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Shamli News: एंटी स्नेक वेनम समय पर मिलने से बची सर्पदंश पीड़ित महिला की जान

Sat, 23 Aug 2025 12:58 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Aug 2025 12:58 AM IST
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The life of a snakebite victim was saved due to timely availability of anti-snake venom
जिला अस्पताल में भर्ती सर्पदंश से पीड़ित महिला। संवाद
- समय रहते जिला अस्पताल ले गए परिजन, रात में घर में ही महिला को सांप ने डसा
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शहर के मोहल्ला पंसारियान में रात को घर में बुजुर्ग महिला बिमलेश (65) को सांप ने डस लिया। परिजन महिला को जिला अस्पताल ले गए। समय पर एंटी स्नेक वेनम मिलने से महिला की जान बच गई।
मोहल्ला पंसारियान निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक हरपाल सिंह की पत्नी बिमलेश बृहस्पतिवार रात करीब दस बजे बेड से पैर नीचे लटकाकर बैठी थी, उसी दौरान सांप ने उनके पैर में डस लिया। पहले तो महिला ने समझा की चूहे ने काट लिया, लेकिन जब चूहे की तलाश की तो बेड के पास सांप मिला। परिजनों ने सांप को डंडे से मारकर घर से बाहर फेंक दिया। परिजनों ने पैर पर बंध लगाया और उसे देसी घी पिलाया। उनके पति सर्पदंश की जगह कट लगाने के लिए मोहल्ले में निजी चिकित्सक के पास गए। चिकित्सक ने उन्हें पीड़ित महिला को तत्काल जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक ने महिला को एंटीस्नेक वेनम इंजेक्शन दिया। उपचार के बाद महिला की हालत में सुधार है।
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सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि सांप के डसने के बाद मरीज को झाड़फूंक के चक्कर में न पड़कर बिना देरी किए नजदीकी सीएचसी या जिला अस्पताल ले जाकर उपचार कराना चाहिए। जिला अस्पताल में अब तक 15 सर्पदंश से पीड़ित आ चुके हैं। उपचार के बाद से सभी की जान बची है। एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
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इस तरह करें बचाव
1. बरसात के मौसम में बाहर निकलते समय जूते, मोटे कपड़े की पैंट आदि पहने।
2. सांप दिखने पर पास न जाए और न ही उसे मारने की कोशिश करें, उसे बचकर जाने दें। हलचल एवं कंपन आदि से सांप दूर भागते हैं।
3. सर्पदंश पर घबराए नहीं, आराम से लेट जाएं, कपड़े ढीले कर दें, चूड़ी, कड़े, घड़ी अंगूठी जैसे आभूषण निकाल दे।
4. छोटे बच्चे, वृद्ध और अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों में जहर का असर गंभीर हो सकता है, इनके उपचार में देरी न करें।
5. घाव के साथ छेड़छाड़ न करें। दौड़ने भागने से जहर तेजी से शरीर में फैलता है।
6. सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को मदिरा, नशे की कोई चीज और कैफीनेटेड ड्रिंक्स न दें।
7. झांड़-फूंक से बचें। पीड़ित को जल्द अस्पताल ले जाएं और चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार ले।
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