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शरीर की आवश्यकतानुसार ग्रहण करें भोजन: प्रवीण
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शामली राइफल क्लब में योग प्रशिक्षण शिविर का 29वां दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। आजादी के अमृत महोत्सव की शृंखला में क्रीड़ा भारती द्वारा आयोजित नि:शुल्क योग प्रशिक्षण शिविर के 29वें दिन रविवार को मुख्य वक्ता राष्ट्रीय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज झिंझाना के प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को शरीर की जरूरत के अनुसार भोजन करना चाहिए। वहीं, योग क्रिया में साधक स्वयं को चित्त से जोड़कर अभ्यास करते हैं।
शामली राइफल क्लब परिसर में आयोजित शिविर में साधकों को प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम योग को शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से ग्रहण करते हैं। इससे अपने व्यवहार, आचरण, कार्यप्रणाली समेत समग्र तंत्र को अनुकूलन का हिस्सा बनाकर स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रबंधन, विज्ञान, राजनीति, जीवनकला, धर्म, आध्यात्म आदि में सुचारू रूप से जुड़ सकते हैं। उन्होंने आहार पर बोलते हुए कहा कि हमें शरीर की आवश्यकता के अनुसार ही भोजन ग्रहण करना चाहिए। स्वाद के अनुसार नहीं। हमें दूसरे कामों की तरह ही भोजन में भी अनुशासित रहना चाहिए। इससे हमें स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।
शिविर में योगाचार्य डॉ. श्रीपाल धामा ने योग क्रिया प्रोटोकॉल के अनुसार सूक्ष्म यौगिक क्रियाओं के बाद ताड़ासन, वज्रासन, मण्डूकासन, पादहस्तासन, भुजंगासन, उष्ट्रासन सहित प्राणायाम का अभ्यास कराया। इस अवसर पर क्रीड़ा भारती विभाग संयोजक मुकेश चौधरी, जिलाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र स्वामी, अनिल शर्मा, रामेश्वर दयाल आर्य, जबर सिंह, नरेंद्र राणा, मुकीम, मुकेश मलिक, पूनम शर्मा, सीमा चौधरी, नेहा सिंह, शोभा रानी, शाइस्ता खान, शाइस्ता परवीन आदि मौजूद रहे।
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शामली। आजादी के अमृत महोत्सव की शृंखला में क्रीड़ा भारती द्वारा आयोजित नि:शुल्क योग प्रशिक्षण शिविर के 29वें दिन रविवार को मुख्य वक्ता राष्ट्रीय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज झिंझाना के प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को शरीर की जरूरत के अनुसार भोजन करना चाहिए। वहीं, योग क्रिया में साधक स्वयं को चित्त से जोड़कर अभ्यास करते हैं।
शामली राइफल क्लब परिसर में आयोजित शिविर में साधकों को प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम योग को शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से ग्रहण करते हैं। इससे अपने व्यवहार, आचरण, कार्यप्रणाली समेत समग्र तंत्र को अनुकूलन का हिस्सा बनाकर स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रबंधन, विज्ञान, राजनीति, जीवनकला, धर्म, आध्यात्म आदि में सुचारू रूप से जुड़ सकते हैं। उन्होंने आहार पर बोलते हुए कहा कि हमें शरीर की आवश्यकता के अनुसार ही भोजन ग्रहण करना चाहिए। स्वाद के अनुसार नहीं। हमें दूसरे कामों की तरह ही भोजन में भी अनुशासित रहना चाहिए। इससे हमें स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।
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शिविर में योगाचार्य डॉ. श्रीपाल धामा ने योग क्रिया प्रोटोकॉल के अनुसार सूक्ष्म यौगिक क्रियाओं के बाद ताड़ासन, वज्रासन, मण्डूकासन, पादहस्तासन, भुजंगासन, उष्ट्रासन सहित प्राणायाम का अभ्यास कराया। इस अवसर पर क्रीड़ा भारती विभाग संयोजक मुकेश चौधरी, जिलाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र स्वामी, अनिल शर्मा, रामेश्वर दयाल आर्य, जबर सिंह, नरेंद्र राणा, मुकीम, मुकेश मलिक, पूनम शर्मा, सीमा चौधरी, नेहा सिंह, शोभा रानी, शाइस्ता खान, शाइस्ता परवीन आदि मौजूद रहे।
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