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Shamli News: 134 साल पुराना है कैराना बार एसोसिएशन का गौरवमयी इतिहास

Mon, 18 Dec 2023 12:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Mon, 18 Dec 2023 12:49 AM IST
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The glorious history of Kairana Bar Association is 134 years old.
कैराना (शामली)। कैराना बार एसोसिएशन को गौरवमयी इतिहास 134 साल पुराना है। 1889 में पहली बार कैराना में मुंसिफ कोर्ट खुली थी। मुंसिफ कोर्ट को आज के समय में सिविल जज जूनियर डिविजन कहा जाता है। समय आगे बढ़ता रहा और आज कैराना में जनपद न्यायालय और परिवार न्यायालय सहित 12 अदालतें अपना काम बखूबी कर रही है।
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बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेमचंद गर्ग व इंतजार अहमद ने बताया कि कैराना में पहली बार 1889 में मुंसिफ कोर्ट खुली थी। उस समय अधिवक्ता को मुख्तार कहा जाता था। 1961 में एडवोकेट एक्ट आने के बाद मुख्तार से नाम बदल कर अधिवक्ता हो गया। मुंसिफ कोर्ट बनने के करीब 90 साल बाद यहां सिविल जज सीनियर डिविजन की दो कोर्ट बनी। पहले कचहरी में 8-10 मुख्तार (अधिवक्ता) हुआ करते थेए लेकिन आज यहां 340 अधिवक्ता काम कर रहे हैं। आर्मी छोड़कर अधिवक्ता बनने के बाद स्व. सांसद बाबू हुकुम सिंह के प्रयासों से दो फरवरी 2002 में कैराना को दो अपर जिला व सत्र न्यायालय मिले।
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मुजफ्फरनगर से शामली जनपद अलग होने के बाद 13 अगस्त 2018 में यहां जनपद न्यायालय की स्थापना हुई। आज कैराना में जनपद न्यायालय, परिवार न्यायालय, चार अपर जिला सत्र न्यायालय, एक मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, दो सिविल जज सीनियर डिविजन व तीन सिविल जज जूनियर डिविजन न्याय के लिए काम कर रही है।
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पहले बार एसोसिएशन में नहीं होता था चुनाव
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेमचंद गर्ग ने बताया कि करीब 40 साल पहले बार में चुनाव नही होता था। कुछ अधिवक्ता इकट्ठा बैठकर अपनी पसंद के अधिवक्ता को अध्यक्ष बना देते थे। स्व. कौशल प्रसाद लगातार 26 साल तक अध्यक्ष पद पर रहे और सबके हित के लिए काम किया।

1990 में बनाया गया था बार भवन
अधिवक्ताओं के एक जगह बैठने के लिए 1990 में बार भवन बनाया गया था। समय आगे बढ़ता गया और बार भवन को विस्तारीकरण व सुंदरीकरण होता रहा। अभी कुछ दिन पहले ही विस्तारीकरण के बाद जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने बार भवन को लोकार्पण किया था।


दो अधिवक्ता बन गए न्यायाधीश
1999 तक कैराना कचहरी में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता रविन्द्र कुमार आज राजस्थान के जयपुर में सीबीआई के जज है। जबकि कैराना में जन्मे और कचहरी में अपनी सेवाए देने वाले अनुज मित्तल आज मध्यप्रदेश के नीमच जनपद में अपर जिला सत्र न्यायाधीश हैं।
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