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बरसात में खसरा से बचाव को बरतें सावधानी

Thu, 15 Jul 2021 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jul 2021 11:36 PM IST
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Take precautions to prevent measles in rainy season
शामली। बरसात के मौसम में मीजल्स रूबेला यानि खसरा रोग के संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इस रोग से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। चिकित्सकों का कहना है कि बचपन में ही बच्चों को खसरे का टीका लगवाने से बचाव व रोकथाम होती है।
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बरसात का मौसम शुरू हो चुका है। बरसात में मीजल्स रूबेला यानि खसरा रोग के फैलने की खतरा रहता है। इसकी वजह यह है कि यह रोग बरसात में भीगने से सर्दी, खांसी व छींकने से फैलने की संभावना रहती है। ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी यह रोग फैलता है। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों में यह रोग जल्दी होता है, हालांकि यह बीमारी बड़ों को भी होती है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर ने बताया कि इस बीमारी से बचाव के लिए बचपन में खसरे का टीका लगवाना चाहिए। उनका कहना है कि बच्चे को टीका लगा हो तो उसे खसरे का खतरा बहुत कम होता है। अगर टीकाकरण न हो तो जीवन को खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि खसरे के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराना चाहिए।
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लक्षण
- खुजली होना।
- सर्दी, जुकाम व खांसी होना।
- भूख न लगना।
- तेज बुखार होना।
- शरीर पर लाल चकत्ते होना।
- सिर दर्द, पैरों में दर्द होना।
- आंख में कंजक्टिवाइटिस होना यानि पानी आना।
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बचाव
- बरसात में भीगने से बचे।
- बारिश में भीगे कपड़ों को बदलकर साफ व सूखे कपड़े पहने।
- ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचे।
- बच्चों को समय पर खसरे का टीका लगवाएं।
- लक्षण दिखने पर चिकित्सक की सलाह ले।
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स्वास्थ्य विभाग की कार्यशाला का आयोजन
शामली। कैराना रोड स्थित रेस्तरां में विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशाला हुई, जिसमें मीजल्स रूबेला बीमारी के बारे में जानकारी दी गई। बृहस्पतिवार को कार्यशाला का उदघाटन डीएम जसजीत कौर ने किया। सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार, डब्ल्यूएचओ के एसआटीएल डॉ. महरोत्रा, एसएमओ डॉ. महिला व जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर ने मीजल्स रूबेला की जानकारी देते हुए कहा कि पहले मीजल्स के केस को पहचान के लिए पहले बुखार के साथ चकत्ते, कफ, कोराइजा व कंजक्टिवाइटिस के साथ देखा जाता था, लेकिन अब बुखार के साथ शरीर पर चकत्ते हैं तो उसे मीजल्स का संभावित केस समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीकाकरण ही इस बीमारी की रोकथाम व बचाव है। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार, डॉ. अशोक हांडा, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. तिलक सिंह, डॉ. अथर जमील आदि मौजूद रहे।
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