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सुरक्षा का अहसास होते ही लौटा व्यापारी का परिवार
Tue, 19 Mar 2019 11:25 PM IST
NAVEEN GUPTA
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Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Tue, 19 Mar 2019 11:25 PM IST
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- फोटो : amarujala
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रंगदारी की दहशत से कैराना से पलायन करने वाले परिवारों के लौटने का क्रम जारी है। व्यापारियों का मानना है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है। लोगों का शासन और जिला प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। करीब दो साल पहले दहशत भरे माहौल के चलते परिवार को राजस्थान के उदयपुर भेजने वाला सराफ वहां शिफ्ट हुए अपने बीवी और बच्चों को फिर से कैराना ले आए।
कैराना में दशकों तक रंगदारी का दौर चला। इसके चलते कई परिवार यहां से दूसरे शहरों में बस गए। मई 2016 में भाजपा सांसद हुकुम सिंह द्वारा पलायन सूची जारी करने के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया था, लेकिन समय के साथ बदले माहौल से पलायन कर गए परिवारों का लौटना जारी है। करीब दो साल पहले मोहल्ला सरावज्ञान निवासी व्यापारी संदीप वर्मा ने दहशतजदा माहौल के चलते अपनी पत्नी, दो बेटी और एक बेटे को राजस्थान के उदयपुर शहर में भेज दिया था। उदयपुर में ही संदीप की पत्नी का मायका है। उसने वहां पर अलग मकान लेकर बच्चों के वहीं दखिले करा दिए थे और खुद कैराना में अपनी ज्वेलरी शॉप चला रहा थे। महीने में एक दो बार बच्चों से मिलने चले जाते थे।
सुरेश राणा के कहने से भी नहीं रुका था
संदीप के पलायन की खबर पर थानाभवन विधायक सुरेश राणा भी परिवार को समझाने पहुंचे थे, लेकिन संदीप नहीं माना था। बकौल संदीप उसका भी इरादा वहीं पर शिफ्ट होने का था। संदीप ने कहा कि धीरे धीरे कस्बेे का माहौल सुधरने लगा। पिछले दो साल से यहां सुकून है। इसी के चलते उसने अपने परिवार को वापस कैराना लाने का पिछले दिनों निर्णय लिया।
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रिश्तेदारों ने भी जताई थी सहमति
परिवार रिश्तेदारों से बात की, सबने उसकी बात पर सहमति जताई। संदीप सोमवार को अपने परिवार को साथ लेकर उदयपुर से लेकर कैराना आ गए हैं। वहां से पूरा सामान आदि भी यहां शिफ्ट कर लिया है। अब परिवार के साथ वे यहीं रहेंगे।
अपने घर लौटने की खुशी अलग ही होती है
व्यापारी संदीप ने कहा कि कौन नहीं चाहता अपने पुश्तैनी घर में वापस आना। अपने कस्बे की भाषा, कल्चर सब अलग है। उसका परिवार भी यहां आकर बहुत खुश है। रिश्तेदार, पड़ोसी सब उनसे मिलने आए और बधाई दी। अपने घर आकर जो खुशी मिलती है उसका मजा ही अलग होता है।
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कैराना में दशकों तक रंगदारी का दौर चला। इसके चलते कई परिवार यहां से दूसरे शहरों में बस गए। मई 2016 में भाजपा सांसद हुकुम सिंह द्वारा पलायन सूची जारी करने के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया था, लेकिन समय के साथ बदले माहौल से पलायन कर गए परिवारों का लौटना जारी है। करीब दो साल पहले मोहल्ला सरावज्ञान निवासी व्यापारी संदीप वर्मा ने दहशतजदा माहौल के चलते अपनी पत्नी, दो बेटी और एक बेटे को राजस्थान के उदयपुर शहर में भेज दिया था। उदयपुर में ही संदीप की पत्नी का मायका है। उसने वहां पर अलग मकान लेकर बच्चों के वहीं दखिले करा दिए थे और खुद कैराना में अपनी ज्वेलरी शॉप चला रहा थे। महीने में एक दो बार बच्चों से मिलने चले जाते थे।
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सुरेश राणा के कहने से भी नहीं रुका था
संदीप के पलायन की खबर पर थानाभवन विधायक सुरेश राणा भी परिवार को समझाने पहुंचे थे, लेकिन संदीप नहीं माना था। बकौल संदीप उसका भी इरादा वहीं पर शिफ्ट होने का था। संदीप ने कहा कि धीरे धीरे कस्बेे का माहौल सुधरने लगा। पिछले दो साल से यहां सुकून है। इसी के चलते उसने अपने परिवार को वापस कैराना लाने का पिछले दिनों निर्णय लिया।
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रिश्तेदारों ने भी जताई थी सहमति
परिवार रिश्तेदारों से बात की, सबने उसकी बात पर सहमति जताई। संदीप सोमवार को अपने परिवार को साथ लेकर उदयपुर से लेकर कैराना आ गए हैं। वहां से पूरा सामान आदि भी यहां शिफ्ट कर लिया है। अब परिवार के साथ वे यहीं रहेंगे।
अपने घर लौटने की खुशी अलग ही होती है
व्यापारी संदीप ने कहा कि कौन नहीं चाहता अपने पुश्तैनी घर में वापस आना। अपने कस्बे की भाषा, कल्चर सब अलग है। उसका परिवार भी यहां आकर बहुत खुश है। रिश्तेदार, पड़ोसी सब उनसे मिलने आए और बधाई दी। अपने घर आकर जो खुशी मिलती है उसका मजा ही अलग होता है।