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घर की रसोई का बजट बढ़ा, लेकिन मिड डे मील का नहीं

Fri, 15 Apr 2022 11:21 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 15 Apr 2022 11:21 PM IST
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The budget of the kitchen of the house increased, but not for the mid-day meal
शामली। महंगाई लगातार बढ़ रही है। खाद्य तेल, दाल, सब्जी और गैस के साथ कई चीजों के दाम बढ़े हैं। लेकिन दो वर्ष से मध्याह्न भोजन योजना के लागत मूल्य में वृद्धि नहीं हुई है। पहले इसमें हर साल वृद्धि होती थी, लेकिन अप्रैल 2020 से इसमें वृद्धि ही नहीं की गई है। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध करा पाना प्रधानाध्यापकों के लिए चुनौती बना है। बच्चों को पुराने लागत मूल्य में ही भोजन परोसा जा रहा है।
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जिले में 1071 प्राथमिक विद्यालय और 425 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। जिनमें मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को निशुल्क भोजन दिया जाता है। शासन ने प्राथमिक स्तर पर 4.97 रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 7.45 रुपये प्रति छात्र की दर भोजन के लिए तय की हुई है। यह लागत मूल्य 2020 में लागू हुआ था। अब दो वर्ष बाद भी इसमें वृद्घि नहीं की गई है। जबकि खाद्य तेल, दाल, सब्जी, फल, दूध गैस आदि सभी चीजों के दाम बहुत बढ़ चुके हैं। अरहर की दाल जो 2020 में करीब 80 रुपये किलो थी, अब 130 रुपये किलो है। सरसों का तेल जो उस दौरान 100 रुपये के करीब था, अब 170 रुपये किलो है। मिर्च-मसालों के दाम भी बढ़े हैं। ऐसे में बच्चों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता क्या होगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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सरकार द्वारा मध्याह्न भोजन की दर न बढ़ाए जाने से प्रधानाध्यापकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। शहरी क्षेत्र में तो एनजीओ के माध्यम से भोजन आपूर्ति किया जाता है। लेकिन देहात क्षेत्र के स्कूलों में यह स्कूल में ही बनवाना पड़ता है। जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक पर होती है। प्रधानाध्यपक योगेश राठी का कहना है पहले हर वर्ष लागत दर बढ़ती रही है। लेकिन दो वर्ष से इसमें बढ़ोत्तरी नहीं की गई।
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पिछले वर्षों में बढ़ी कन्वर्जन कॉस्ट
वर्ष प्राथमिक स्कूल उच्च प्राथमिक स्कूल
2012 2.89 4.33
2013 3.11 4.65
2014 3.59 5.38
2015 3.76 5.64
2016 3.86 5.78
2017 4.13 6.18
2018 4.35 6.51
2019 4.48 6.71
2020 4.97 7.45
वर्जन..............
कन्वर्जन कॉस्ट का निर्धारण शासन स्तर से होता है। हर साल इसमें बढ़ोत्तरी होती रही है। कोरोना की वजह से विद्यालय बंद थे। इसलिए कन्वर्जन कॉस्ट रिवाइज नहीं की गई। जल्द ही शासन स्तर से निर्णय किए जाने की संभावना है।- राहुल मिश्रा, बीएसए।
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