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जिले को मिले इंजीनियरिंग, मेडिकल कालेज की सौगात
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शामली। जिले में इंजीनियरिंग और मेडिकल कालेज न होने से युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। उच्च शिक्षा मिलने पर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर ज्यादा मिलेंगे। युवाओं ने हायर एजुकेशन के लिए बजट मिलने की उम्मीद जताई है।
इस साल कोरोना की वजह से शिक्षा के क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं आया और न ही कोई सुधार के कार्य हुए। जिले में उच्च शिक्षा के लिए सरकारी स्तर पर न मेडिकल कालेज है और न ही इंजीनियरिंग कालेज है। युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। युवा अभिनव संगल और हर्ष मित्तल का कहना है कि इस बार के बजट में उम्मीद है कि उच्च शिक्षा के लिए जिले को इंजीनियरिंग व मेडिकल कालेज की सौगात मिलेगी।
परिषदीय विद्यालयों में सुधार को मिले बजट
परिषदीय विद्यालयों में भौतिक सुधार और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के लिए प्रोजेक्टर, एलईडी की व्यवस्था और शिक्षकों के लिए टेबलेट की व्यवस्था होनी चाहिए। गांवों में इंटरनेट की सुविधा होनी चाहिए ताकि बच्चों को ऑनलाइन क्लास या अन्य कार्यक्रमों के आयोजन में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इस साल ऑनलाइन क्लास में नेटवर्क की समस्या रही है। राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय लिलौन की प्रभारी प्रधानाध्यापिका उपमा शर्मा का कहना है कि विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के लिए बजट मिलना चाहिए। इससे शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा और भारत सरकार के डिजीटल इंडिया का सपना साकार होने में मदद मिलेगी।
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इस साल कोरोना की वजह से शिक्षा के क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं आया और न ही कोई सुधार के कार्य हुए। जिले में उच्च शिक्षा के लिए सरकारी स्तर पर न मेडिकल कालेज है और न ही इंजीनियरिंग कालेज है। युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। युवा अभिनव संगल और हर्ष मित्तल का कहना है कि इस बार के बजट में उम्मीद है कि उच्च शिक्षा के लिए जिले को इंजीनियरिंग व मेडिकल कालेज की सौगात मिलेगी।
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परिषदीय विद्यालयों में सुधार को मिले बजट
परिषदीय विद्यालयों में भौतिक सुधार और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के लिए प्रोजेक्टर, एलईडी की व्यवस्था और शिक्षकों के लिए टेबलेट की व्यवस्था होनी चाहिए। गांवों में इंटरनेट की सुविधा होनी चाहिए ताकि बच्चों को ऑनलाइन क्लास या अन्य कार्यक्रमों के आयोजन में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इस साल ऑनलाइन क्लास में नेटवर्क की समस्या रही है। राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय लिलौन की प्रभारी प्रधानाध्यापिका उपमा शर्मा का कहना है कि विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के लिए बजट मिलना चाहिए। इससे शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा और भारत सरकार के डिजीटल इंडिया का सपना साकार होने में मदद मिलेगी।
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