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बकाया है गन्ना भुगतान और किसान परेशान
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इंट्रो : नए पेराई सत्र के चार माह बीतने जा रहे हैं। जिले की चीनी मिले मात्र 51 करोड़ 29 लाख रुपये का सिर्फ किसानों का भुगतान कर पाई है। किसानों का जिले की चीनी मिलों पर 532 करोड़ 95 लाख रुपये बकाया हो गया है। चीनी मिलों द्वारा बकाया गन्ना भुगतान करने देेरी किए जाने से किसानों की इस बार होली फीकी रहने की संभावना है। इसके अलावा मार्च में ही बच्चों के नए सत्र के एडमिशन और किताबें खरीदने और विवाह-शादियों के लिए पैसों की जरूरत होगी। अगर समय से गन्ना बकाया भुगतान नहीं हुआ तो किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
शामली। गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक नए पेराई सत्र में जिले की चीनी मिले 206.98 लाख क्विंटल गन्ना खरीद करके पेराई कर चुकी है। चीनी मिलें अभी 584 करोड़ 25 लाख रुपये का गन्ना खरीद पाई है। नए पेराई सत्र में सिर्फ 51 करोड़ 29 लाख रुपये का किसानों का कुल भुगतान कर पाई है। जिसमें शामली मिल पांच करोड़ 50 लाख रुपये, ऊन मिल 22 करोड़ 49 लाख रुपये, थानाभवन मिल 23 करोड़ 30 लाख रुपये का भुगतान शामिल है। जिले की चीनी मिलों पर किसानों का 532 करोड़ 95 लाख रुपये बकाया है। जिसमें शामली मिल पर 172 करोड़ 84 लाख रुपये, ऊन मिल पर 140 करोड़ 10 लाख रुपये, थानाभवन मिल पर 220 करोड़ बकाया है। पिछले दिनों किसान दिवस में भाकियू कार्यकर्ताओं ने बकाया गन्ना भुगतान का मुद्दा उठाते हुए मुजफ्फरनगर जिले की चीनी मिलों की तर्ज पर बैंकों से ऋण लेकर लिमिट बनवाकर किसानों के बकाया भुगतान करने की मांग की थी। किसानों के दबाव के बाद चीनी मिलों द्वारा बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया जा रहा है। उधर, जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह का कहना है कि जिले की चीनी मिलों पर दबाव के बाद भी किसानों का बकाया गन्ना भुुगतान नहीं कर रही है।
गन्ना मंत्री मिलों पर बनाए दबाव
बकाया गन्ना भुगतान करने में शामली जिला पिछड़ा हुआ है। पेराई सत्र का 50 फीसदी किसानों का बकाया गन्ना भुगतान होना चाहिए। प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा जिले की चीनी मिलों पर दबाव बनाकर सत्र का पचास फीसदी बकाया गन्ना भुगतान कराए। जिससे बकाया भुगतान होने पर किसानों की होली मन सके। - कपिल खाटियान, जिलाध्यक्ष भाकियू शामली।
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शामली गन्ना सहकारी समिति की बैठक में लेंगे निर्णय
बकाया गन्ना भुुगतान के लिए शामली गन्ना सहकारी समिति ने शामली मिल को बकाया गन्ना भुगतान कराए जाने के मुद्दे पर मिल प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। बीच में मिल खराबी के कारण धरना प्रदर्शन टाल दिया गया है। होली के त्योहार, बच्चों के एडमिशन और शादी विवाह में बकाया भुगतान को लेकर आगामी चार मार्च को शामली गन्ना सहकारी समिति की बैठक बुलाई है। जिसमें चीनी मिल पर बकाया भुगतान किए जाने का दबाव बनाया जाएगा। भुगतान न होने पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। - राजवीर सिंह पूर्व अध्यक्ष शामली गन्ना परिषद शामली।
23.05 लाख क्विंटल बनी चीनी के बोरे, गन्ना रिकवरी में अव्वल है मिलें
शामली। जिले की चीनी मिलें नए पेराई सत्र में 23 लाख 05 हजार क्विंटल चीनी का उत्पादन कर चुकी है। जिसमें शामली चीनी मिल 7.18 लाख क्विंटल, ऊन मिल 6.40 लाख क्विंटल, थानाभवन मिल 9.47 लाख क्विंटल चीनी के बोरो का निर्माण कर पाई। गन्ना रिकवरी के औसत से जिले की चीनी मिलों की 11.12 प्रतिशत है। जिनमें शामली मिल की 11.3 प्रतिशत, ऊन मिल की 11.8 प्रतिशत, थानाभवन मिल की 11.24 प्रतिशत है।
जिले की चीनी मिलों गन्ना खरीद और अवशेष का आंकड़ा
मिले - कुल खरीद लाख क्विंटल अवशेष भुगतान करोड़ रुपये
शामली- 62.73 लाख----- 172 करोड 84 लाख
ऊन - 58.59 लाख---- 140 करोड़ 10 लाख
थानाभवन- 85.66 लाख--- 220 करोड़ रुपये
कुल - 206.98 लाख---- 532 करोड़ 95 लाख रूपये
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शामली। गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक नए पेराई सत्र में जिले की चीनी मिले 206.98 लाख क्विंटल गन्ना खरीद करके पेराई कर चुकी है। चीनी मिलें अभी 584 करोड़ 25 लाख रुपये का गन्ना खरीद पाई है। नए पेराई सत्र में सिर्फ 51 करोड़ 29 लाख रुपये का किसानों का कुल भुगतान कर पाई है। जिसमें शामली मिल पांच करोड़ 50 लाख रुपये, ऊन मिल 22 करोड़ 49 लाख रुपये, थानाभवन मिल 23 करोड़ 30 लाख रुपये का भुगतान शामिल है। जिले की चीनी मिलों पर किसानों का 532 करोड़ 95 लाख रुपये बकाया है। जिसमें शामली मिल पर 172 करोड़ 84 लाख रुपये, ऊन मिल पर 140 करोड़ 10 लाख रुपये, थानाभवन मिल पर 220 करोड़ बकाया है। पिछले दिनों किसान दिवस में भाकियू कार्यकर्ताओं ने बकाया गन्ना भुगतान का मुद्दा उठाते हुए मुजफ्फरनगर जिले की चीनी मिलों की तर्ज पर बैंकों से ऋण लेकर लिमिट बनवाकर किसानों के बकाया भुगतान करने की मांग की थी। किसानों के दबाव के बाद चीनी मिलों द्वारा बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया जा रहा है। उधर, जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह का कहना है कि जिले की चीनी मिलों पर दबाव के बाद भी किसानों का बकाया गन्ना भुुगतान नहीं कर रही है।
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गन्ना मंत्री मिलों पर बनाए दबाव
बकाया गन्ना भुगतान करने में शामली जिला पिछड़ा हुआ है। पेराई सत्र का 50 फीसदी किसानों का बकाया गन्ना भुगतान होना चाहिए। प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा जिले की चीनी मिलों पर दबाव बनाकर सत्र का पचास फीसदी बकाया गन्ना भुगतान कराए। जिससे बकाया भुगतान होने पर किसानों की होली मन सके। - कपिल खाटियान, जिलाध्यक्ष भाकियू शामली।
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शामली गन्ना सहकारी समिति की बैठक में लेंगे निर्णय
बकाया गन्ना भुुगतान के लिए शामली गन्ना सहकारी समिति ने शामली मिल को बकाया गन्ना भुगतान कराए जाने के मुद्दे पर मिल प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। बीच में मिल खराबी के कारण धरना प्रदर्शन टाल दिया गया है। होली के त्योहार, बच्चों के एडमिशन और शादी विवाह में बकाया भुगतान को लेकर आगामी चार मार्च को शामली गन्ना सहकारी समिति की बैठक बुलाई है। जिसमें चीनी मिल पर बकाया भुगतान किए जाने का दबाव बनाया जाएगा। भुगतान न होने पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। - राजवीर सिंह पूर्व अध्यक्ष शामली गन्ना परिषद शामली।
23.05 लाख क्विंटल बनी चीनी के बोरे, गन्ना रिकवरी में अव्वल है मिलें
शामली। जिले की चीनी मिलें नए पेराई सत्र में 23 लाख 05 हजार क्विंटल चीनी का उत्पादन कर चुकी है। जिसमें शामली चीनी मिल 7.18 लाख क्विंटल, ऊन मिल 6.40 लाख क्विंटल, थानाभवन मिल 9.47 लाख क्विंटल चीनी के बोरो का निर्माण कर पाई। गन्ना रिकवरी के औसत से जिले की चीनी मिलों की 11.12 प्रतिशत है। जिनमें शामली मिल की 11.3 प्रतिशत, ऊन मिल की 11.8 प्रतिशत, थानाभवन मिल की 11.24 प्रतिशत है।
जिले की चीनी मिलों गन्ना खरीद और अवशेष का आंकड़ा
मिले - कुल खरीद लाख क्विंटल अवशेष भुगतान करोड़ रुपये
शामली- 62.73 लाख----- 172 करोड 84 लाख
ऊन - 58.59 लाख---- 140 करोड़ 10 लाख
थानाभवन- 85.66 लाख--- 220 करोड़ रुपये
कुल - 206.98 लाख---- 532 करोड़ 95 लाख रूपये