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Shamli News: सरकार समय से चुनाव कराए या फिर प्रधानों का बढ़ाए कार्यकाल
Sat, 16 May 2026 01:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 16 May 2026 01:11 AM IST
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शामली। पंचायत चुनाव को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। मौजूदा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है, लेकिन अभी सरकार चुनाव कराने के मूड में नहीं है। जनपद में 230 ग्राम पंचायतें शामिल है। नगर पालिका में अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों ने सरकार से आग्रह किया कि यदि समय पर पंचायत चुनाव कराना संभव नहीं है तो वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए।
गांव मुंडेटकला के प्रधान सुनील कुमार, बुधपुरा गांव के प्रधानपति खालिद ने कहा कि स्थायी नेतृत्व के बिना विकास कार्यों में बाधा आ सकती है। उन्होंने सरकार से तत्काल निर्णय लेने की अपील की है ताकि ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
गांव नाला के प्रधान प्रवीण कुमार व गांव भभीसा के प्रधान हरेंद्र सिंह का कहना है कि अधूरे विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के लिए वर्तमान प्रधानों को ही तब तक जिम्मेदारी दी जानी चाहिए, जब तक नई पंचायतों का गठन नहीं हो जाता। सुनील राझड़ ने कहा कि कार्यकाल बढ़ने से योजनाओं की निरंतरता बनी रहेगी। जिले की कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार पहले ही धीमी पड़ चुकी है। जिन पंचायतों के खातों में धनराशि शेष है, वहीं सीमित कार्य जारी हैं।
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-कुछ प्रधानों की यह है राय
-प्रधान के सामने अब कई तरह की चुनौतियां आ गई है। सरकार को चुनाव न होने की स्थिति में कार्यकाल को बढ़ा देना चाहिए, जिससे गांव में उनकी भूमिका बनी रहे। इससे सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से होगा। -फूल कुमार पटनी परतापुर
-जनप्रतिनिधि सीधे जनता से जुड़े होते हैं और उनकी समस्याओं को बेहतर ढंग से समझते हैं। प्रशासक व्यवस्था आने पर निर्णय प्रक्रिया लंबी हो सकती है। सरकार को ग्रामीण हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द फैसला लेना चाहिए।-चुन्नीलाल, प्रधान प्रतिनिधि नौजल-नौजली।
-प्रधानों के सामने अब कई तरह की चुनौतियां आ गई है। सरकार को चुनाव न होने को स्थिति में कार्यकाल को बढ़ा देना चाहिए, इससे सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से होगा।-जगपाल सिंह, जानीपुर
-नई पंचायत के गठन तक मौजूदा प्रधान का कार्यकाल बढ़ाया जाना उचित होगा। कई विकास कार्य अंतिम चरण में हैं। यदि बीच में प्रशासनिक व्यवस्था लागू होती है तो योजनाओं की गति प्रभावित होगी। -मोहन, प्रधान, खेड़की
-गांवों में नाली, मार्ग और पेयजल जैसी कई योजनाएं अभी अधूरी हैं। चुनाव की अनिश्चितता से कामकाज प्रभावित हो रहा है। यदि समय रहते निर्णय नहीं हुआ तो पंचायतों में विकास पूरी तरह ठहर जाएगा।- शिवकुमार, प्रधान मुल्लापुर
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गांव मुंडेटकला के प्रधान सुनील कुमार, बुधपुरा गांव के प्रधानपति खालिद ने कहा कि स्थायी नेतृत्व के बिना विकास कार्यों में बाधा आ सकती है। उन्होंने सरकार से तत्काल निर्णय लेने की अपील की है ताकि ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
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गांव नाला के प्रधान प्रवीण कुमार व गांव भभीसा के प्रधान हरेंद्र सिंह का कहना है कि अधूरे विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के लिए वर्तमान प्रधानों को ही तब तक जिम्मेदारी दी जानी चाहिए, जब तक नई पंचायतों का गठन नहीं हो जाता। सुनील राझड़ ने कहा कि कार्यकाल बढ़ने से योजनाओं की निरंतरता बनी रहेगी। जिले की कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार पहले ही धीमी पड़ चुकी है। जिन पंचायतों के खातों में धनराशि शेष है, वहीं सीमित कार्य जारी हैं।
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-कुछ प्रधानों की यह है राय
-प्रधान के सामने अब कई तरह की चुनौतियां आ गई है। सरकार को चुनाव न होने की स्थिति में कार्यकाल को बढ़ा देना चाहिए, जिससे गांव में उनकी भूमिका बनी रहे। इससे सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से होगा। -फूल कुमार पटनी परतापुर
-जनप्रतिनिधि सीधे जनता से जुड़े होते हैं और उनकी समस्याओं को बेहतर ढंग से समझते हैं। प्रशासक व्यवस्था आने पर निर्णय प्रक्रिया लंबी हो सकती है। सरकार को ग्रामीण हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द फैसला लेना चाहिए।-चुन्नीलाल, प्रधान प्रतिनिधि नौजल-नौजली।
-प्रधानों के सामने अब कई तरह की चुनौतियां आ गई है। सरकार को चुनाव न होने को स्थिति में कार्यकाल को बढ़ा देना चाहिए, इससे सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से होगा।-जगपाल सिंह, जानीपुर
-नई पंचायत के गठन तक मौजूदा प्रधान का कार्यकाल बढ़ाया जाना उचित होगा। कई विकास कार्य अंतिम चरण में हैं। यदि बीच में प्रशासनिक व्यवस्था लागू होती है तो योजनाओं की गति प्रभावित होगी। -मोहन, प्रधान, खेड़की
-गांवों में नाली, मार्ग और पेयजल जैसी कई योजनाएं अभी अधूरी हैं। चुनाव की अनिश्चितता से कामकाज प्रभावित हो रहा है। यदि समय रहते निर्णय नहीं हुआ तो पंचायतों में विकास पूरी तरह ठहर जाएगा।- शिवकुमार, प्रधान मुल्लापुर