फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   The plants that were planted with breath, died due to lack of responsibility

Shamli News: सांसों के लगाए थे जो पौधे, जिम्मेदारी के अभाव से दम तोड़ गए

Tue, 15 Jul 2025 12:17 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jul 2025 12:17 AM IST
विज्ञापन
The plants that were planted with breath, died due to lack of responsibility
जिला अस्पताल में सूखा पौधा ।संवाद
शामली। वन महोत्सव के नाम पर जिलेभर में लाखों पौधे लगाए गए, लेकिन देखरेख के अभाव में अधिकतर पौधे कुछ ही दिनों में दम तोड़ गए। कहीं पानी की कमी थी, तो कहीं जिम्मेदारी का अभाव। जिस हरियाली से भविष्य में हवा, छांव और जीवन की आशा की गई थी, वह शुरुआत में ही सूखती नजर आई।
विज्ञापन

वन विभाग के अनुसार वन महोत्सव अभियान 2025 के तहत जिले में 14 लाख 79 हजार 280 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया। पौधरोपण के लिए अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं ने मिलकर अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए। विद्यालयों, नदी किनारों, वन क्षेत्रों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर पौधे रोपे गए। लेकिन पड़ताल में सामने आया कि इन पौधों की देखरेख का कोई इंतजाम नहीं किया गया। नतीजा यह हुआ कि एक हफ्ते के भीतर ही अधिकतर पौधे सूख गए, टूट गए या उखड़ गए।
विज्ञापन

- पड़ताल के दौरान इस टीम को इस तरह का नजारा देखने को मिला...
स्थान : शामली (भैंसवाल, नवोदय विद्यालय परिसर) : 10 जुलाई को यूपी सिडको अध्यक्ष, वन विभाग अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सैकड़ों पौधे लगाए गए थे। एक सप्ताह में ही अधिकतर पौधे सूख गए। पानी की व्यवस्था नहीं की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्थान: जिला अस्पताल व विकास भवन परिसर : यहां भी पौधों की हालत खराब मिली। कई पौधे टूटे और मुरझाए मिले।
स्थान: थानाभवन (जस्सुवाला मंदिर, पंचतीर्थ आश्रम, श्मशान घाट) : नगर पंचायत के तत्वावधान में पौधरोपण तो हुआ, लेकिन देखभाल के अभाव में पौधे सूख गए।
स्थान: कैराना (अकबरपुर सुन्हैटी, बरनावी, बीबीपुर हटिया) : पूर्व प्रधान दाऊद अली ने बताया कि हर साल 20 हजार पौधे लगते हैं, लेकिन देखरेख नहीं होने के कारण अधिकतर पौधे नष्ट हो जाते हैं। कुछ दिनों में ही पौधे उखाड़ दिए जाते हैं और खेतों में फसलें बो दी जाती हैं।
स्थान : जलालाबाद (माता का टीला, देवतेश्वर मंदिर मार्ग, कब्रिस्तान मार्ग) : यहां भी अधिकांश पौधे सूख चुके हैं। कुछ टूटे हुए पड़े मिले।

- ये बोले ग्रामीण
ग्रामीण धीरजपाल, जयबीर और उम्मेद का कहना है कि सरकार पौधरोपण पर लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन देखरेख का कोई ठोस इंतजाम नहीं होता। यदि कुछ दिन तक पानी और देखरेख की व्यवस्था कर दी जाए, तो यही पौधे भविष्य में पेड़ बनकर छांव दे सकते हैं।


इन्होंने कहा

पौधरोपण कराने के बाद सभी संस्थाओं को पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यदि कहीं लापरवाही हुई है, तो संबंधित को चेतावनी दी जाएगी। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, क्षेत्रीय वन अधिकारी, वन विभाग

जिला अस्पताल में सूखा पौधा ।संवाद

जिला अस्पताल में सूखा पौधा ।संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed