गए विधायक
साल विधायक पार्टी
1974 हुकुम सिंह कांग्रेस
1977 बशीर अहमद जनता पार्टी
1980 हुकुम सिंह जनता पार्टी
1985 हुकुम सिंह कांग्रेस
1989 राजेश्वर बंसल निर्दलीय
1991 मुनव्वर हसन जनता दल
1993 मुनव्वर हसन जनता दल
1996 हुकुम सिंह भाजपा
2002 हुकुम सिंह भाजपा
2007 हुकुम सिंह भाजपा
2012 हुकुम सिंह भाजपा
2014 नाहिद हसन भाजपा
कैराना विधानसभा सीट
कुल मतदाता - 317191
पुरुष मतदाता-170538
महिला मतदाता-146640

कैराना में कलस्यान चौपाल

कैराना में कलस्यान चौपाल- फोटो : SHAMLI

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed