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जातीय समीकरण से लगाई जा रही जीत की आस
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जातीय समीकरण से लगाई जा रही जीत की आस
शामली। विधानसभा चुनाव में जातीय समीकरण पर विचार करने के बाद भाजपा, रालोद-सपा गठबंधन और बसपा ने प्रत्याशी घोषित किए हैं। गठबंधन ने जाट-मुस्लिम और भाजपा ने जाट-गुर्जर, ठाकुर समीकरण के आधार पर चुनावी दांव चला है। थानाभवन विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा तीसरी बार और शामली विधानसभा सीट से तेजेंद्र निर्वाल दूसरी बार, कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन तीसरी बार चुनाव मैदान में उतरे हैं।
भाजपा हाईकमान ने कैराना विधानसभा सीट से भाजपा के पूर्व सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को प्रत्याशी बनाकर एक और मौका दिया है। मृगांका सिंह 2017 विधानसभा चुनाव हार गई थीं। शामली विधानसभा सीट पर भाजपा के मौजूदा विधायक तेजेंद्र निर्वाल और थानाभवन विधानसभा सीट से दो बार के विधायक रहे प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा पर विश्वास करते हुए चुनाव मैदान में उतारा है। इसी प्रकार रालोद सपा गठबंधन ने जिले में जाट मुस्लिम समीकरण के आधार शामली विधान सभा सीट से रालोद ने जाट प्रत्याशी के रूप में प्रसन्न चौधरी, थानाभवन में अशरफ अली और कैराना विधान सभा से मौजूदा सपा विधायक नाहिद हसन को प्रत्याशी बनाया है। बसपा ने शामली से जाट प्रत्याशी के रूप में विजेंद्र मलिक, कैैराना से राजेंद्र उपाध्याय को प्रत्याशी घोषित किया है।
कैराना विधानसभा : हुकुम और हसन परिवार का रहा कब्जा
कैराना विधानसभा सीट पर ज्यादातर भाजपा सांसद हुकुम सिंह और हसन परिवार काबिज रहे हैं। कैराना सीट पर सात बार 1974, 1980, 1985, 1996, 2002, 2007, 2012 तक भाजपा के हुकुम सिंह काबिज रहे। इसी प्रकार हसन परिवार के मुनव्वर हसन 1991 और 1993 में विधान सभा सीट पर काबिज रहे। हुकुम सिंह के वर्ष 2014 में कैैराना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने जाने के बाद 2015 में उप चुनाव और फिर 2017 में कैराना विधानसभा पर हसन परिवार काबिज है।
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शामली विधानसभा : दो बार जाट विधायक बने
विधानसभा शामली से अभी तक दो बार जाट विधायक बने हैं। नए परिसीमन में वर्ष 2012 में जिले की शामली विधानसभा अस्तिव में आई। पहली बार शामली विधानसभा से पंकज मलिक कांग्रेस से विधायक चुने गए। वर्ष 2017 विधानसभा में भाजपा के तेजेंद्र निर्वाल विधायक बने।
थानाभवन विधानसभा : कई जातियों का रहा कब्जा
थानाभवन विधानसभा सीट ऐसी है, जिस पर हर जाति की जीत का समीकरण रहा है। सैनी, वैश्य, ठाकुर, मुस्लिम विधायक इस सीट पर रहे हैं। मलखान सैनी, सोमांश प्रकाश, अमीर आलम खां, किरणपाल कश्यप, ठाकुर जगत सिंह, सुरेश राणा काबिज रहे।
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शामली। विधानसभा चुनाव में जातीय समीकरण पर विचार करने के बाद भाजपा, रालोद-सपा गठबंधन और बसपा ने प्रत्याशी घोषित किए हैं। गठबंधन ने जाट-मुस्लिम और भाजपा ने जाट-गुर्जर, ठाकुर समीकरण के आधार पर चुनावी दांव चला है। थानाभवन विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा तीसरी बार और शामली विधानसभा सीट से तेजेंद्र निर्वाल दूसरी बार, कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन तीसरी बार चुनाव मैदान में उतरे हैं।
भाजपा हाईकमान ने कैराना विधानसभा सीट से भाजपा के पूर्व सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को प्रत्याशी बनाकर एक और मौका दिया है। मृगांका सिंह 2017 विधानसभा चुनाव हार गई थीं। शामली विधानसभा सीट पर भाजपा के मौजूदा विधायक तेजेंद्र निर्वाल और थानाभवन विधानसभा सीट से दो बार के विधायक रहे प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा पर विश्वास करते हुए चुनाव मैदान में उतारा है। इसी प्रकार रालोद सपा गठबंधन ने जिले में जाट मुस्लिम समीकरण के आधार शामली विधान सभा सीट से रालोद ने जाट प्रत्याशी के रूप में प्रसन्न चौधरी, थानाभवन में अशरफ अली और कैराना विधान सभा से मौजूदा सपा विधायक नाहिद हसन को प्रत्याशी बनाया है। बसपा ने शामली से जाट प्रत्याशी के रूप में विजेंद्र मलिक, कैैराना से राजेंद्र उपाध्याय को प्रत्याशी घोषित किया है।
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कैराना विधानसभा : हुकुम और हसन परिवार का रहा कब्जा
कैराना विधानसभा सीट पर ज्यादातर भाजपा सांसद हुकुम सिंह और हसन परिवार काबिज रहे हैं। कैराना सीट पर सात बार 1974, 1980, 1985, 1996, 2002, 2007, 2012 तक भाजपा के हुकुम सिंह काबिज रहे। इसी प्रकार हसन परिवार के मुनव्वर हसन 1991 और 1993 में विधान सभा सीट पर काबिज रहे। हुकुम सिंह के वर्ष 2014 में कैैराना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने जाने के बाद 2015 में उप चुनाव और फिर 2017 में कैराना विधानसभा पर हसन परिवार काबिज है।
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शामली विधानसभा : दो बार जाट विधायक बने
विधानसभा शामली से अभी तक दो बार जाट विधायक बने हैं। नए परिसीमन में वर्ष 2012 में जिले की शामली विधानसभा अस्तिव में आई। पहली बार शामली विधानसभा से पंकज मलिक कांग्रेस से विधायक चुने गए। वर्ष 2017 विधानसभा में भाजपा के तेजेंद्र निर्वाल विधायक बने।
थानाभवन विधानसभा : कई जातियों का रहा कब्जा
थानाभवन विधानसभा सीट ऐसी है, जिस पर हर जाति की जीत का समीकरण रहा है। सैनी, वैश्य, ठाकुर, मुस्लिम विधायक इस सीट पर रहे हैं। मलखान सैनी, सोमांश प्रकाश, अमीर आलम खां, किरणपाल कश्यप, ठाकुर जगत सिंह, सुरेश राणा काबिज रहे।