{"_id":"5f42b5be8ebc3e3cb75e58d0","slug":"tb-patients-will-be-discovered-with-corona-examination-shamli-news-mrt497655344","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना की जांच के साथ टीबी के मरीजों की होगी खोज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना की जांच के साथ टीबी के मरीजों की होगी खोज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना की जांच के साथ टीबी के मरीजों की होगी खोज
शामली। स्वास्थ्य विभाग अब कोरोना की जांच के साथ टीबी रोगियों की खोज करेगा। कोरोना और टीबी रोग के कई लक्षण लगभग समान होते हैं। जांच में लक्षण वाले जो लोग कोरोना नेगेटिव पाए जाते है, उनकी स्वास्थ्य टीम जांच करेगी। अगर टीबी पाई जाती है तो उसका उपचार शुरू किया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. संजय भटनागर ने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 में लॉकडाउन के कारण सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बाधित रही है। सीएमओ के मुताबिक कोविड-19 रोग और क्षय रोग के कई लक्षण लगभग समान होते हैं। इस वजह से कोरोना के लक्षण वाले लोगों में टीबी होने की संभावना रहती है। इसलिए अब कोरोना की जांच के साथ टीबी की भी जांच की जाएगी। कोरोना की जांच में नेगेटिव पाए जाने वाले लोगों के घरों पर टीबी कर्मचारी यूनिट के सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर और टीबी हेल्थ वर्कर की टीम पहुंचेगी और उनके बारे में बुखार, खांसी, वजन कम होना, रात में पसीना आना, कांटेक्ट हिस्ट्री आदि की जानकारी करेेंगे। जिन लोगों में इस तरह के लक्षण और कांटेक्ट हिस्ट्री पाई जाएगी, उनके बलगम की सीबी-नेट आदि से जांच की जाएगी। जांच में अगर टीबी पाई जाती है तो उन्हें अस्पताल या टीबी सेंटर की तरफ से निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा और उनके खान-पान के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रति माह मरीज के बैंक खाते में दिया जाएगा। कुल मिलाकर इसका उद्देश्य जिले में टीबी रोगियों की खोज कर उनका उपचार कराना है।
विज्ञापन
शामली। स्वास्थ्य विभाग अब कोरोना की जांच के साथ टीबी रोगियों की खोज करेगा। कोरोना और टीबी रोग के कई लक्षण लगभग समान होते हैं। जांच में लक्षण वाले जो लोग कोरोना नेगेटिव पाए जाते है, उनकी स्वास्थ्य टीम जांच करेगी। अगर टीबी पाई जाती है तो उसका उपचार शुरू किया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. संजय भटनागर ने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 में लॉकडाउन के कारण सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बाधित रही है। सीएमओ के मुताबिक कोविड-19 रोग और क्षय रोग के कई लक्षण लगभग समान होते हैं। इस वजह से कोरोना के लक्षण वाले लोगों में टीबी होने की संभावना रहती है। इसलिए अब कोरोना की जांच के साथ टीबी की भी जांच की जाएगी। कोरोना की जांच में नेगेटिव पाए जाने वाले लोगों के घरों पर टीबी कर्मचारी यूनिट के सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर और टीबी हेल्थ वर्कर की टीम पहुंचेगी और उनके बारे में बुखार, खांसी, वजन कम होना, रात में पसीना आना, कांटेक्ट हिस्ट्री आदि की जानकारी करेेंगे। जिन लोगों में इस तरह के लक्षण और कांटेक्ट हिस्ट्री पाई जाएगी, उनके बलगम की सीबी-नेट आदि से जांच की जाएगी। जांच में अगर टीबी पाई जाती है तो उन्हें अस्पताल या टीबी सेंटर की तरफ से निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा और उनके खान-पान के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रति माह मरीज के बैंक खाते में दिया जाएगा। कुल मिलाकर इसका उद्देश्य जिले में टीबी रोगियों की खोज कर उनका उपचार कराना है।
विज्ञापन