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गन्ने में बीमारियों से बचाव के लिए चीनी मिलें आगे आएं
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शामली। गन्ने में लगने वाले मुख्य कीट और चोटी भेदक, ब्लैक बाग, काला चीटा आदि रोगों के बचाव के लिए आयोजित कार्यशाला में वैज्ञानिकों ने किसानों को जागरूक किया। कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए सहारनपुर मंडल के उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्रा ने सभी शुगर मिलों के विकास के लिए संबंधित कार्य योजना पर भी चर्चा की।
सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र जलालपुर के सभागार में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ सहारनपुर मंडल के उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्रा ने किया। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल में चोटी बेदक एवं ब्लैकबग एवं रेड रोट या अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए कृषि वैज्ञानिक, चीनी मिलों के महाप्रबधंक और जिला गन्ना अधिकारियों के नेतृत्व में टीम विजिट करके कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने खासकर मंडल की चीनी मिलों के महाप्रबंधकों को गन्ने में लगने वाले बीमारियों के बचाव के लिए कार्य करें और किसानों को जागरूक करें। शामली कृषि विज्ञान केंद्र जलालपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने कहा कि गन्ने में गत वर्ष में कीटों का प्रकोप क्षेत्र में देखा गया था। इस बार गन्ने में चोटी भेदक एवं ब्लैकबग एवं रेड रोट या अन्य बीमारियां बढ़ रही है। उन्होने प्रजेंटेशन के माध्यम से सभी शुगर मिलों और किसानो को बीमारियों की रोकथाम की जा सकती है। कार्यशाला में शामली के जिला गन्ना अधिकारी डॉ. विजय बहादुर सिंह, मुजफ्फरनगर के जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी, गन्ना शोध संस्थान मुजफ्फरनगर के संयुक्त निदेशक डॉ. वीरेश कुमार के साथ शामली, मुजफफरनगर, सहारनपुर जिले की 17 चीनी मिलों के गन्ना महाप्रबंधक मौजूद रहे।
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सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र जलालपुर के सभागार में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ सहारनपुर मंडल के उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्रा ने किया। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल में चोटी बेदक एवं ब्लैकबग एवं रेड रोट या अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए कृषि वैज्ञानिक, चीनी मिलों के महाप्रबधंक और जिला गन्ना अधिकारियों के नेतृत्व में टीम विजिट करके कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने खासकर मंडल की चीनी मिलों के महाप्रबंधकों को गन्ने में लगने वाले बीमारियों के बचाव के लिए कार्य करें और किसानों को जागरूक करें। शामली कृषि विज्ञान केंद्र जलालपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने कहा कि गन्ने में गत वर्ष में कीटों का प्रकोप क्षेत्र में देखा गया था। इस बार गन्ने में चोटी भेदक एवं ब्लैकबग एवं रेड रोट या अन्य बीमारियां बढ़ रही है। उन्होने प्रजेंटेशन के माध्यम से सभी शुगर मिलों और किसानो को बीमारियों की रोकथाम की जा सकती है। कार्यशाला में शामली के जिला गन्ना अधिकारी डॉ. विजय बहादुर सिंह, मुजफ्फरनगर के जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी, गन्ना शोध संस्थान मुजफ्फरनगर के संयुक्त निदेशक डॉ. वीरेश कुमार के साथ शामली, मुजफफरनगर, सहारनपुर जिले की 17 चीनी मिलों के गन्ना महाप्रबंधक मौजूद रहे।
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